कई अध्ययनों में ये बिल्कुल स्पष्ट हो चुका है कि सेहत को ठीक रखने के लिए डाइट में सुधार करना सबसे जरूरी हो जाता है। हम जो कुछ भी खाते-पीते हैं इसका सेहत पर सीधा असर होता है। यही कारण है कि डाइट में सुधार करना सबसे जरूरी हो जाता है।
Healthy Diet: थाली तय करती है सेहत का भविष्य, जानिए आपके लिए कौन सी चीजें सबसे अच्छी और कौन सी सबसे खराब?
Healthy Rahne ke liye kya khaye: खराब खान-पान दुनियाभर में लाखों बीमारियों का बड़ा कारण है। दूसरी तरफ सही आहार शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट देता है, जिससे इम्युनिटी मजबूत रहती है और शरीर स्वस्थ बना रहता है।
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हरी पत्तेदार सब्जियां
डायटीशियन बताती हैं, हरी पत्तेदार सब्जियां बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के आहार का जरूरी हिस्सा होना चाहिए।
- पालक, मेथी, सरसों और केल जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां शरीर के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती हैं।
- इनमें आयरन, कैल्शियम, फोलेट, विटामिन ए, सी और के भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।
- अध्ययनों के अनुसार नियमित रूप से हरी सब्जियां खाने से हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज का खतरा कम होता है।
जरूर खाएं मौसमी फल
सेब, केला, संतरा, पपीता और आम जैसे मौसमी फल शरीर को जरूरी पोषण देते हैं।
- फलों में प्राकृतिक शुगर, फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट होता है जिससे शरीर को जरूरी ऊर्जा मिलती है।
- संतरा और आंवला जैसे फल विटामिन-सी का अच्छा स्रोत हैं जो इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं।
साबुत अनाज
ओट्स, ब्राउन राइस, जौ, रागी जैसे साबुत अनाज और मिलेट्स शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देते हैं।
- इनमें फाइबर, बी-विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं।
- अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार साबुत अनाज खाने से बैड कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद मिलती है। ये
- साबुत अनाज धीरे-धीरे पचते हैं जिससे ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ता।
नट्स और सीड्स
नट्स और सीड्स जैसे बादाम, अखरोट, अलसी और चिया सीड्स हेल्दी फैट, प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत हैं।
- अध्यययनों से पता चलता है कि नट्स खाने से दिल की बीमारियों का खतरा कम हो सकता है।
- अखरोट दिमाग की सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है जबकि अलसी में मौजूद ओमेगा-3 सूजन कम करने में मदद करता है।
- चिया सीड्स और फ्लैक्ससीड्स फाइबर से भरपूर होते हैं जो पाचन सुधारते हैं।
सबसे खराब खाना चीजें
तली हुई चीजें
समोसा, फ्रेंच फ्राइज और तली हुई चीजों में ट्रांस फैट और हाई कैलोरी होती है।
- ट्रांस फैट बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाकर दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ाता है।
- वहीं बार-बार गर्म किए गए तेल में हानिकारक तत्व बन सकते हैं जो शरीर में इंफ्लेमेशन बढ़ाते हैं।
- ज्यादा तला हुआ खाना मोटापा और पाचन संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है।
चिप्स-नमकीन भी सेहत के लिए ठीक नहीं
चिप्स, नमकीन और पैकेट वाले स्नैक्स में नमक, ट्रांस फैट और आर्टिफिशियल फ्लेवर अधिक मात्रा में होते हैं।
- ये खाने में स्वादिष्ट लगते हैं लेकिन शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं देते।
- ज्यादा नमक वाली ये चीजें हाई ब्लड प्रेशर का कारण बन सकती हैं। पैकेट वाली चीजों में प्रिजर्वेटिव भी होते हैं जिनका सेहत पर खतरनाक असर हो सकता है।
कोल्ड ड्रिंक्स और पैक्ड जूस
कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेट वाले मीठे पेय में बहुत अधिक चीनी होती है।
- हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के अनुसार ज्यादा शुगर वाले ड्रिंक्स मोटापा और टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम बढ़ाते हैं।
- ये शरीर में अतिरिक्त कैलोरी बढ़ाते हैं जिससे फैटी लिवर और मोटापे की समस्या हो सकती हैं।
- मीठे ड्रिंक्स ब्लड शुगर भी तेजी से बढ़ाते हैं जिससे इंसुलिन पर दबाव पड़ता है।
मैदा और रिफाइंड ब्रेड
मैदा से बनी चीजें जैसे सफेद ब्रेड, पेस्ट्री और नूडल्स में फाइबर न के बराबर होता है।
- इनके लगातार सेवन से मोटापा और इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ा सकता है।
- डॉक्टर सफेद ब्रेड की जगह मल्टीग्रेन या होल व्हीट विकल्प लेने की सलाह देते हैं ताकि शरीर को ज्यादा फाइबर और पोषण मिल सके।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।