कैंसर के बढ़ते मामले वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम का कारण बने हुए हैं। हर साल इस बीमारी के कारण लाखों लोगों की मौत हो जाती है। महिलाओं में भी कैंसर के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। साल 2022 के आंकड़ों के अनुसार भारत में महिलाओं में कैंसर होने की अनुमानित दर लगभग 105.4 प्रति एक लाख थी है, जो पुरुषों की दर से ज्यादा है। ब्रेस्ट कैंसर सबसे आम है, जिसके 27.7% मामले सामने आते हैं। इसके बाद सर्वाइकल कैंसर (16.5%) और ओवरी के कैंसर का खतरा (6.2%) देखा गया है।
Health Alert: ये काम कर लिए तो दो तरह के कैंसर से हो सकता है बचाव, महिलाओं के लिए जरूरी खबर
ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर दुनियाभर में महिलाओं में सबसे आम और जानलेवा बीमारियों में गिने जाते हैं। भारत में हर साल लाखों महिलाएं इन बीमारियों की चपेट में आती हैं। हालांकि कुछ सावधानियां बरतकर आप इन दोनों कैंसर से बचाव कर सकती हैं।
महिलाओं में कैंसर का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कैंसर के मामलों में सबसे चिंताजनक बात ये है कि ज्यादातर लोगों में शुरुआत में इसका पता ही नहीं चल पाता। जब तक पता चलता है तब तक काफी देर हो चुकी होती है। अच्छी खबर यह है कि ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर दोनों काफी हद तक रोके जा सकते हैं। समय पर जांच, जागरूकता और सही आदतें अपनाकर इनसे बचाव संभव है।
सर्वाइकल कैंसर के लिए वैक्सीन उपलब्ध है, जबकि ब्रेस्ट कैंसर को शुरुआती स्टेज में पकड़ने के लिए खुद से जांच और मैमोग्राफी जैसे टेस्ट बेहद कारगर हो सकते हैं।
सर्वाइकल कैंसर का खतरा और बचाव
सर्वाइकल कैंसर मुख्य रूप से ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) संक्रमण की वजह से होता है। ये यौन संपर्क से फैलता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कम उम्र में शादी, कई पार्टनर से संबंध और कमजोर इम्युनिटी इसके जोखिम को बढ़ाते हैं।
- इस कैंसर से बचे रहने के लिए एचपीवी वैक्सीन को सबसे कारगर माना जाता है।
- 9-26 साल की उम्र में लेने पर सबसे ज्यादा असरदार होती है।
- इसके अलावा, नियमित पैप स्मीयर टेस्ट से शरीर में होने वाले बदलावों का पता लगाया जा सकता है, जिससे कैंसर बनने से पहले ही इलाज संभव है।
- भारत में भी इसके मामले लगातार सामने आते रहे हैं, जिसकी रोकथाम के लिए सरकार ने 14 साल की उम्र की लड़कियों के लिए पूरे देश में फ्री एचपीवी वैक्सीनेशन प्रोग्राम शुरू की है।
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ब्रेस्ट कैंसर और इससे बचाव का उपाय
ब्रेस्ट या स्तन कैंसर महिलाओं में होने वाला सबसे आम कैंसर है। अध्ययनों से पता चलता है कि जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी को ये कैंसर रहा हो उनमें खतरा अधिक होता है। इसके अलावा हार्मोनल बदलाव, बढ़ती उम्र और मोटापा भी खतरे को बढ़ाने वाले हो सकते हैं। 40 की उम्र के बाद महिलाओं में इसका खतरा तेजी से बढ़ता है।
- इस कैंसर से बचाव के लिए नियमित रूप से खुद से ही ब्रेस्ट एग्जाम करें।
- शीशे के सामने खड़े होकर देखें कि स्तन में कोई बदलाव, गांठ या त्वचा के रंग में कोई परिवर्तन तो नहीं है?
- 40 की उम्र के बाद डॉक्टर की सलाह पर मैमोग्राफी कराने से कैंसर का पता शुरुआती स्टेज में लग सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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