दुनियाभर में कैंसर के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) के आंकड़ों के अनुसार, ब्रेस्ट कैंसर दुनियाभर में महिलाओं में होने वाला सबसे आम कैंसर है, जिसके हर साल लगभग 23 लाख नए मामले सामने आते हैं और इससे करीब 6.70 लाख मौतें हो जाती हैं। भारतीय महिलाओं में भी इसका खतरा काफी तेजी से बढ़ता देखा जा रहा है।
Breast Cancer: चलते समय डगमगाते हैं कदम और शरीर में रहती है कमजोरी? कहीं ये ब्रेस्ट कैंसर का संकेत तो नहीं
स्तन में गांठ या फिर आकार बदलना ही स्तन कैंसर का एकमात्र लक्षण नहीं है। चलने- फिरने में समस्या या फिर शरीर का संतुलन बिगड़ने जैसी न्यूरोलॉजिकल समस्याएं भी स्तन कैंसर के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।
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स्तन कैंसर के मामलों को लेकर अलर्ट
गौरतलब है कि स्तन कैंसर में स्तन में गांठ, स्तन के आकार में बदलाव, त्वचा के सिकुड़ने, निप्पल का अंदर की ओर धंसने या उससे असामान्य स्राव जैसी दिक्कतें होती हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि हर मरीज में बीमारी एक जैसी नहीं दिखती। कैंसर किस स्थान पर है, कितना फैल चुका है और शरीर के किन हिस्सों को प्रभावित कर रहा है, इसके आधार पर लक्षण बदल सकते हैं।
- अध्ययन में पाया गया है कि स्तन में गांठ या फिर आकार बदलना ही स्तन कैंसर का एकमात्र लक्षण नहीं है।
- चलने- फिरने में समस्या या फिर शरीर का संतुलन बिगड़ने जैसी न्यूरोलॉजिकल समस्याएं भी स्तन कैंसर के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।
- महिलाओं को इन संकेतों पर भी निरंतर गंभीरता से ध्यान देते रहना चाहिए।
अध्ययन में क्या पता चला?
एनल्स ऑफ इंडियन एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने स्तन कैंसर के नए संकेतों को बारे में बताया है।
- ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय, केजीएमयू लखनऊ सहित कई अन्य संस्थानों के साझा अध्ययन में यह बात सामने आई है। केजीएमयू में न्यूरोलॉजी विभाग के पूर्व एवं एरा मेडिकल कॉलेज में न्यूरोलॉजी के वर्तमान विभागाध्यक्ष प्रो. आरके गर्ग ने इस अध्ययन की अगुवाई की।
- इसमें दुनियाभर में प्रकाशित 17 अध्ययनों का विश्लेषण किया गया।
- शोधकर्ताओं ने पाया कि शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कैंसर कोशिकाओं और तंत्रिका तंत्र में मौजूद समान प्रोटीनों पर एक साथ हमला कर देती है।
- इस वजह से शरीर में इनके खिलाफ प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया हो जाती है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि यदि किसी महिला में बिना स्पष्ट कारण के अचानक संतुलन बिगड़ना, पार्किंसन जैसे लक्षण, शरीर में अकड़न या आंखों की असामान्य गतिविधियां हों तो चिकित्सकों को स्तन कैंसर की भी जांच करनी चाहिए। कैंसर का जल्द पता लगने से इलाज आसान हो सकता है।
77% मामलों में बीमारी से पहले नजर आए लक्षण
स्तन कैंसर से जुड़े न्यूरोलॉजिकल विकारों में सबसे अधिक मामले सेरिबेलर सिंड्रोम (मस्तिष्क के संतुलन नियंत्रित करने वाले हिस्से की बीमारी) के पाए गए।
- कुल मामलों में से करीब 77 प्रतिशत मरीजों में न्यूरोलॉजिकल लक्षण कैंसर की पहचान से पहले सामने आए।
- इनमें चलने में लड़खड़ाहट, बोलने में दिक्कत, चक्कर, आंखों की असामान्य गतिविधियां और कंपकंपी जैसे लक्षण शामिल थे।
- सेरिबेलर मामलों में 60.9 प्रतिशत मरीजों की स्थिति स्थिर रहने या बिगड़ने की रिपोर्ट मिली, जबकि 26.8 प्रतिशत मरीजों की मृत्यु हो गई।
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स्रोत:
Movement Disorders Associated With Breast Cancer: A Systematic Review
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