खान-पान और लाइफस्टाइल की गड़बड़ी ने हमारी सेहत को बुरी तरह से प्रभावित किया है, लिहाजा कई बीमारियां जो पहले उम्र बढ़ने के साथ हुआ करती थीं वह अब कम उम्र वालों में भी देखी जा रही हैं। कम उम्र में हड्डियां कमजोर हो रही हैं, आर्थराइटिस का खतरा बढ़ता जा रहा है। इन समस्याओं के लिए शरीर में कैल्शियम की कमी एक बड़ा कारण हो सकती है।
Low Calcium: कैल्शियम की कमी से दांत-हड्डियां ही नहीं दिल भी हो जाता है कमजोर, इन लक्षणों पर दें ध्यान
खानपान में गड़बड़ी, धूप की कमी और फास्ट फूड की बढ़ती आदतों के कारण हर उम्र के लोगों में कैल्शियम की कमी तेजी से बढ़ रही है। इसका सिर्फ दांत और हड्डियों पर ही असर नहीं पड़ता, इससे पूरी सेहत प्रभावित हो सकती है।
कैल्शियम की कमी का बढ़ता खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, लाइफस्टाइल और खानपान की गड़बड़ी, धूप की कमी और फास्ट फूड्स की बढ़ती आदतों के कारण लोगों में लो कैल्शियम की समस्या तेजी से बढ़ रही है। धीरे-धीरे यही कमी दांतों को कमजोर बनाने लगती है, हड्डियों की डेंसिटी घटने लगती है और शरीर अंदर से खोखला हो जाता है।
- जब शरीर को पर्याप्त कैल्शियम नहीं मिलता, तो वह हड्डियों में जमा कैल्शियम को इस्तेमाल करना शुरू कर देती है। इससे हड्डियां पतली और कमजोर होने लगती हैं।
- इसके अलावा कैल्शियम की कमी मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन, थकान महसूस होने, हाथ-पैरों में झुनझुनी और यहां तक कि दिल की धड़कनों पर भी असर डाल सकती है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ डॉ. नितिन कुमार कहते हैं, कैल्शियम की कमी का असर आपकी मांसपेशियों पर भी पड़ सकता है। कैल्शियम हमारे शरीर के लिए अहम मिनरल है। हमारे कई मसल्स फंक्शन जैसे मसल्स कॉन्ट्रेक्शन, नर्व सिग्नल आदि में भी कैल्शियम अहम भूमिका निभाता है। अगर हमारे शरीर में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम न हो, तो ब्लड क्लॉटिंग की जटिल प्रक्रिया भी बाधित हो सकती है।
शरीर में लो कैल्शियम के कारण मांसपेशियां अपने आप सिकुड़ने लगती है। इससे स्टिफनेस आ जाती है, असहजता बढ़ जाती है। नतीजतन, मांसपेशियों में अकड़न, पैरों में दर्द जैसी कई समस्याएं पैदा हो जाती हैं।
- कैल्शियम की कमी की वजह से पीठ में भी दर्द बढ़ने लगता है।
- शरीर में कैल्शियम की कमी की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
- अगर लंबे समय तक कैल्शियम की कमी को इग्नोर करते हैं, तो कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
- इसमें याद्दाश्त कमजोर होना, मिर्गी के दौरे पड़ना और हार्ट प्रॉब्लम होना शामिल हैं।
डॉ नितिन कहते हैं, शरीर सही ढंग से काम करे, इसके लिए कैल्शियम बहुत जरूरी है। नियमित रूप विटामिन-डी का सेवन करें, जिससे कैल्शियम का अवशोषण बढ़ सके। नियमित वर्कआउट भी जरूरी है।
इन समस्याओं का भी रहता है खतरा
शरीर में लगभग 99% कैल्शियम हड्डियों और दांतों में स्टोर रहता है। जब डाइट से पर्याप्त कैल्शियम नहीं मिलता तो शरीर हड्डियों से कैल्शियम निकालना शुरू कर देता है, जिससे हड्डियां धीरे-धीरे पतली और कमजोर होने लगती हैं। कैल्शियम की कमी से कई और भी दिक्कतें बढ़ जाती हैं।
- कैल्शियम हृदय स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है। यह दिल की मांसपेशियों को सही तरीके से सिकुड़ने और फैलने में मदद करता है। इसकी कमी होने पर हार्टबीट अनियमित हो सकती है।
- अगर आप बिना ज्यादा काम किए भी हर समय थकान महसूस करते हैं, तो इसका एक कारण कैल्शियम की कमी भी हो सकती है।
- कैल्शियम नसों के सही कामकाज के लिए जरूरी मिनरल है। इसकी कमी होने पर हाथ-पैरों, उंगलियों या चेहरे में झुनझुनी, सुन्नपन या चुभन महसूस हो सकती है।
- बच्चों के शरीर के विकास के लिए कैल्शियम बहुत जरूरी है। इसकी कमी बच्चों की हाइट को प्रभावित कर सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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