लाइफस्टाइल की गड़बड़ी मौजूदा समय की आधे से ज्यादा स्वास्थ्य समस्याओं का प्रमुख कारण है। लोगों में जिस तरह से शारीरिक निष्क्रिता बढ़ती जा रही है, इस वजह से कंधे-कमर, पीठ और जोड़ों में दर्द की समस्या भी बढ़ती जा रही है। क्या आप भी लंबे समय से गर्दन या पीठ के दर्द से परेशान हैं? कहीं आपको फेसेट जॉइंट सिंड्रोम की दिक्कत तो नहीं हो गई है।
Facet Joint Syndrome: गर्दन-पीठ के दर्द ने जीना कर दिया है मुश्किल? कहीं ये फेसेट जॉइंट सिंड्रोम तो नहीं
कई लोगों को गर्दन घुमाने या झुकाने में कठिनाई होती है और गर्दन में जकड़न महसूस होती है। अगर यह समस्या कमर के हिस्से में हो तो कमर में भारीपन और चलने-फिरने में दर्द बढ़ सकता है। कहीं आपको फेसेट जॉइंट सिंड्रोम की समस्या तो नहीं है?
ये समस्या होती क्या है?
फेसेट जॉइंट सिंड्रोम एक ऐसी स्थिति है जिसमें रीढ़ की हड्डी के फेसेट जॉइंट दर्द का कारण बनते हैं। रीढ़ की हड्डी के पीछे मौजूद छोटे-छोटे जोड़ों को फेसेट जॉइंट कहा जाता है। जब इनमें सूजन, घिसाव होता है तो आपको दर्द की समस्या महसूस होने लगती है।
- रीढ़ की हड्डी में हर कशेरुका के बीच दो-दो फेसेट जॉइंट होते हैं, जो शरीर को झुकने, मुड़ने और घूमने में मदद करते हैं।
- उम्र बढ़ने के कारण, किसी चोट या अधिक दबाव की वजह से जब इन जोड़ों में समस्या आती है तो इसे फेसेट जॉइंट सिंड्रोम कहा जाता है।
- फेसेट जॉइंट सिंड्रोम के कारण कई बार इतना दर्द हो सकता है कि आपका सामान्य कामकाज तक प्रभावित हो सकता है।
फेसेट जॉइंट सिंड्रोम क्यों होता है?
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि फेसेट जॉइंट सिंड्रोम कई वजहों से हो सकता है। ये दिक्कत सबसे ज्यादा उम्र बढ़ने के साथ होता है।
- उम्र बढ़ने के साथ जोड़ों में घिसाव होने लगता है। जोड़ों में मौजूद कार्टिलेज कमजोर होने लगता है, जिससे आपस में रगड़ बढ़ती है दर्द शुरू हो सकता है।
- गलत पॉश्चर भी इस बढ़ती समस्या का कारण है, जिससे कम उम्र के लोग भी इसका शिकार होते जा रहे हैं।
- लंबे समय तक मोबाइल चलाना या लगातार बैठकर काम करने से स्पाइन पर दबाव बढ़ जाता है। इससे फेसेट जॉइंट में सूजन और दर्द हो सकती है।
- कुछ मामलों में स्पाइन में चोट लगना, भारी वजन उठाना, मोटापा और शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण भी दिक्कत बढ़ सकती है।
कहीं आप भी तो नहीं हो गए हैं इसका शिकार?
कहीं आपके गर्दन-कमर में होने वाला दर्द भी फेसेट जॉइंट सिंड्रोम तो नहीं है, इसके लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है।
- आमतौर पर गर्दन या कमर में लगातार दर्द होना इसका संकेत है।
- यह दर्द अक्सर सुबह उठते समय या लंबे समय तक बैठने के बाद ज्यादा महसूस होता है।
- गर्दन घुमाने या झुकाने में कठिनाई हो सकती है और गर्दन में जकड़न महसूस होती है।
- कमर के हिस्से में दिक्कत होने पर चलने-फिरने में भी समस्या हो सकती है।
इससे बचने के लिए क्या करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आप कुछ जोखिमों को लेकर सावधानी बरतकर फेसेट जॉइंट सिंड्रोम से बचाव कर सकते हैं।
- जो लोग लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं उनमें यह समस्या ज्यादा देखी जाती है।
- लगातार गलत पॉश्चर में बैठने या झुककर काम करने से रीढ़ के जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
- इसके अलावा भारी वजन उठाने, जिम में गलत तरीके से एक्सरसाइज करने वाले लोगों में भी यह समस्या हो सकती है।
- मोटापा भी फेसेट जॉइंट सिंड्रोम को बढ़ाने वाली दिक्कत है। ज्यादा वजन होने से रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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