देश में कोरोना के बढ़ते दैनिक मामलों के बीच शुक्रवार को एक दिन में रिकॉर्ड दो करोड़ से अधिक कोविड टीके लगाए गए हैं। दिल्ली स्थित एम्स के डॉ. पीयूष रंजन कहते हैं, 'भारत के लिए यह काफी बड़ी उपलब्धि है। कोरोना की इस लड़ाई में हम जनता के सहयोग से आगे बढ़ रहे हैं। लेकिन इसके साथ, ये भी समझना होगा कि 78 करोड़ के करीब जो वैक्सीनेशन (टीकाकरण) हुआ है, उसमें ज्यादातर लोगों को पहली डोज ही लगी है। इसलिए हमें लापरवाही नहीं करनी है और दूसरी डोज के लिए भी ध्यान से तारीख पर जा कर लगवाना है। ये भी ध्यान रखना है कि वैक्सीन केवल बीमारी की गंभीरता को कम करती है। वैक्सीन से पहले, लगवाने जाते समय और वैक्सीनेशन के बाद हमें कोविड नियमों का पालन करना होगा।' आइए डॉ. पीयूष से जानते हैं कोरोना वायरस और वैक्सीन से जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब...
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कोरोना वायरस: क्या हम हर्ड इम्यूनिटी की ओर बढ़ चुके हैं? विशेषज्ञ से जानें
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Sat, 18 Sep 2021 03:53 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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क्या हम हर्ड इम्यूनिटी की ओर बढ़ चुके हैं?
- डॉ. पीयूष रंजन कहते हैं, 'हर्ड इम्यूनिटी वो स्थिति है, जहां कोई नई बीमारी आती है और वह शुरू में पैंडेमिक (वैश्विक महामारी) की तरह होती है और धीरे-धीरे एक विकराल रूप धारण करके धीरे-धीरे खत्म हो जाती है। इसमें उस क्षेत्र के लोग या तो इम्यूनिटी पा लें, यह या तो बीमारी से हो या वैक्सीन लेकर हो। भारत में 130 करोड़ जनता मानकर चलें तो अगर 100 करोड़ जनसंख्या के करीब पहुंचे, तब हर्ड इम्यूनिटी हो सकती है। लेकिन अभी जब दोनों टीके हो जाएंगे, तब ही कुछ कह सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि कोविड से सुरक्षित रहने के सभी नियमों का पालन करें।'
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
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वैक्सीन की पहली डोज का सर्टिफिकेट नहीं मिला है, क्या दोबारा लेना पड़ेगा?
- डॉ. पीयूष रंजन कहते हैं, 'हमें कुल मिलाकर दो ही डोज लेनी है। वैक्सीन की दोनों डोज एक ही हैं, इंजेक्शन में वही दवा होती है। इसे सिर्फ दो बार में दिया जाता है। इसलिए आपको दो डोज लेनी हैं, किसी को भी पहली मानें या दूसरी। हां, अगर आपका सर्टिफिकेट अपडेट नहीं हुआ है तो संबंधित अधिकारी या सेंटर पर जा कर संपर्क करें और उसे अपडेट करा लें।'
कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
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क्या वैक्सीन की दूसरी डोज किसी और कंपनी की ले सकते हैं?
- डॉ. पीयूष रंजन कहते हैं, 'पहली डोज के बाद दूसरी डोज किसी और कंपनी यानी मिक्स मैच वैक्सीन अभी हमारे राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान में शामिल नहीं है। इसपर स्टडी के बाद जैसे ही सरकार आदेश देगी, तभी इसका प्रयोग किया जाएगा। लेकिन तब तक हमें एक ही कंपनी की दोनों डोज लेनी है। हां, हो सकता है कि किसी क्षेत्र में उस वक्त वैक्सीन की डोज न मिल पाए, इसके लिए आप कुछ दिन इंतजार कर लें, कुछ दिन आगे-पीछे होने पर कोई समस्या नहीं है।'
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निपाह वायरस पर विशेषज्ञ की राय
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निपाह वायरस के लक्षण क्या होते हैं, किस उम्र के लोग ज्यादा प्रभावित होते हैं?
- डॉ. पीयूष रंजन कहते हैं, 'कोविड वायरस में मुख्य लक्षण रेस्पिरेटरी सिस्टम से संबंधित होते हैं, जैसे सर्दी, खांसी, नाक बहना और सांस में तकलीफ। निपाह वायरस में रेस्पिरेटरी के अलावा सेरेब्रल लक्षण भी आते हैं, जैसे तेज बुखार के साथ चमकी का आना आदि। कोरोना ड्रॉपलेट और एयरोसोल से फैलता है। निपाह के इंफेक्शन में अगर किसी फल को जंगली चमगादड़ खा ले तो फल में वायरस आ जाता है और लोग जब उसे खाते हैं तो संक्रमित हो सकते हैं। निपाह की अभी तक कोई वैक्सीन नहीं आई है। जिस तरह से कोविड सभी में हो सकता है, वैसे ही निपाह भी किसी को भी हो सकता है।'