Medically Reviewed by Dr. Ambika Prasad Yadav
डायबिटीज वैसे तो एक आम बीमारी है, लेकिन यह तेजी से बढ़ती जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, दुनियाभर में 42 करोड़ से भी अधिक लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं, जबकि हर साल करीब 16 लाख मौतें सीधे तौर पर डायबिटीज के कारण होती हैं। इसलिए इसके मरीजों को खानपान से लेकर पूरी जीवनशैली पर विशेष ध्यान देना पड़ता है। दरअसल, डायबिटीज में सबसे बड़ी दिक्कत होती है ब्लड शुगर लेवल का बढ़ना या घटना। शुगर लेवल बढ़ जाने पर कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ठीक से नींद न आना, बहुत प्यास लगना, बार-बार पेशाब लगना और धुंधला दिखाई देना, शुगर लेवल बढ़ने के संकेत हैं, जबकि भूख लगना, पसीना आना, बेचैनी और चिड़चिड़ापन महसूस होना, शुगर लेवल घटने के संकेत हैं। इसके अलावा कुछ ऐसी बातें भी हैं, जिन्हें टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों को भूलकर भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आइए जानते हैं इनके बारे में...
सावधान: टाइप-2 डायबिटीज के मरीज भूलकर भी न करें इन संकेतों को अनदेखा, पड़ सकता है भारी
घाव का जल्दी नहीं भरना
- अगर आपके पैर पर लगा कट या घाव जल्दी नहीं भर रहा है, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह डायबिटीक न्यूरोपैथी का संकेत हो सकता है। यह एक तंत्रिका की समस्या है, जो शरीर के विभिन्न हिस्सों के सुन्न पड़ जाने और उनमें दर्द, सूजन, या मांसपेशियों में कमजोरी का कारण बनती है। यह समस्या आमतौर पर हाथ या पैरों में शुरू होती है। विशेषज्ञ कहते हैं कि ऐसा लंबे समय तक ब्लड शुगर लेवल बढ़े रहने की वजह से होता है।
आंखों के नीचे काले धब्बे होना
- डायबिटीज की वजह से आंखों को भी बहुत नुकसान पहुंचता है। दरअसल, जब ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है तो रेटिना की रक्त वाहिकाओं के क्षतिग्रस्त होने और आंखों की रोशनी चले जाने का खतरा रहता है। इस स्थिति को डायबिटिक रेटिनोपैथी कहते हैं। आंखों के नीचे काले धब्बों का बढ़ना इसका संकेत हो सकता है, जिसपर ध्यान देने की जरूरत होती है।
ठीक से न सुनाई देना
- ब्लड शुगर लेवल के बढ़ने या घटने का असर शरीर के कई अंगों पर पड़ता है। दरअसल, रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचने के कारण ठीक से न सुनाई देने या कम सुनाई देने की समस्या पैदा हो जाती है। इसलिए इसे कभी भी नजरअंदाज करने की गलती न करें।
थकान या सुस्ती महसूस होना
- जब शुगर लेवल बढ़ जाता है तो शरीर के अलग-अलग हिस्सों में ठीक तरीके से ब्लड सप्लाई नहीं हो पाता है। ऐसे में जरूरत से ज्यादा थकान या सुस्ती महसूस होने लगती है। इन लक्षणों को नजरअंदाज करने की गलती बिल्कुल नहीं करनी चाहिए।
नोट: डॉ. अंबिका प्रसाद यादव, वाराणसी के उजाला सिग्नस अस्पताल में इंटरनल मेडिसिन, डायबिटीज और हाइपरटेंशन कंसल्टेंट हैं। इन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से मेडिसिन में एमबीबीएस और एमडी किया है।
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