Covid-19: एशिया से लेकर अमेरिका तक पिछले कुछ दिनों से कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। भारतीय आबादी भी इस प्रकोप की चपेट में है। यहां 10 दिनों में संक्रमितों की संख्या में बड़ा उछाल आया है।
Covid-19: एक ही दिन में कोरोना से चार की मौत, मरीजों को क्या दिक्कत थी और कितना गंभीर था संक्रमण? जानिए सबकुछ
Covid-19: कोविड डैशबोर्ड के मुताबिक देश में पिछले 24 घंटे में (30 मई से 31 मई तक) 4 लोगों की मौत हुई है। आइए जानते हैं कि इन मरीजों को क्या हुआ था और इनमें कितना गंभीर संक्रमण था? मौत के ये चारों मामले दिल्ली, कर्नाटक, केरल और उत्तर प्रदेश में रिपोर्ट किए गए हैं।
ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट्स साबित हो रहे घातक
भारत में कोरोना के जिन वैरिएंट्स के कारण संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं, उन्हें अब तक के अध्ययनों में ज्यादा गंभीर रोग बढ़ाने वाला नहीं पाया गया था। हां, विशेषज्ञ ये जरूर बताते रहे हैं कि ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स (भारत में मुख्यरूप से NB.1.8.1 और LF.7) की संक्रामकता दर अधिक है, इसके अलावा ये वैरिएंट्स शरीर में बनी प्रतिरक्षा प्रणली को भी आसानी चकमा देने में सफल हो रहे हैं, इसलिए इनसे कोई भी संक्रमित हो सकता है।
पर संक्रमण से मौत के बढ़ते मामले डराने वाले हैं।
सभी मृतक कोमोरबिडिट का थे शिकार
कोविड डैशबोर्ड के मुताबिक देश में पिछले 24 घंटे में (30 से 31 मई तक) 4 लोगों की मौत हुई है। आइए जानते हैं कि इन मरीजों को क्या हुआ था और इनमें कितना गंभीर संक्रमण था? मौत के ये चारों मामले दिल्ली, कर्नाटक, केरल और उत्तर प्रदेश में रिपोर्ट किए गए हैं।
- दिल्ली (1 मौत)- 71वर्षीय व्यक्ति को कोरोना के साथ निमोनिया, सेप्टिक शॉक के साथ एक्यूट किडनी इंजरी की शिकायत थी।
- कर्नाटक (1 मौत) - यहां 63 वर्षीय पुरुष की मौत हुई है। उसे मल्टीपल ऑर्गन डिसफंक्शन सिंड्रोम हो गया था। ये ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में दो या दो से अधिक अंग प्रणालियां ठीक से काम नहीं करती हैं। इसके अलावा वह एक्यूट किडनी इंजरी, निमोनिया और हाइपोनेट्रेमिया (रक्त में सोडियम का स्तर सामान्य से कम होना) का भी शिकार था।
- केरल (1 मौत) - यहां 59 वर्षीय पुरुष कोरोनरी आर्टरी डिजीज के कारण अस्पताल में भर्ती था, जिसे बाद में संक्रमित पाया गया। इसके अलावा उसे निमोनिया, टाइप II रेस्पिरेटरी फेलियर, सेप्टिक शॉक की भी दिक्कत थी।
- उत्तर प्रदेश (1 मौत)- यहां संक्रमण से 23 वर्षीय युवक की मौत हुई है उसे एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया था। उसे भी पहले से कोमोरबिडिट की शिकायत थी, हालांकि इसके रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है।
मौत की वजह क्या है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं जिन लोगों की कोरोना से मौत हो रही है उनमें से अधिकतर वे लोग हैं जिन्हें कोमोरबिडिटी रही है यानी वो पहले से एक से अधिक क्रॉनिक बीमारियों (डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, हृदय रोग) का शिकार रहे हैं। ऐसे लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिसके चलते संक्रमण के गंभीर रूप लेने का खतरा हो सकता है।
फिलहाल एहतियातन सभी लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करते रहना जरूरी है, वो लोग खास ध्यान रखें जिन्हें कोमोरबिडीटी की समस्या है, 65 साल से अधिक हैं या फिर रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है।
अमेरिका में संक्रमण से हो रही मौतें
सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने हाल ही में आंकड़े जारी किए जिसके अनुसार, पिछले हफ्ते अमेरिका में 350 से अधिक लोगों की मौतें हुई। हालांकि इसमें से ज्यादातर मौतें उन लोगों की देखी गई हैं, जो उच्च जोखिम वाले जैसे पहले से कोमोरबिडिटी के शिकार या फिर कमजोर इम्युनिटी वाले थे।
वैक्सीनोलॉजिस्ट और एट्रिया रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. ग्रेगरी पोलैंड ने कोविड से संबंधित मौतों की संख्या में वृद्धि के प्रमुख कारण के रूप में वैक्सीनेशन न कराने, या फिर अपडेटेड वैक्सीन न लेने को प्रमुख माना है। यहां पढ़िए पूरी खबर
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