देशभर में गर्मियों की शुरुआत हो गई है। तापमान बढ़ने लगा है, साथ ही बढ़ने लगा है कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, गर्मियों का मौसम हमारी सेहत के लिए कई तरह से चुनौतीपूर्ण हो जाता है। तेज धूप-लू के कारण हीट स्ट्रोक और भोजन में अशुद्धि के चलते फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याओं का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को इस मौसम में अपनी सेहत को लेकर खास सावधानी बरतते रहने की सलाह देते हैं।
Health Alert: डिहाइड्रेशन इतना खतरनाक हो सकता है सोचा भी नहीं होगा आपने, कैंसर तक का बन सकता है कारण
गर्मियों में डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी होने की समस्या भी काफी बढ़ जाती है। डिहाइड्रेशन को वैसे तो हम सभी काफी हल्के में लेते हैं, पर ये छोटी सी समस्या कई बार बड़ी मुसीबतों का कारण भी बन सकती है। ये कैंसर तक का खतरा बढ़ाने वाली हो सकती है।
डिहाइड्रेशन और इसके खतरे
डिहाइड्रेशन को आसान भाषा में समझें तो ये शरीर में पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे सोडियम, पोटैशियम की कमी की समस्या है। हमारा शरीर लगभग 60% पानी से बना होता है और यही पानी खून को बहने, दिमाग के काम करने, शरीर का तापमान नियंत्रित रखने और किडनी को विषैले तत्व बाहर निकालने में मदद करती है।
- गर्मियों में कई स्थितियां जैसे पसीना ज्यादा आना, उल्टी-दस्त, बुखार या कम पानी पीने से शरीर में तरल की कमी होने लगती है।
- तेज धूप और लू के कारण शरीर का तापमान बढ़ जाता है। ऐसे में शरीर तापमान को कंट्रोल करने के लिए ज्यादा पसीना निकलता है, इससे भी डिहाइड्रेशन का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
- ऐसे में अगर आप कम पानी पीते हैं और इसके कारण होने वाला डिहाइड्रेशन आपके लिए दिक्कतें बढ़ा सकता है।
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मानसिक स्थिति से लेकर किडनी तक की समस्याएं
जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो दिमाग तक खून और ऑक्सीजन की सप्लाई भी प्रभावित होती है। इससे भ्रम, चिड़चिड़ापन, याददाश्त में कमी और गंभीर स्थिति में बेहोशी तक हो सकती है। अध्ययनों में पाया गया है कि शरीर में पानी की कमी कॉग्निटिव परफॉर्मेंस पर असर डाल सकती है।
मस्तिष्क की समस्याओं के साथ डिहाइड्रेशन के चलते किडनी भी दिक्कतों में पड़ सकती है। किडनी खून से गंदगी छानकर पेशाब के जरिए बाहर निकालती रहती है। ऐसे में शरीर में पानी की कमी होने पर किडनी पर दबाव बढ़ता है, जिससे पथरी, यूरिन इंफेक्शन और गंभीर मामलों में एक्यूट किडनी फेल्योर का खतरा बढ़ सकता है।
कैंसर का भी हो सकता है खतरा
क्या आप जानते हैं कि अगर आपमें लंबे समय से डिहाइड्रेशन की दिक्कत बनी हुई है तो इससे कुछ प्रकार के कैंसर का जोखिम भी बढ़ जाता है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पानी कितना जरूरी है ये जानते हुए भी अधिकतर लोग रोजाना 2-3 लीटर पानी नहीं पीते हैं।
- पैंक्रियाटिक कैंसर एक्शन के फार्मासिस्ट एम्बेसडर डॉ एडे विलियम्स कहते हैं, पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन पैंक्रियाज के एंजाइम बनाने की प्रक्रिया पर असर डाल सकती है, जिससे शरीर में पाचन और पोषक तत्वों के अवशोषण की गति धीमी हो जाती है।
- अपने शरीर को एक इंजन की तरह समझें, पानी पीने से यह इंजन ठीक से चलता रहता है।
- भले ही आप एक्टिव हों और अच्छा खाना खाते हों, लेकिन शरीर में पानी की कमी होने पर आपके शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे कैंसर का भी जोखिम हो सकता है।
पैंक्रियाज में कैंसर होने का जोखिम
डॉ एडे विलियम्स कहते हैं, अध्ययनों में पाया गया है कि डिहाइड्रेशन के कारण पैंक्रियाज तक ब्लड फ्लो कम (पैंक्रियाटिक इस्कीमिया) हो जाता है जो समय के साथ एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस का कारण बन सकती है। पैंक्रियाटाइटिस का अगर समय पर इलाज न हो पाए तो इसके कारण पैंक्रियाज में कैंसर होने का जोखिम भी बढ़ जाता है। इसलिए जरूरी है कि हम सभी रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहे।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अपने साथ हमेशा पानी की बोतल रखें। मीठे ड्रिंक्स के बजाय पानी या बिना चीनी वाली हर्बल टी पिएं। शरीर में पानी का सही स्तर बनाए रखने से न केवल पूरे शरीर का स्वास्थ्य बेहतर रहता है, बल्कि पैंक्रियाज को भी मदद मिलती है।
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स्रोत:
Acute pancreatitis secondary to dehydration: case report and review of the literature
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