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Benefits of Baby Massage: बच्चों की मालिश करना कितना सही? यहां जानें इसके फायदे और सावधानी
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Thu, 09 Apr 2026 04:40 PM IST
सार
Does Massage of Baby is Good or Bad: यदि आपके घर में नन्हा बच्चा है तो आपसे भी किसी न किसी ने कहा होगा कि इसका मालिश करो। ये सलाह कितनी सही है आज हम इसी बारे में आपसे बात करेंगे।
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बच्चों की मालिश करना सही या गलत?
- फोटो : Adobe stock
Does Massage of Baby is Good or Bad: अक्सर बड़े या परिवार के सदस्य सलाह देते हैं कि नवजात की मालिश से बच्चा स्वस्थ और खुश रहता है, लेकिन बहुत से डॉक्टर ऐसा करने से मना करते हैं और माता-पिता को इसके साइड इफेक्ट गिनवा देते हैं।
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बच्चों की मालिश करना सही या गलत?
- फोटो : Adobe stock
मालिश करनी चाहिए या नहीं?
नवजात बच्चे की मालिश उनके स्वास्थ्य और विकास के लिए बेहद लाभकारी होती है। इसे जन्म के 15-20 दिनों बाद शुरू किया जा सकता है। पहले दिन हल्की और कोमल मालिश करनी चाहिए, ताकि बच्चे की नाजुक त्वचा और मांसपेशियां नुकसान से बची रहें। धीरे-धीरे, जैसे-जैसे बच्चे की सहनशीलता बढ़ती है, मालिश की अवधि और हल्का दबाव बढ़ाया जा सकता है।
नवजात बच्चे की मालिश उनके स्वास्थ्य और विकास के लिए बेहद लाभकारी होती है। इसे जन्म के 15-20 दिनों बाद शुरू किया जा सकता है। पहले दिन हल्की और कोमल मालिश करनी चाहिए, ताकि बच्चे की नाजुक त्वचा और मांसपेशियां नुकसान से बची रहें। धीरे-धीरे, जैसे-जैसे बच्चे की सहनशीलता बढ़ती है, मालिश की अवधि और हल्का दबाव बढ़ाया जा सकता है।
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बच्चों की मालिश करना सही या गलत?
- फोटो : Adobe stock
तरीके का रखें ध्यान
हल्के हाथों से तेल या लोशन का इस्तेमाल करके बच्चे की बाहों, पैरों, पीठ और पेट पर मालिश करें। तेल का उपयोग त्वचा को मॉइस्चराइज करता है और हाथों की गति मांसपेशियों को आराम और मजबूती देती है। मालिश के दौरान बच्चों की प्रतिक्रिया पर ध्यान दें और हमेशा कोमल तरीके से हल्के गोलाकार आंदोलनों का पालन करें।
हल्के हाथों से तेल या लोशन का इस्तेमाल करके बच्चे की बाहों, पैरों, पीठ और पेट पर मालिश करें। तेल का उपयोग त्वचा को मॉइस्चराइज करता है और हाथों की गति मांसपेशियों को आराम और मजबूती देती है। मालिश के दौरान बच्चों की प्रतिक्रिया पर ध्यान दें और हमेशा कोमल तरीके से हल्के गोलाकार आंदोलनों का पालन करें।
बच्चों की मालिश करना सही या गलत?
- फोटो : Adobe stock
मिलेंगे ये फायदे
ये मांसपेशियों को मजबूत बनाती है, बच्चे की नींद को बेहतर करती है, पाचन क्रिया को सुधारती है और रक्त संचार को बढ़ाती है। इसके अलावा, मालिश से माता-पिता और बच्चे के बीच संबंध मजबूत होते हैं और बच्चे में मानसिक शांति भी बढ़ती है।
ये मांसपेशियों को मजबूत बनाती है, बच्चे की नींद को बेहतर करती है, पाचन क्रिया को सुधारती है और रक्त संचार को बढ़ाती है। इसके अलावा, मालिश से माता-पिता और बच्चे के बीच संबंध मजबूत होते हैं और बच्चे में मानसिक शांति भी बढ़ती है।
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बच्चों की मालिश करना सही या गलत?
- फोटो : Adobe stock
रखें इन बातों का ध्यान
सावधानियों का पालन करना बहुत जरूरी है। आंख, कान और नाभि के पास तेल न लगाएं और बहुत जोर से मालिश न करें। हमेशा साफ और हल्का तेल ही इस्तेमाल करें, ताकि त्वचा पर कोई जलन या नुकसान न हो। इतने छोटे बच्चों की मालिश के लिए दिन में 1–2 बार, प्रत्येक सत्र 10–15 मिनट का पर्याप्त है। नियमित और सही तरीके से मालिश करने से नवजात का स्वास्थ्य, शारीरिक विकास और मानसिक संतुलन दोनों में सुधार होता है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
सावधानियों का पालन करना बहुत जरूरी है। आंख, कान और नाभि के पास तेल न लगाएं और बहुत जोर से मालिश न करें। हमेशा साफ और हल्का तेल ही इस्तेमाल करें, ताकि त्वचा पर कोई जलन या नुकसान न हो। इतने छोटे बच्चों की मालिश के लिए दिन में 1–2 बार, प्रत्येक सत्र 10–15 मिनट का पर्याप्त है। नियमित और सही तरीके से मालिश करने से नवजात का स्वास्थ्य, शारीरिक विकास और मानसिक संतुलन दोनों में सुधार होता है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।