Dengue and Malaria: मानसून का ये समय भीषण गर्मी से राहत दिलाने वाला तो होता है पर अपने साथ कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर भी आता है। इस मौसम में सबसे ज्यादा जोखिम मच्छर जनित बीमारियों का होता है जिसके कारण हर साल स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव बढ़ता देखा गया है। मानसून आते ही मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों जैसे डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ जाता है। जिन इलाकों में जलजमाव या गंदगी अधिक होती है, वहां पर इन बीमारियों का खतरा अधिक देखा जाता है।
Mosquito-Borne Diseases: मानसून में डेंगू-मलेरिया का अटैक, दोनों के लक्षण एक जैसे, फिर कैसे करें अंतर?
- आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि भारत में 2024 में डेंगू के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, इस साल 2.30 लाख मामले सामने आए, जो 2019 में 1.57 लाख मामले से उल्लेखनीय वृद्धि है। हालांकि मलेरिया के मामलों में गिरावट देखी गई है।
- डेंगू-मलेरियाके लक्षण बहुत हद तक मिलते-जुलते होते हैं इसलिए समय रहते इन बीमारियों की पहचान जरूरी है।
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दिल्ली-एनसीआर में डेंगू का खतरा
दिल्ली में डेंगू को लेकर कोई हालिया डेटा रिपोर्ट साझा नहीं की गई है। 20 अप्रैल तक के डेटा पर गौर करें तो पता चलता है कि राजधानी दिल्ली-एनसीआर में डेंगू के 118 मामले रिपोर्ट किए गए। फिलहाल ये मामले पिछले साल की तुलना में कम हैं, जब साल 2024 में इस समय तक 130 केस सामने आए थे। साल 2023 और 2022 में क्रमशः 47 और 74 डेंगू के मामले सामने आए थे।
दिल्ली-नोएडा सहित गुरुग्राम से भी प्राप्त हो रही जानकारियों के मुतबिक यहां भी डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं। मिलेनियम सिटी गुरुग्राम में बीते दिनों बारिश होने से विभिन्न इलाकों में पानी जमा होने से डेंगू का खतरा बढ़ गया है। जिले में पहले से डेंगू व मलेरिया मामले मिल चुके हैं। 20 जुलाई को डेंगू के दो नए मरीज सामने आए थे।
डेंगू रोग और इसका खतरा
डॉक्टर कहते हैं, डेंगू-मलेरिया दोनों बीमारियों के लक्षण मिलते-जुलते होते हैं जैसे दोनों के कारण ही बुखार, कमजोरी, बदन दर्द की दिक्कत देखी जाती है जिससे अक्सर लोग भ्रम में पड़ जाते हैं कि आखिर बीमारी कौन सी है? लेकिन अगर समय पर सही पहचान न हो, तो यह जानलेवा साबित हो सकता है। इसकी पहचान के लिए पहले दोनों बीमारियों के मुख्य लक्षणों को जानना जरूरी है।
डेंगू के लक्षण में तेज बुखार (104°F तक) के साथ आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द, त्वचा पर चकत्ते होने की दिक्कत देखी जाती है। इसके अलावा प्लेटलेट काउंट तेजी से गिरने लग जाता है। अगर प्लेटलेट्स 20,000 से नीचे आ जाएं या अंदरूनी ब्लीडिंग शुरू हो जाए तो यह डेंगू हेमोरेजिक फीवर या डेंगू शॉक सिंड्रोम जैसा खतरनाक हो सकता है।
मलेरिया के लक्षण डेंगू से मिलते-जुलते हैं। इस रोग के कारण तेज बुखार के साथ ठंड लगने-कंपकंपी, सिरदर्द, उल्टी या डायरिया, आंखों में पीलापन (जॉन्डिस) हो सकता है।
क्या है दोनों बीमारियों में अंतर?
डॉक्टर कहते हैं, डेंगू और मलेरिया, दोनों ही मच्छर जनित बीमारियां हैं, जिनमें बुखार और थकान जैसे लक्षण एक जैसे होते हैं, लेकिन इनकी विशेषताएं अलग-अलग हैं। इनमें सबसे आम अंतर है कि डेंगू में अक्सर तेज बुखार और सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द के साथ त्वचा पर चकत्ते और प्लेटलेट्स कम होने लगते हैं। जबकि मलेरिया में आमतौर पर ठंड लगने की दिक्कत अधिक होती है। डेंगू के मामलों में मलेरिया जैसी तेज ठंड लगने की समस्या नहीं होती है।
इन बीमारियों से कैसे बचें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया है कि सभी लोगों को डेंगू-मलेरिया को लेकर कुछ और बातों का भी ध्यान रखना चाहिए।
- अगर आपको कुछ दिनों से तेज बुखार, ठंड लगने, सिरदर्द, शरीर पर लाल चकत्ते, आंख घुमाने पर दर्द हो रहा है तो सावधान हो जाना चाहिए।
- डेंगू के कारण आपको पीठ और जोड़ों में दर्द के साथ कुछ स्थितियों में मसूड़ों और नाक से खून आने की भी दिक्कत हो सकती है।
- ये मच्छर बर्तन, कूलर और बेकार पड़ी वस्तुओं आदि में जमा पानी में पनपते हैं। पानी जमा न होने दें
- डेंगू के मच्छर दिन में काटते हैं, जबकि मलेरिया के अक्सर रात में। मच्छरों को काटने से बचने के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें और रात में मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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