Gut Problems: खानपान की गड़बड़ी को सेहत के लिए कई प्रकार से नुकसानदायक माना जाता रहा है। डॉक्टर कहते हैं, यदि हम सभी कम उम्र से ही आहार में सुधार पर ध्यान दे लें तो कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से बचे रह सकते हैं। जिन चीजों को स्वास्थ्य के लिए सबसे हानिकारक माना जाता है, फास्ट फूड्स खाना उनमें से एक है।
Health Alert: आपकी ये एक आदत 35% तक बढ़ा सकती है आंतों में सूजन का खतरा, युवा हो रहे हैं सबसे ज्यादा शिकार
आजकल फास्ट फूड खाने का प्रचलन बढ़ा है। बच्चे, महिला या बुजुर्ग सभी लोग सेहत को अनदेखा कर इसका बडे़ शौक के साथ सेवन कर रहे हैं, पर क्या आप जानते हैं कि फास्ट फूड्स धीरे-धीरे आपको आंतों को सुजा रहे हैं?
फास्ट फूड के कारण बढ़ती आंतों की समस्याएं
आजकल फास्ट फूड खाने का प्रचलन बढ़ा है। बच्चे, महिला या बुजुर्ग सभी लोग सेहत को अनदेखा कर इसका बडे़ शौक के साथ सेवन कर रहे हैं, पर क्या आप जानते हैं कि फास्ट फूड्स धीरे-धीरे आपको आंतों को सुजा रहे हैं?
आंतों में सूजन यानी गट इंफ्लेमेशन तब होती है जब हमारी पाचन नली की अंदरूनी दीवारों में जलन, दर्द, लालिमा या सूजन आने लगती है। यह स्थिति कई बार इन्फ्लेमेटरी बाउल डिजीज (आईबीडी) क्रोहन डिजीज या अल्सरेटिव कोलाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों में बदल सकती है। इसकी एक बहुत बड़ी वजह है, हमारा खानपान, खासतौर पर फास्ट फूड्स का बढ़ता चलन।
क्या कहते हैं डॉक्टर?
ग्रेटर नोएडा स्थित जिम्स अस्पताल में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ दीपक वर्मा कहते हैं, फास्ट फूड का सेवन करने से आंतों में सूजन की शिकायत लेकर रोजाना 8 से 10 मरीज जिम्स में पहुंच रहे हैं। लोगों को डायरिया से बचने के लिए नशा, वसा की चीजें व बार बार एक ही तेल में तली-भुनी चीजें खाने से बचना चाहिए।
फास्ट फूड में आमतौर पर अधिक वसा, नमक और चीनी होती है, जो पाचन तंत्र को परेशान कर सकती हैं और पेट दर्द, सूजन, गैस और अपच जैसी समस्याएं पैदा कर सकती है।
आंतों से जुड़ी सूजन संबंधी बीमारियां
कई अध्ययन भी बताते हैं कि फास्ट फूड्स से आंतों का काफी नुकसान हो रहा है। बीएमजे जर्नस में छपी रिपोर्ट के अनुसार, जो लोग हफ्ते में 3 बार से ज्यादा प्रोसेस्ड या फास्ट फूड खाते हैं, उनमें आंतों से जुड़ी सूजन संबंधी बीमारियों का खतरा 35% तक बढ़ जाता है।फास्ट फूड्स में मौजूद हाई फैट, शुगर और एडिटिव्स (जैसे प्रिजर्वेटिव्स और इमल्सिफायर्स) गट बैक्टीरिया को असंतुलित करते हैं, जिससे गट माइक्रोबायोम गड़बड़ाता है और सूजन बढ़ती है।
आंतों की सूजन शरीर की क्रॉनिक इनफ्लेमेशन को जन्म देती है, जिससे डायबिटीज, मोटापा और यहां तक कि डिप्रेशन तक हो सकता है।
आहार को लेकर बरतें सावधानी
साल 2024 में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की रिपोर्ट में बताया गया कि 20% युवा आंतों से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे हैं, जिसमें खानपान सबसे बड़ा कारण है। इस तरह की समस्या से बचे रहने के लिए सबसे जरूरी है कि आप घर का बना ताजा खाना खाएं जिसमें फाइबर की अधिकता हो। इसके अलावा आहार में प्रोबायोटिक वाली चीजें जैसे दही, छाछ, भी होनी चाहिए। आंतों और पेट की समस्याओं को कम करने के लिए ज्यादा नमक-चीनी और डीप फ्राइड चीजें कम से कम खाएं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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