अच्छी सेहत चाहते हैं तो इसके लिए खान-पान और लाइफस्टाइल में सुधार करने के साथ नियमित व्यायाम की आदत बनाने की सलाह दी जाती है। अगर आप नियमित रूप से जिम नहीं जा सकते या फिर व्यायाम के लिए समय नहीं निकाल पाते हैं तो वॉकिंग-रनिंग जैसे हल्के स्तर के अभ्यास की आदत बनाकर भी लाभ पा सकते हैं?
Walking Benefits: मॉर्निंग या इवनिंग वॉक, कौन सा ज्यादा फायदेमंद? यहां मिलेगा आपके सभी सवालों का जवाब
पैदल चलना यानी वॉक करने की आदत, व्यायाम के सबसे सरल और प्रभावी तरीकों में से एक है। इसके लिए आपको किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता भी नहीं होती है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में ये सवाल बना रहता है कि किस समय वॉक करना ज्यादा फायदमंद है, मार्निंग वॉक या इवनिंग वॉक?
वॉक करने की आदत के कई सारे लाभ
कई अध्ययन इस बात की पुष्टि करते हैं कि अगर आप रोजाना 10 हजार कदम चल लेते हैं तो इससे स्वास्थ्य को विशेष लाभ मिल सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पैदल चलना यानी वॉक करने की आदत, व्यायाम के सबसे सरल और प्रभावी तरीकों में से एक है। इसके लिए आपको किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता भी नहीं होती है। पैदल चलना हृदय स्वास्थ्य, वजन प्रबंधन में मदद करने के साथ मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत करता है। इतना ही नहीं यह स्ट्रेस-एंग्जाइटी को कम करने, मूड को बेहतर बनाने और संज्ञानात्मक कार्यों में भी मददगार है।
अब वापस उसी सवाल पर आते हैं कि मॉर्निंग वॉक या इवनिंग वॉक आपके लिए कौन सा ज्यादा फायदेमंद है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वैसे तो कभी भी वॉक करना आपके लिए फायदेमंद है। हालांकि मॉर्निंग वॉक एक प्रकार का उत्तेजक है जो शरीर और मन को तरोताजा करती है। मॉर्निंग वॉक के दौरान मिलने वाली सुबह की धूप से विटामिन-डी भी प्राप्त होता है। विटामिन-डी हड्डियों को स्वास्थ रखने और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में फायदेमंद है।
यह उन लोगों के लिए बहुत मददगार हो सकता है जो सुबह ऊर्जावान महसूस नहीं कर सकते हैं। सुबह खाली पेट टहलना आपके मेटाबॉलिज्म को भी उत्तेजित करता है, जिससे आपके शरीर को अधिक कुशलता से फैट बर्न कर पाता है और आपका वजन कंट्रोल रहता है।
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इवनिंग वॉक के क्या फायदे हैं?
शाम के समय वॉक करने से भी सेहत को कई लाभ मिल सकते हैं।
शाम की सैर करना व्यस्त दिन के बाद शरीर को आराम प्रदान करती है। वॉक करने से एंडोर्फिन नामक हार्मोन रिलीज होता है जो तनाव को दूर करता है और मूड को बेहतर बनाता है। ये उन लोगों के लिए एक उपयुक्त व्यायाम है जिन्हें काम से संबंधित दबाव या मानसिक थकान की दिक्कत बनी रहती है। वहीं रात के खाने के बाद टहलने से पाचन ठीक रहता है और पेट फूलने-गैस से बचाव होता है।
क्या है निष्कर्ष?
जर्नल ऑफ स्लीप रिसर्च में साल 2020 में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक शाम की सैर करने से नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है। खासतौर पर डायबिटीज मरीजों के लिए खाना खाने के बाद वॉक करना ज्यादा फायदेमंद होता है। मॉर्निंग वॉक या इवनिंग वॉक दोनों ही आपकी सेहत के लिए बहुत लाभप्रद हैं। अपनी आवश्यकताओं के अनुसार आप इनका चयन कर सकते हैं। रोजाना कम से कम 10 हजार कदम चलने का लक्ष्य बनाएं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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