जिन बीमारियों के कारण दुनियाभर में हर साल सबसे ज्यादा लोगों की मौत हो जाती है, कैंसर उनमें से एक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के मुताबिक कैंसर हर साल करीब 1 करोड़ लोगों की जान ले रहा है, जो कुल मौतों में से लगभग हर छठी मौत के लिए जिम्मेदार है। कैंसर दुनियाभर में मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण भी माना जाता है।
Cancer Risk: ये आदतें नहीं छोड़ीं तो कैंसर आपको नहीं छोड़ेगा, समय रहते हो जाइए सावधान
अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के विशेषज्ञ कहते हैं कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर कैंसर को रोका जा सकता है। धूम्रपान छोड़ना, स्वस्थ वजन बनाए रखना, पौष्टिक भोजन करना, शराब से दूरी और नियमित शारीरिक गतिविधि जैसी आदतें कई प्रकार के कैंसर का खतरा कम कर सकती हैं।
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आखिर कैसे होता है कैंसर?
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कैंसर अचानक नहीं होता। शरीर की कोशिकाओं में वर्षों तक होने वाले छोटे-छोटे नुकसान धीरे-धीरे डीएनए में बदलाव पैदा करते हैं। जब शरीर इन खराब कोशिकाओं को नियंत्रित नहीं कर पाता, तब कैंसर विकसित हो सकता है। यही कारण है कि कुछ गलत आदतें वर्षों तक बिना किसी लक्षण के शरीर को नुकसान पहुंचाती रहती हैं।
अमेरिकन कैंसर सोसाइटी का अनुमान है कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर कई तरह के कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। धूम्रपान छोड़ना, वजन को कंट्रोल रखना, पौष्टिक भोजन और नियमित शारीरिक गतिविधि जैसी आदतें आपके खतरे को कम करने में काफी मददगार हो सकती हैं।
आइए जानते हैं कि विशेषज्ञ किन आदतों को सबसे नुकसानदायक बताते हैं?
डब्ल्यूएचओ के अनुसार तंबाकू दुनियाभर में कैंसर से होने वाली मौतों का सबसे बड़े रोके जा सकने वाला कारणों में से एक है।
- सिगरेट-बीड़ी और चबाने वाले तंबाकू सभी खतरनाक हैं। इनमें 70 से अधिक ऐसे रसायन पाए जाते हैं जो कैंसर पैदा कर सकते हैं।
- धूम्रपान से फेफड़ों के कैंसर का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ता है।
- तंबाकू-धूम्रपान से मुंह, गला, भोजन नली, मूत्राशय-अग्न्याशय से लेकर किडनी और पेट के कैंसर का जोखिम भी बढ़ जाता है।
शराब पीना खतरनाक
बहुत से लोग मानते हैं कि सीमित मात्रा में शराब नुकसान नहीं करती, लेकिन आईएआरसी की रिपोर्ट कहती है कि शराब की थोड़ी मात्रा भी कुछ लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकती है।
- शराब शरीर में टूटकर एसीटैल्डिहाइड बनाती है, जो डीएनए को नुकसान पहुंचाता है।
- इससे मुंह, गले, भोजन नली, लिवर, स्तन और बड़ी आंत के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
- शराब के साथ धूम्रपान की आदत कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ाने वाली हो सकती है।
मोटापा भी बड़ा खतरा
अधिक वजन केवल डायबिटीज और हृदय रोग का कारण नहीं है, बल्कि इससे कई प्रकार के कैंसर का भी जोखिम हो सकता है।
- मोटापे की स्थिति शरीर में सूजन और हार्मोनल बदलाव को बढ़ावा देती है जिससे कैंसर कोशिकाओं के बढ़ने में मदद मिलती है।
- मोटापे को अध्ययन में स्तन, कोलन, एंडोमेट्रियल, किडनी-लिवर सहित कई अन्य प्रकार के कैंसर का कारण पाया गया है।
प्रोसेस्ड चीजें खाने से खतरा
प्रोसेस्ड मीट, नमक-चीनी ज्यादा खाने और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड के कारण भी शरीर में कैंसर होने का जोखिम बढ़ जाता है। आईएआरसी ने प्रोसेस्ड मीट को ग्रुप-1 कार्सिनोजेन की श्रेणी में रखा है। इसके अधिक सेवन से कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा हो सकता है। इसी तरह से प्रोसेस्ड चीजों में नमक-चीनी और प्रिजर्वेटिव्स की मात्रा अधिक होती है इसके कारण भी कैंसर होने का जोखिम बढ़ जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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