क्या आपको भी अक्सर पेशाब करते समय जलन होती है, बार-बार पेशाब की इच्छा होती है और पेट के निचले हिस्से में दर्द बना रहता है? अगर हां तो सावधान हो जाइए ये सभी यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यूटीआई) के लक्षण हो सकते हैं। मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि अधिकतर लोगों को जीवन में कभी न कभी यूटीआई हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों में यह समस्या बार-बार लौट आती है।
Recurrent UTI: कुछ लोगों को क्यों होता है बार-बार यूरिन इंफेक्शन? कहीं ये किसी बड़ी बीमारी का संकेत तो नहीं
यदि बार-बार यूटीआई हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि बार-बार संक्रमण किडनी तक भी पहुंच सकता है और गंभीर जटिलताएं पैदा कर सकता है। पेशाब करते समय जलन, बार-बार पेशाब आने की इच्छा या पेट के निचले हिस्से में दर्द ये सभी यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यूटीआई) के सामान्य लक्षण हैं।
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सबसे पहले जानिए यूटीआई होती क्यों है?
डॉक्टर बताते हैं, यूटीआई होने का सबसे आम कारण ई. कोलाई बैक्टीरिया का संक्रमण है, जो सामान्य रूप से आंत में पाया जाता है। जब यह मूत्र मार्ग में पहुंच जाता है तो संक्रमण पैदा कर सकता है। लगभग 80-90 प्रतिशत यूटीआई के मामले इसी बैक्टीरिया के कारण होते हैं। यदि बार-बार यूटीआई हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि बार-बार संक्रमण किडनी तक भी पहुंच सकता है और गंभीर जटिलताएं पैदा कर सकता है।
आइए समझ लेते हैं कि कुछ लोगों को बार-बार ये दिक्कत क्यों होती है?
कहीं कम पानी तो नहीं है इसका कारण?
जो लोग पूरे दिन बहुत कम पानी पीते हैं या लंबे समय तक पेशाब रोककर रखते हैं, उनमें संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेने से पेशाब होता रहता है जिससे बैक्टीरिया को बाहर निकलने में मदद मिलती है।
- पानी कम पीने से पेशाब कम बनता है और बैक्टीरिया लंबे समय तक मूत्राशय में बने रह सकते हैं। दिनभर में कम से कम 2-3 लीटर पानी पीते रहना आपके खतरे को कम कर सकता है।
अक्सर शुगर हाई रहना नुकसानदायक
डायबिटीज की स्थिति में खून और पेशाब दोनों में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है। अधिक ग्लूकोज बैक्टीरिया की वृद्धि को बढ़ावा दे सकता है।
- इसके अलावा डायबिटीज के कारण शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली भी कमजोर हो जाती जिससे संक्रमण से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है।
- यही वजह है कि बार-बार यूटीआई होने वाले मरीजों में ब्लड शुगर की जांच महत्वपूर्ण मानी जाती है।
- डायबिटीज के मरीजों को यूटीआई को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए।
इन कारणों को भी जानिए
- महिलाओं में जननांगों की साफ-सफाई में कमी भी बैक्टीरिया को मूत्रमार्ग तक पहुंचा सकती है। साफ अंडरगारमेंट न पहनना और लंबे समय तक गीले कपड़े पहनना संक्रमण के जोखिम को बढ़ाने वाला हो सकता है।
- बढ़ा हुआ प्रोस्टेट, किडनी स्टोन, न्यूरोलॉजिकल रोग या मूत्राशय की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। इसके कारण भी कई लोगों में बार-बार यूटीआई होने का खतरा रहता है।
- रजोनिवृत्ति के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन कम होने से योनि और मूत्रमार्ग की प्राकृतिक सुरक्षा कमजोर हो सकती है, जिससे यूटीआई का खतरा बढ़ता है।
- कुछ महिलाओं में यौन संबंध के बाद भी बैक्टीरिया मूत्रमार्ग में पहुंच सकते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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