पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
फ्री ई-पेपर
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Hair Problems: महंगे प्रोडक्ट्स के बाद भी कमजोर और पतले हैं आपके बाल? डॉक्टर ने बताया इसका असली कारण

Mon, 06 Jul 2026 04:06 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Mon, 06 Jul 2026 04:06 PM IST
सार

क्या आप भी बालों की समस्या से परेशान हैं? कई महंगे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने के बाद भी लाभ नहीं मिल रहा है? आखिर इसके पीछे का क्या कारण है? कॉस्मेटिक सर्जन डॉ. देबराज शोम ने इसपर विस्तार से जानकारी दी है।

विज्ञापन
hair fall problem Why Hair Becoming Thinner and weak Even After Using Expensive Products
बालों के कमजोर होने और झड़ने की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI

क्या आप भी बालों की समस्या से परेशान हैं? महंगे शैंपू, सीरम, हेयर ऑयल खरीदकर सोचा कि अब बालों का झड़ना और पतला होना रुक जाएगा? शुरुआत में थोड़ा फर्क महसूस भी हुआ होगा, लेकिन कुछ महीनों बाद फिर वही कहानी, बाल पहले से ज्यादा पतले, कमजोर और बेजान दिखने लगे। ऐसे में सबसे पहला सवाल यही आता है कि आखिर इतनी महंगी चीजें इस्तेमाल करने के बाद भी बाल ठीक क्यों नहीं हो रहे?



असल में यहीं सबसे बड़ी गलतफहमी छिपी हुई है। हमें वर्षों से यही बताया गया है कि सही हेयर प्रोडक्ट चुन लेंगे तो बालों की हर समस्या खत्म हो जाएगी। लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। अगर बालों के पतले होने की वजह शरीर के अंदर छिपी है, तो बाहर से लगाया गया कोई भी प्रोडक्ट उस असली वजह तक पहुंच ही नहीं सकता।

hair fall problem Why Hair Becoming Thinner and weak Even After Using Expensive Products
बालों की समस्या - फोटो : Adobe stock

बालों की समस्याओं की जड़ को समझिए

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि बाल सिर्फ सिर की त्वचा पर उगने वाले रेशे नहीं हैं, बल्कि हर बाल एक छोटे से जीवित हेयर फॉलिकल (बाल बनाने वाली जड़) से निकलता है। यही फॉलिकल तय करता है कि नया बाल कितना मजबूत या मोटा होगा और कितने समय तक सिर पर टिकेगा? अगर यही जड़ कमजोर होने लगे, तो चाहे आप दुनिया का सबसे महंगा शैंपू इस्तेमाल कर लें, समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी।
 

  • दिलचस्प बात यह है कि कई बार बालों के पतले होने की शुरुआत उस समय होती है, जब हमें लगता है कि सब कुछ सामान्य चल रहा है।
  • लगातार तनाव, शरीर में आयरन या विटामिन की कमी, हार्मोन का बिगड़ना, थायरॉयड की समस्या या आनुवंशिक कारण धीरे-धीरे बालों की जड़ों को प्रभावित करते रहते हैं। 


यही वजह है कि विशेषज्ञ कहते हैं कि बालों का इलाज सिर्फ महंगे प्रोडक्ट खरीदने से नहीं, बल्कि सही कारण पता लगाने से शुरू होता है। 

hair fall problem Why Hair Becoming Thinner and weak Even After Using Expensive Products
बालों की कमजोरी और पतलापन का कारण - फोटो : Freepik.com

क्या कहते हैं डॉक्टर?

कॉस्मेटिक सर्जन और क्लीनिकल साइंटिस्ट डॉ. देबराज शोम कहते हैं, बालों की कमजोरी या इसके झड़ने के पीछे असल समस्या यह नहीं है कि आपने गलत ब्रांड या गलत प्रोडक्ट चुना है। समस्या यह है कि बालों का पतला होना शरीर के अंदर होने वाली जैविक (बायोलॉजिकल) प्रक्रिया से जुड़ा होता है। बाहर से लगाया जाने वाला कोई भी प्रोडक्ट उस जगह तक पहुंच ही नहीं सकता, जहां से यह समस्या शुरू होती है।

हर बाल की जड़ के नीचे एक हेयर फॉलिकल होता है। इसे आसान भाषा में समझें तो यह बाल बनाने वाली एक छोटी-सी जीवित संरचना होती है। यही तय करती है कि बाल कितने मजबूत, मोटे और लंबे समय तक बढ़ेंगे।
 

  • शरीर में हार्मोन का संतुलन, पोषक तत्वों की मात्रा, शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और आनुवंशिकता जैसी कई चीजों का इसपर असर होता है।
  • अगर शरीर में फेरिटिन लेवल कम हो जाए या थायरॉयड ठीक से काम न करे, पुरुष हार्मोन (एंड्रोजन) का स्तर बढ़ जाए या व्यक्ति लंबे समय तक तनाव में रहे, तो बालों की जड़ों को ऐसे सिग्नल मिलने लगते हैं जिससे बालों का ग्रोथ फेज छोटा हो जाता है।
  • इससे जो बाल उगते हैं, वे पहले की तुलना में पतले और कमजोर होते हैं। यह प्रक्रिया हर नए हेयर साइकल में होती है और धीरे-धीरे पूरे सिर के बाल पतले दिखाई देने लगते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
hair fall problem Why Hair Becoming Thinner and weak Even After Using Expensive Products
स्ट्रेस में रहना भी बालों के लिए नुकसानदायक - फोटो : Freepik.com

ज्यादा स्ट्रेस लेना भी बालों का दुश्मन

डॉ शोम कहते हैं, लोगों में लगातार बढ़ता मानसिक तनाव भी बालों के पतले होने का एक बड़ा कारण माना जाता है, ज्यादातर लोग इसे समझ नहीं पाते।

स्टेम सेल रिव्यूज एंड रिपोर्ट्स में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, लगातार तनाव रहने पर हेयर फॉलिकल की स्टेम सेल्स (विशेष कोशिकाएं जो नए बाल बनने की प्रक्रिया शुरू करती हैं) में रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पीशीज यानी हानिकारक अणुओं की मात्रा बढ़ जाती है।

ये अणु इन कोशिकाओं के डीएनए और माइटोकॉन्ड्रिया को नुकसान पहुंचाते हैं। जब स्टेम सेल्स ठीक से काम नहीं कर पातीं, तो नए बाल बनने की प्रक्रिया कमजोर पड़ जाती है।

ये लिंक भी समझिए

लंबे समय तक तनाव रहने से बालों की जड़ों के आसपास मौजूद लिम्फेटिक सिस्टम (जो शरीर से सूजन और अपशिष्ट पदार्थ हटाने में मदद करता है) भी प्रभावित होता है। इससे सूजन कम करने की प्राकृतिक प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है और बालों की जड़ों को दोबारा सक्रिय होकर नए बाल बनाने के लिए अनुकूल वातावरण नहीं मिल पाता।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि तनाव होने के तुरंत बाद बाल नहीं झड़ते। अक्सर इसका असर दो से चार महीने बाद दिखाई देता है। यही वजह है कि अधिकांश लोगों को अपने बालों के झड़ने का कारण समझ ही नहीं आता है।

विज्ञापन
hair fall problem Why Hair Becoming Thinner and weak Even After Using Expensive Products
बालों के झड़ने की समस्या कैसे दूर करें - फोटो : Freepik.com

न्यूट्रिशन की कमी भी हो सकती है कारण

डॉक्टर कहते हैं, शरीर में कुछ जरूरी पोषक तत्वों की कमी से भी बाल झड़ने लगते हैं।

सामान्य ब्लड टेस्ट में अक्सर सिर्फ हीमोग्लोबिन देखा जाता है, जबकि फेरिटिन की जांच नहीं होती। इसी तरह विटामिन डी, विटामिन बी12 और जिंक की जांच भी आमतौर पर तभी कराई जाती है जब डॉक्टर अलग से लिखें।

ऐसा भी हो सकता है कि डॉक्टर आपकी रिपोर्ट देखकर कह दें कि सब कुछ सामान्य है, लेकिन वास्तव में शरीर में फेरिटिन का स्तर इतना कम हो कि उससे बालों की जड़ें प्रभावित हो रही हों। यानी नॉर्मल' रिपोर्ट का मतलब हमेशा बालों के लिए पर्याप्त होना नहीं होता।
 

  • ऐसे लोगों में बालों के झड़ने और पतलेपन के कारणों को समझने के लिए ट्राइकोस्कोपी (विशेष कैमरे से बालों और उनकी जड़ों की बारीकी से जांच) और  कुछ जरूरी ब्लड टेस्ट कराए जाते हैं।
  • सही कारणों को समझने और इसके आधार पर इलाज की मदद से समस्या को ठीक किया जा सकता है।
  • यदि बालों के फॉलिकल अभी जीवित हैं और समय रहते इलाज शुरू कर दिया जाए, तो परिणाम काफी बेहतर मिल सकते हैं। लेकिन अगर वर्षों तक केवल हेयर प्रोडक्ट बदलते रहे और सही जांच नहीं कराई, तो कई फॉलिकल स्थायी रूप से निष्क्रिय हो सकते हैं। इसलिए सही समय पर जांच और इलाज शुरू करना बेहद महत्वपूर्ण है। 


--------------
स्रोत:
Reactive Oxygen Species and Hair Follicle Stem Cell Dysfunction


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed