सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त

Health Tips: अक्सर बढ़ी रहती है दिल की धड़कन, हो सकता है इस गंभीर बीमारी का लक्षण

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिखर बरनवाल Updated Thu, 07 Aug 2025 06:26 PM IST
सार

High Heart Rate Symptoms: बिना कारण दिल का धड़कन बढ़ना एरिथमिया बीमारी का लक्षण हो सकता है। यह एक ऐसी गंभीर समस्या है, जिससे हार्ट अटैक खतरा बढ़ जाता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं कि एरिथमिया के और क्या लक्षण होते हैं?

विज्ञापन
Health Tips Constant High Heart Rate Could Be a Sign of This Serious Disease
हृदय रोग, हार्ट अटैक - फोटो : adobe stock photos

High Heart Rate Symptoms: अक्सर हममें से कई लोगों को कभी-कभी दिल की धड़कन तेज होती हुई या सीने में घबराहट महसूस होती है। तनाव या ज्यादा शारीरिक मेहनत के बाद ऐसा होना सामान्य है। लेकिन अगर यह अनुभव बार-बार हो, बिना किसी स्पष्ट कारण के हो, या इसके साथ अन्य लक्षण भी दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।



यह एरिथमिया नामक एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या का लक्षण हो सकता है। एरिथमिया का मतलब है दिल की धड़कन का अनियमित होना या तो बहुत तेज, बहुत धीमी, या बेतरतीब होना। यह इस बात का संकेत हो सकता है कि आपके दिल के काम करने के तरीके में कोई समस्या है, जिसके लिए तुरंत डॉक्टरी सलाह लेना जरूरी है।

Trending Videos
Health Tips Constant High Heart Rate Could Be a Sign of This Serious Disease
हार्ट, हार्ट अटैक - फोटो : Adobe stock photos

एरिथमिया क्या है और यह क्यों होता है?
अनियमित दिल की धड़कन की समस्या को मेडिकल की भाषा में एरिथमिया के रूप में जाना जाता है। इस स्थिति में आपका दिल बहुत तेजी से, बहुत धीरे या बेतरतीब ढंग से धड़क सकता है। वैसे तो शारीरिक मेहनत के बाद दिल की धड़कन का बढ़ना या आराम के समय इसका धीमा होना सामान्य बात है, लेकिन अगर यह अक्सर बिना किसी कारण के हो तो यह एक समस्या का संकेत हो सकता है। 

एरिथमिया की समस्या के कारण कार्डियक अरेस्ट जैसे जानलेवा जोखिम का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए इसे गंभीरता से लेना बहुत जरूरी है।  दिल की धड़कन का असामान्य होना इस बात का संकेत हो सकता है कि दिल को पर्याप्त रक्त नहीं मिल रहा है या दिल की संरचना में कोई समस्या है। कई बार यह तनाव, कैफीन, शराब, धूम्रपान या कुछ खास दवाओं के कारण भी हो सकता है, लेकिन अगर यह बार-बार हो तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन
Health Tips Constant High Heart Rate Could Be a Sign of This Serious Disease
हार्ट अटैक - फोटो : Freepik.com

प्रमुख लक्षण
एरिथमिया के कुछ सबसे आम और आसानी से पहचाने जाने वाले लक्षण हैं दिल की धड़कन का तेज होना या सीने में बेचैनी महसूस होना। दिल की धड़कन सामान्य से तेज (टैकीकार्डिया), सामान्य से धीमी (ब्रेडीकार्डिया), या अनियमित हो सकती है। आपको लग सकता है कि आपका दिल बहुत तेजी से धड़क रहा है, रुक-रुक कर धड़क रहा है या सीने में फड़फड़ाहट महसूस हो रही है।

इसके अलावा, सीने में दर्द या बेचैनी भी महसूस हो सकती है, जो हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकती है। अनियमित धड़कन के कारण दिल कुशलतापूर्वक रक्त पंप नहीं कर पाता, जिससे फेफड़ों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती और सांस लेने में तकलीफ महसूस हो सकती है। 


ये भी पढ़ें- Health Tips: हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम के साथ जरूर लें ये विटामिन्स, वरना हो सकता है हार्ट अटैक का खतरा
 
Health Tips Constant High Heart Rate Could Be a Sign of This Serious Disease
कमजोरी - फोटो : Freepik.com

कमजोरी और चक्कर आना
एरिथमिया के कुछ अन्य लक्षण भी होते हैं जिन्हें अक्सर लोग सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। इनमें अचानक चक्कर आना या सिर घूमना शामिल है। यह तब होता है जब अनियमित धड़कन के कारण मस्तिष्क तक पर्याप्त रक्त नहीं पहुंच पाता।

कुछ गंभीर मामलों में तो व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है। इसके साथ ही, शरीर में ऊर्जा की कमी के कारण लगातार कमजोरी और थकान महसूस होना भी इसका एक लक्षण है। यदि आप बिना किसी कारण के अक्सर थका हुआ महसूस करते हैं, तो यह दिल की धड़कन में गड़बड़ी का संकेत हो सकता है।


ये भी पढ़ें- Monsoon Diseases: जलजमाव और बाढ़ की वजह से बढ़ जाता है इन बीमारियों खतरा, जरूर बरतें ये सावधानियां
विज्ञापन
Health Tips Constant High Heart Rate Could Be a Sign of This Serious Disease
चक्कर आना - फोटो : Adobe Stock
सावधानियां
अगर आपको ऊपर बताए गए कोई भी लक्षण बार-बार महसूस होते हैं, तो उन्हें बिलकुल भी नजरअंदाज न करें। यह आपके दिल की सेहत के लिए एक गंभीर चेतावनी हो सकती है। सबसे पहला और जरूरी कदम है किसी डॉक्टर या कार्डियोलॉजिस्ट से सलाह लेना। डॉक्टर आपके लक्षणों की जांच करेंगे और ईसीजी या अन्य परीक्षणों के माध्यम से समस्या का पता लगा सकते हैं।

एरिथमिया को नियंत्रित करने के लिए जीवनशैली में बदलाव जरूरी है, जैसे- तनाव को कम करना और पौष्टिक चीजों को अपने खानपान में शामिल करना। इसके साध ही डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का सेवन करना जरूरी है। समय पर पहचान और सही इलाज से एरिथमिया को नियंत्रित किया जा सकता है और दिल के दौरे या स्ट्रोक जैसे गंभीर जोखिमों से बचा जा सकता है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed