Feeling Tired After 8 Hours Sleep Thyroid अगर आप रोजाना पर्याप्त 8 घंटे की नींद ले रहे हैं, लेकिन फिर भी सुबह उठने पर अत्यधिक आलस और थकान महसूस करते हैं, तो इसे सिर्फ काम का दबाव या कमजोरी समझने की गलती न करें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह लक्षण थायरॉयड ग्रंथि के सही ढंग से काम न करने का एक बड़ा संकेत हो सकता है, विशेष रूप से हाइपोथायरॉइडिज्म की स्थिति में।
Health Tips: आठ घंटे नींद लेने के बाद भी बना रहता है आलस, कहीं ये थायराइड के संकेत तो नहीं, जानें लक्षण
हमारे देश में बहुत से लोग थायराइड की समस्या से परेशान हैं, इनमें से अधिकतर महिलाएं हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि बहुत से लोगों को मालूम भी नहीं है कि उन्हें थायराइड से संबंधित कोई समस्या है। इसलिए आइए इस लेख में थायराइड के कुछ प्रमुख लक्षणों के बारे में जानते हैं।
लगातार थकान और आलस का कारण
थायरॉयड हार्मोन की कमी (हाइपोथायरायडिज्म) आपके शरीर के मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देती है। यह हार्मोन ऊर्जा उत्पादन में महत्वपूर्ण है। जब हार्मोन कम बनते हैं, तो शरीर की कोशिकाएं धीमी गति से काम करती हैं, जिससे शरीर को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिल पाती। यही कारण है कि पर्याप्त नींद लेने के बाद भी, शरीर में लगातार आलस और अकारण थकान बनी रहती है।
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वजन का बढ़ना और ठंडी संवेदनशीलता
थकान के साथ-साथ, थायरॉयड का एक और स्पष्ट संकेत है बिना कारण वजन का बढ़ना। धीमे मेटाबॉलिज्म के कारण शरीर कैलोरी को तेजी से बर्न नहीं कर पाता, जिससे फैट जमा होने लगती है। इसके अलावा थायरॉयड हार्मोन शरीर के तापमान को भी नियंत्रित करते हैं, इनकी कमी होने पर आपको सामान्य से ज्यादा ठंड महसूस होती है, जबकि दूसरों को सामान्य लग रहा होता है।
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त्वचा, बाल और मांसपेशियों पर लक्षण
थायराइड की कमी से त्वचा भी प्रभावित होती है। आपको त्वचा का रूखापन, खुजली और बेजान दिखना महसूस हो सकता है। बाल तेजी से झड़ने लगते हैं और पतले हो जाते हैं। इसके साथ ही, सुबह उठने पर कई लोगों को जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द और अकड़न की शिकायत भी रहती है।
थायरॉयड हार्मोन मस्तिष्क के कार्यों को भी प्रभावित करते हैं। इसकी कमी से डिप्रेशन, मूड स्विंग्स और एकाग्रता में कमी (ब्रेन फॉग) जैसी मानसिक समस्याएं हो सकती हैं। शरीर की धीमी गति के कारण कब्ज की समस्या भी अक्सर बनी रहती है। यदि ये लक्षण छह सप्ताह से अधिक बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें और TSH टेस्ट करवाएं।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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