Vitamins for Strong Bones: शरीर की हड्डियों को मजबूत रखने के लिए कैल्शियम सबसे जरूरी पोषक तत्वों में से एक होता है। हम सभी जानते हैं कि कैल्शियम की कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियां हो सकती हैं। यही कारण है कि बहुत से लोग कैल्शियम सप्लीमेंट्स का सहारा लेते हैं। लेकिन, एक बात जिस पर अक्सर ध्यान नहीं दिया जाता, वह यह है कि कैल्शियम अकेले काम नहीं करता। अगर कैल्शियम को सही विटामिन्स का साथ न मिले, तो यह हड्डियों को मजबूत करने के बजाय, आपके दिल के लिए खतरा बन सकता है।
Health Tips: मजबूत हड्डियों के लिए कैल्शियम के साथ जरूर लें ये विटामिन्स, वरना हो सकता है हार्ट अटैक का खतरा
Calcium and Vitamins For Bones: अक्सर कुछ लोग खुद से अपने लक्षणों के आधार पर कैल्सियम सप्लीमेंट्स लेना शुरू कर देते हैं। ध्यान रखें कि बिना एक्सपर्ट्स के सलाह से कैल्शियम लिया जाए तो ये हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
कैल्शियम और विटामिन डी3 का तालमेल
कैल्शियम बेशक हड्डियों की मजबूती के लिए आधार है, लेकिन यह खुद-ब-खुद हड्डियों का हिस्सा नहीं बन पाता है। यहां विटामिन डी3 की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है। विटामिन डी3 का मुख्य काम हमारी आंतों में कैल्शियम को अवशोषित करना है। बिना पर्याप्त विटामिन डी3 के, आप कितना भी कैल्शियम सप्लीमेंट ले लें, वह ठीक से अवशोषित नहीं हो पाएगा और बिना उपयोग हुए ही शरीर से बाहर निकल जाएगा, जिससे हड्डियों को कोई फायदा नहीं मिलेगा। इसलिए, कैल्शियम सप्लीमेंट लेते समय विटामिन डी3 का साथ होना बहुत जरूरी है।
विटामिन के2 का अहम योगदान
अब मान लेते हैं कि आपने कैल्शियम के साथ विटामिन डी3 भी लेना शुरू कर दिया है। अब कैल्शियम आपकी आंतों में ठीक से एब्जॉर्ब होकर खून में मिल गया। लेकिन अब इस कैल्शियम को सही जगह, यानी आपकी हड्डियों और दांतों तक पहुंचाना है। यहीं पर विटामिन के2 की भूमिका शुरू होती है। विटामिन के2 का मुख्य काम अवशोषित हुए कैल्शियम को सही जगह पर पहुंचाना है। यह शरीर में उन प्रोटीनों को सक्रिय करता है जो कैल्शियम को हड्डियों तक निर्देशित करते हैं और सुनिश्चित करते हैं कि कैल्शियम वहीं जाकर जमा हो जहां उसकी जरूरत है। यह कैल्शियम के प्रबंधन में एक बड़ी भूमिका निभाता है।
दिल पर कैसे पड़ता है खतरा?
अब सवाल यह उठता है कि किन परिस्थितियों में दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है? अगर आप कैल्शियम और विटामिन डी3 पर्याप्त मात्रा में ले रहे हैं, लेकिन विटामिन के2 नहीं ले रहे और आपके शरीर में भी इस विटामिन की कमी भी हो, तो कैल्शियम अवशोषित होने के बाद धमनियों में जमा होने लगता है।
यह जमाव धमनियों को सख्त और संकीर्ण बना देता है, जिसे एथेरोस्क्लेरोसिस कहते हैं। इस स्थिति में, धमनियों से खून का प्रवाह बाधित हो जाता है, जिससे रक्तचाप बढ़ जाता है और भविष्य में हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए, सिर्फ हड्डियों के लिए ही नहीं, बल्कि दिल की सेहत के लिए भी विटामिन के2 बहुत जरूरी है।
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क्या करें?
मजबूत हड्डियों और स्वस्थ दिल के लिए कैल्शियम, विटामिन डी3 और विटामिन के2 का सही संतुलन बहुत जरूरी है। आजकल बाजार में ये तीनों एक साथ ही कॉम्बो सप्लीमेंट के रूप में उपलब्ध होते हैं। अगर आप सप्लीमेंट लेने का विचार कर रहे हैं, तो ऐसे कॉम्बो सप्लीमेंट को प्राथमिकता दे सकते हैं, लेकिन हमेशा किसी डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। वे आपकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार सही संतुलन और खुराक बता पाएंगे, जिससे आप सुरक्षित और स्वस्थ दोनों रह सकें।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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