कुछ दशकों पहले तक हार्ट अटैक को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या के रूप में जाना जाता था, हालांकि कम उम्र के लोग भी अब इसकी चपेट में आ रहे हैं। हाल के महीनों में आपने कई ऐसी खबरें देखी-सुनी होंगी, जिसमें 30 से कम उम्र के लोगों को न सिर्फ दिल का दौरा पड़ा बल्कि इससे कई लोगों की मौत भी हो गई।
Heart Attack: पेट की दिक्कत मानकर हार्ट अटैक के लक्षणों को तो नहीं कर रहे इग्नोर? लापरवाही ले लेगी जान
हार्ट अटैक हमेशा सीने में तेज दर्द के साथ नहीं आता। कई बार शरीर इसके संकेत घंटों पहले देना शुरू कर देता है, लेकिन लोग उन्हें गैस, एसिडिटी, बदहजमी या सामान्य पेट दर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। यही लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
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हार्ट अटैक के असामान्य संकेतों को भी जानिए
डॉक्टर कहते हैं, हार्ट अटैक को अक्सर हम सभी सीने में तेज दर्द जैसे लक्षणों के साथ जोड़कर देखते हैं। सीने में दर्द, जकड़न और असहजता तो इसका संकेत है ही, पर इसके अलावा भी कई दिक्कतें हो सकती हैं जिसपर भी सभी लोगों को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
- हार्ट अटैक के कई संकेत पेट की दिक्कतों जैसे भी होते हैं। कई लोगों को गैस-एसिडिटी, बदहजमी जैसी दिक्कतें भी होती हैं जिसे सामान्य पेट दर्द समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। ये छोटी सी लापरवाही जानलेवा हो सकती है।
हार्ट अटैक में पाचन संबंधित दिक्कतें
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हार्ट अटैक की स्थिति में जब हृदय की मांसपेशियों तक पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता, तो शरीर कई तरह के संकेत देता है।
- इससे सीने में दबाव, सांस फूलने, ठंडा पसीना आने, कमजोरी, जबड़े या हाथ में दर्द की दिक्कत होती है।
- कई मरीजों में जी मिचलाने, उल्टी, पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द, भारीपन या जलन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
- महिलाओं, बुजुर्गों और डायबिटीज के मरीजों में ऐसे असामान्य लक्षण अधिक देखे जाते हैं।
इसलिए अगर पेट की परेशानी के साथ सीने में दबाव, सांस लेने में तकलीफ हो या चक्कर आए तो इसे केवल गैस समझकर दवा लेना खतरनाक हो सकता है। ऐसे समय में तुरंत डॉक्टर के पास जाना जरूरी है।
हार्ट अटैक के दौरान हर मरीज में पेट दर्द नहीं होता, लेकिन कुछ लोगों में पेट से जुड़े लक्षण प्रमुख संकेत बन सकते हैं। क्लीनिकल गाइडलाइंस के अनुसार, इन्फीरियर वॉल मायोकार्डियल इंफार्क्शन में मतली, उल्टी और पेट का दर्द अधिक देखा जाता है।
हार्ट अटैक में गोल्डन ऑवर सबसे महत्वपूर्ण
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के विशेषज्ञ जोर देते हैं कि हार्ट अटैक में गोल्डन ऑवर (पहला लगभग एक घंटा) बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान उपचार शुरू होने पर हृदय की मांसपेशियों को स्थायी नुकसान से काफी हद तक बचाया जा सकता है और मृत्यु का जोखिम कम होता है।
- यदि मरीज पहले से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल या हृदय रोग से पीड़ित है, तो ऐसे लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
- बिना डॉक्टर की सलाह के केवल गैस या एसिडिटी की दवा लेकर इंतजार करना खतरनाक हो सकता है।
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स्रोत:
Warning Signs of a Heart Attack
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