अगर आप सोचते हैं कि सिर्फ वयस्क ही हाई (उच्च) कोलेस्ट्रॉल से प्रभावित हो सकते हैं, तो आप बिल्कुल गलत हैं। बच्चों में भी कोलेस्ट्रॉल का स्तर अधिक हो सकता है, जिससे उन्हें कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, खासकर हृदय रोग की समस्या। ऐसे में जिन बच्चों में उच्च कोलेस्ट्रॉल की समस्या होती है, उन्हें हमेशा चिकित्सकीय देखभाल और जीवनशैली को सही रखने की जरूरत होती है। विशेषज्ञ कहते हैं कि उच्च कोलेस्ट्रॉल की समस्या में तब तक कोई खास तरह का लक्षण नजर नहीं आता, जब तक कि कोलेस्ट्रॉल एडवांस स्टेज (अग्रिम चरण) में न पहुंच जाए। आइए जानते हैं बच्चों में हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षणों और कारणों के बारे में...
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बच्चों में कोलेस्ट्रॉल का स्तर ज्यादातर तीन जोखिम कारकों से जुड़ा होता है। इसमें पहला है मोटापा। स्वास्थ्य संबंधी सूचनाएं प्रदान करने वाली वेबसाइट वेबएमडी के मुताबिक, अगर आपका बच्चा मोटापे का शिकार हो, तो आपको डॉ़क्टर से अपने बच्चे का कोलेस्ट्रॉल टेस्ट करवाने को लेकर जरूर सलाह लेनी चाहिए।
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विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर बच्चे के माता-पिता में से कोई एक या फिर दोनों को ही हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, तो ऐसी स्थिति में बच्चे को भी यह समस्या हो सकती है। इसलिए बेहतर होगा कि आप इस संबंध में किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह लें।
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स्वास्थ्य संबंधी सूचनाएं उपलब्ध कराने वाली अमेरिकी वेबसाइट मेडलाइन प्लस के मुताबिक, कुछ बीमारियां, जैसे कि मधुमेह, किडनी की बीमारी और थायरॉइड की समस्या, बच्चों और किशोरों में उच्च कोलेस्ट्रॉल का कारण बन सकती हैं। इसलिए यह जरूरी है कि आप अपने बच्चे के स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें और डॉक्टर से उचित सलाह लें।
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बच्चों में कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने का सबसे अच्छा तरीका स्वस्थ आहार लेना और नियमित रूप से व्यायाम करना है। वेबएमडी के मुताबिक, बच्चे को ऐसा आहार खिलाएं, जिसमें फैट और रिफाइंड कार्ब्स की मात्रा कम हो। इसके अलावा बच्चे को नियमित रूप से व्यायाम कराएं, जिसमें रनिंग, वॉकिंग आदि शामिल हैं। इससे काफी मदद मिल सकती है।
नोट: यह सलाह केवल आपको सामान्य जानकारी प्रदान करने के लिए दी गई है। आप स्वास्थ्य संबंधी कोई भी समस्या होने पर अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।