ये हैं शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण, नहीं संभले तो हो सकती हैं ये गंभीर बीमारियां
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क्यों बढ़ जाती है यूरिक एसिड की मात्रा?
सामान्य तौर पर शरीर की कोशिकाओं के टूटने की प्रक्रिया के द्वारा यूरिक एसिड का निर्माण होता है। जब हमारा खून नियमित रूप से किडनी तक पहुंचता है तो किडनी खून में मौजूद अधिकतर यूरिक एसिड को साफ कर देती है। इसके बाद जो भी यूरिक एसिड शेष बच जाता है वह या तो मूत्र या मल के द्वारा शरीर से बाहर निकल जाता है। लेकिन जब शरीर में यूरिक एसिड ज्यादा मात्रा में बनने लगता है तब इन सारी प्रक्रियाओं के बाद भी यह पूरी तरह से बाहर नहीं हो पाता है, जिसके कारण रक्त में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है।
कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं
खून में यूरिक एसिड बढ़ने से जोड़ों में ठोस क्रिस्टल बनने लगते हैं जिसके कारण गाउट रोग हो सकता है। इसके अलावा यूरिक एसिड बढ़ने से किडनी की पथरी या किडनी की खराबी भी हो सकती है। कई रोगियों में इसके कारण हृदय रोग और हड्डियों से जुड़ी अन्य समस्याएं भी देखी गई हैं।
कैसे पहचानें
डॉक्टरों के मुताबिक केवल एक-तिहाई लोगों में ही यूरिक एसिड बढ़ने से संबंधित लक्षण दिखाई देते हैं। यदि इसके कारण आपको गाउट की समस्या हो रही है तो आपको जोड़ों में दर्द, चलने में दिक्कत हो सकती है। इसके अलावा किडनी में पथरी की समस्या के कारण आपको पीठ के निचले हिस्से और बगल में दर्द के साथ मितली आने की समस्या हो सकती है।
बचाव कैसे करें
यूरिक एसिड बढ़ जाने पर रेड मीट, अधिक शर्करा वाले खाद्य और पेय पदार्थ, बीयर या अल्कोहल आदि का सेवन बंद कर देना चाहिए। इसके अलावा रोगी को अधिक मात्रा में तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए। वजन को नियंत्रित रखने के लिए आपको नियमित रूप से व्यायाम करना। इन उपायों के अलावा लक्षण दिखते ही डॉक्टर से सलाह जरूर लें।