Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi
जनरल फिजिशियन, चाइल्डकेयर हॉस्पिटल, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, डिप्लोमा सी.एच
अनुभव- 25 वर्ष
मौसम में बदलाव, फ्लू आदि के कारण खांसी आने लगती है। वहीं कई बार खांसी कई दिनों तक आती रहती है और सिरप या दवाई असर नहीं करती। बहुत ज्यादा खांसी आने से आप न तो कोई काम ठीक से कर पाते हैं और न ही सो पाते हैं। अगर आपको गीली खांसी की शिकायत होती है तो बलगम बनता है, जिससे फेफड़ों को साफ करने के लिए बलगम या कफ बनता है लेकिन सूखी खांसी में बलगम नहीं बनता। आमतौर पर सूखी खांसी फ्लू या सर्दी के बाद कई दिनों तक रहती है। इस मौसम में सूखी खांसी कई लोगों को परेशान करती है। खांसी के कारण कई बार को पूरी पूरी रात नींद नहीं आती। ऐसे में अगर आपको भी सूखी खांसी आ रही है और दवाएं असर नहीं कर रहीं तो कुछ घरेलू उपायों को अपनाकर आप सूखी खांसी से छुटकारा पा सकते हैं। अगली स्लाइड्स में जानिए सूखी खांसी के घरेलू उपचार।
Health Tips: बहुत ज्यादा खांसी आने से हैं परेशान, तो इन चार घरेलू उपचार से मिलेगा आराम
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सूखी खांसी से राहत के लिए घरेलू उपाय
अदरक और नमक
बहुत ज्यादा खांसी से परेशान हों तो अदरक के छोटे से टुकड़े में एक चुटकी नमक छिड़क कर अपने दांतों के नीचे दबा लीजिए। इससे अदरक का रस धीरे धीरे आपके गले तक पहुंचता है। अदरक के टुकड़े का रस 5-8 मिनट तक लेते रहें।
काली मिर्च और शहद
शहद और काली मिर्च को मिलाकर सेवन करने से भी खांसी से छुटकारा मिल सकता है। इसके लिए 4-5 काली मिर्च को पीसकर पाउडर बना लें। काली मिर्च पाउडर में शहद मिलाकर चटनी की तरह सेवन करें।
अदरक और शहद
अदरक और शहद दोनों ही सूखी खांसी से राहत पहुंचा सकते हैं। शहद और अदरक में मुलेठी मिलाकर सेवन करें। यह तीनों इम्यूनिटी बढ़ाने में फायदेमंद होती है। एक चम्मच शहद में अदरक के रस का सेवन करें। गले को सूखने से बचाने के लिए मुलेठी की छोटी सी डंडी को मुंह में रख लें। यह गले की खराश को दूर करती है।
गर्म पानी में शहद
खांसी से आराम पाने के लिए आधे गिलास हल्के गर्म पानी में शहद मिलाकर पीएं। रोजाना शहद के सेवन से सूखी खांसी से राहत मिलती है। रात में शहद मिलाकर गुनगुना पानी पीने से खराश दूर होती है।
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नोट: डॉ. राजन गांधी अत्यधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल, कानपुर में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।