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Period Pain Alert: मासिक धर्म में तेज दर्द कब नहीं माना जाता सामान्य? इन संकेतों को न करें नजरअंदाज
Tue, 11 Aug 2026 01:02 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Tue, 11 Aug 2026 01:02 PM IST
सार
Women Health Tips: महिलाओं के पीरियड के दिन काफी कठिन माने जाते हैं। खासतौर पर उन महिलाओं के लिए, जिन्हें इन दिनों असहनीय दर्द होता है। पर, कब ये दर्द सामान्य नहीं माना जाता, आज हम इसी बारे में आपसे बात करेंगे।
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मासिक धर्म में तेज दर्द कब सामान्य नहीं माना जाता?
- फोटो : AI
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Women Health Tips: मासिक धर्म के दौरान पेट के निचले हिस्से में दर्द, ऐंठन और कमर दर्द होना काफी सामान्य है। गर्भाशय की मांसपेशियों के सिकुड़ने की वजह से होने वाली इन तकलीफों को आमतौर पर पीरियड क्रैम्प्स कहा जाता है।
मासिक धर्म में तेज दर्द कब सामान्य नहीं माना जाता?
- फोटो : AI
मासिक धर्म में तेज दर्द कब सामान्य नहीं माना जाता?
दर्द इतना हो कि रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगें
पीरियड्स के दौरान हल्का या मध्यम दर्द आम बात हो सकती है। लेकिन अगर दर्द इतना तेज हो जाए कि महिला को ऑफिस, स्कूल, कॉलेज जाने, घर का काम करने या सामान्य गतिविधियां करने में परेशानी होने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर हर महीने दर्द की वजह से बिस्तर पर आराम करना पड़े या काम से छुट्टी लेनी पड़े, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। लगातार होने वाला गंभीर दर्द किसी अन्य समस्या का संकेत हो सकता है।
दर्द इतना हो कि रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगें
पीरियड्स के दौरान हल्का या मध्यम दर्द आम बात हो सकती है। लेकिन अगर दर्द इतना तेज हो जाए कि महिला को ऑफिस, स्कूल, कॉलेज जाने, घर का काम करने या सामान्य गतिविधियां करने में परेशानी होने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर हर महीने दर्द की वजह से बिस्तर पर आराम करना पड़े या काम से छुट्टी लेनी पड़े, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। लगातार होने वाला गंभीर दर्द किसी अन्य समस्या का संकेत हो सकता है।
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समय के साथ पीरियड दर्द बढ़ता जाए
अगर पहले पीरियड्स के दौरान हल्का दर्द होता था, लेकिन कुछ महीनों या वर्षों में यह दर्द लगातार बढ़ रहा है, तो इसकी वजह जानना जरूरी है। खासकर वयस्क महिलाओं में अचानक बढ़ा हुआ मासिक धर्म दर्द केवल सामान्य क्रैम्प्स नहीं माना जाता। डॉक्टर जरूरत के अनुसार मेडिकल हिस्ट्री, शारीरिक जांच या अन्य टेस्ट की सलाह दे सकते हैं।
अगर पहले पीरियड्स के दौरान हल्का दर्द होता था, लेकिन कुछ महीनों या वर्षों में यह दर्द लगातार बढ़ रहा है, तो इसकी वजह जानना जरूरी है। खासकर वयस्क महिलाओं में अचानक बढ़ा हुआ मासिक धर्म दर्द केवल सामान्य क्रैम्प्स नहीं माना जाता। डॉक्टर जरूरत के अनुसार मेडिकल हिस्ट्री, शारीरिक जांच या अन्य टेस्ट की सलाह दे सकते हैं।
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तेज दर्द के साथ बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होना
पीरियड्स के दौरान ज्यादा रक्तस्राव के साथ तेज दर्द हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो सकता है। अगर ब्लीडिंग सामान्य से काफी ज्यादा है, लंबे समय तक जारी रहती है या बार-बार बहुत कम समय में पैड बदलना पड़ रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें। ज्यादा ब्लीडिंग की वजह से शरीर में आयरन की कमी और एनीमिया जैसी समस्या भी हो सकती है।
पीरियड्स के दौरान ज्यादा रक्तस्राव के साथ तेज दर्द हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो सकता है। अगर ब्लीडिंग सामान्य से काफी ज्यादा है, लंबे समय तक जारी रहती है या बार-बार बहुत कम समय में पैड बदलना पड़ रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें। ज्यादा ब्लीडिंग की वजह से शरीर में आयरन की कमी और एनीमिया जैसी समस्या भी हो सकती है।
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मासिक धर्म में तेज दर्द कब सामान्य नहीं माना जाता?
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पीरियड खत्म होने के बाद भी दर्द बना रहना
सामान्य पीरियड क्रैम्प्स आमतौर पर मासिक धर्म के आसपास होते हैं। लेकिन अगर पीरियड खत्म होने के बाद भी पेट के निचले हिस्से या पेल्विक एरिया में दर्द बना रहता है, तो इसकी जांच जरूरी हो सकती है। लगातार पेल्विक पेन के पीछे एंडोमेट्रियोसिस, एडेनोमायोसिस, फाइब्रॉइड या अन्य स्त्री रोग संबंधी कारण हो सकते हैं।
सामान्य पीरियड क्रैम्प्स आमतौर पर मासिक धर्म के आसपास होते हैं। लेकिन अगर पीरियड खत्म होने के बाद भी पेट के निचले हिस्से या पेल्विक एरिया में दर्द बना रहता है, तो इसकी जांच जरूरी हो सकती है। लगातार पेल्विक पेन के पीछे एंडोमेट्रियोसिस, एडेनोमायोसिस, फाइब्रॉइड या अन्य स्त्री रोग संबंधी कारण हो सकते हैं।