Longevity Test: घर पर ये 7 आसान टेस्ट खोल देंगे आपकी सेहत का राज, पता चल जाएगा कितनी लंबी होगी उम्र?
शोधकर्ताओं के मुताबिक शरीर की ताकत, संतुलन, लचीलापन और चलने-फिरने की फुर्ती सिर्फ यह नहीं बताती कि कोई व्यक्ति कितना फिट है, बल्कि इनसे उसकी आगे की सेहत और लंबे समय तक जीवित रहने की संभावना का भी अंदाजा लगाया जा सकता है।
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हम में से हर कोई ये जानना चाहता है कि भविष्य में उसकी सेहत कैसी रहेगी, उसे किसी गंभीर बीमारी का खतरा तो नहीं है और उसकी उम्र कितनी लंबी होगी? पर क्या ये सब जान पाना इतना आसान है? आपने कई फिक्शन फिल्मों में भविष्य के बारे में पता लगाते हुए देखा होगा, पर क्या हो अगर हम आपको बताएं कि आप आसानी से घर बैठे ही इस बात का पता लगा सकते हैं कि असल में आपके कितने लंबे समय तक जीने की संभावना है?
अपनी उम्र और भविष्य की सेहत का अंदाजा लगाने के लिए न तो आपको किसी महंगे मेडिकल टेस्ट, बड़ी मशीन या अस्पताल की लंबी जांच की जरूरत है, न ही मोटा पैसा खर्च करने की। घर में इस्तेमाल होने वाली कुछ आम सी चीजों जैसे कुर्सी आदि से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। ये कोई फिक्शन कहानी नहीं है, बल्कि वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन के आधार पर इसकी पुष्टि की है।
शोधकर्ताओं के मुताबिक शरीर की ताकत, संतुलन, लचीलापन और चलने-फिरने की फुर्ती सिर्फ यह नहीं बताती कि आप कितने फिट हैं, बल्कि इनसे आपकी सेहत और लंबे समय तक जीवित रहने की संभावनाओं का भी अंदाजा लगाया जा सकता है।
पर ये होगा कैसे, किस तरह से आप अपनी सेहत और उम्र का अंदाजा लगा सकते हैं, आइए इस बारे में विस्तार से जान लेते हैं।
शरीर की फिटनेस का पता लगाने के लिए टेस्ट
ताइवान में 13 हजार से ज्यादा बुजुर्गों पर किए गए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने शरीर की फिटनेस को सात आसान परीक्षणों के जरिए परखा। इसके नतीजे चौंकाने वाले रहे। जिन लोगों ने इन टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन किया, उनमें अध्ययन के दौरान मृत्यु का जोखिम कम पाया गया।
- वैज्ञानिकों का कहना है कि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि कोई व्यक्ति सिर्फ इन सात टेस्ट को करके अपनी उम्र या मृत्यु का सटीक अनुमान लगा सकता है।
- लेकिन ये छोटे-छोटे टेस्ट शरीर के उस हिस्से की स्थिति जरूर बताते हैं, जिसे हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं।
- भविष्य में यही आपकी सेहत को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाने वाले हो सकते हैं।
इस परीक्षण में शोधकर्ताओं ने बताया कि उम्रदराज लोग 30 सेकंड में कितने बाइसेप कर्ल कर सकते हैं और वे एक पैर पर कितनी देर तक अपना संतुलन बनाए रख सकते हैं? इन दोनों बातों से उनकी आगे की सेहत और लंबे समय तक जीवित रहने की संभावनाओं का अंदाजा लगाया जा सकता है। बाइसेप कर्ल, हाथों की मांसपेशियों को मजबूत करने वाली कसरत को कहते हैं।
इसके अलावा दो मिनट में कोई व्यक्ति कितने कदम चल सकता है और बैठकर अपने हाथों को पीठ के पीछे कितनी दूर तक ले जा सकता है, ये भी शरीर की फिटनेस के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं।
विशेषज्ञों ने पाया कि जिन लोगों ने इन सभी शारीरिक परीक्षणों में बेहतर प्रदर्शन किया, उनमें कम स्कोर वाले लोगों की तुलना में लंबे समय तक जीवित रहने की संभावना करीब दो-तिहाई अधिक थी।
सात टेस्ट तय कर सकते हैं सेहत का हाल
इस अध्ययन की रिपोर्ट को जामा नेटवर्क ओपेन जर्नल में प्रकाशित किया गया है। विशेषज्ञों ने बताया कि अध्ययन के निष्कर्ष से पता चलता है कि शारीरिक फिटनेस, हमारे स्वास्थ्य का एक ऐसा पहलू है, जिसकी मदद से व्यक्ति की सेहत के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
- इस अध्ययन में ताइवान के 13,423 लोगों को शामिल किया गया। इन लोगों की औसत उम्र 73 साल थी और करीब दो-तिहाई प्रतिभागी महिलाएं थीं।
- शोधकर्ताओं का उद्देश्य यह समझना था कि लोगों की शारीरिक फिटनेस और ऑल-कॉज मॉर्टेलिटी यानी किसी भी कारण से मृत्यु होने के जोखिम के बीच क्या संबंध है?
चुंग युआन क्रिश्चियन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने शारीरिक फिटनेस के चार प्रमुख पहलुओं जैसे दिल और फेफड़ों की क्षमता, मांसपेशियों की ताकत, शरीर के लचीलापन के साथ संतुलन और फुर्ती की जांच की। इसके लिए सात अलग-अलग परीक्षण किए गए।
1. दो मिनट में कितने कदम चल सकते हैं?
- दिल और फेफड़ों की फिटनेस यानी शरीर कितनी अच्छी तरह ऑक्सीजन का इस्तेमाल कर पाता है, यह जानने के लिए देखा गया कि व्यक्ति दो मिनट में कितने कदम चल सकता है।
2. 30 सेकंड में कितने बाइसेप कर्ल?
- मांसपेशियों की ताकत जांचने के लिए प्रतिभागियों में देखा गया कि वे 30 सेकंड में कितने बाइसेप कर्ल कर सकते हैं। यह हाथों की मांसपेशियों की ताकत का अंदाजा देता है।
3. 30 सेकंड में कितनी बार कुर्सी से उठे-बैठे?
- दूसरे टेस्ट में देखा गया कि व्यक्ति 30 सेकंड में कितनी बार कुर्सी से उठकर दोबारा बैठ सकता है। इससे खास तौर पर पैरों और शरीर के निचले हिस्से की ताकत का पता चलता है।
4. पीठ के पीछे हाथ कितनी दूर तक पहुंचा सकते हैं?
- लचीलेपन यानी शरीर और जोड़ों को आसानी से हिलने-डुलने की क्षमता को जांचने के लिए प्रतिभागियों से पीठ के पीछे हाथ ले जाने को कहा गया।
5. पैर की उंगलियों को छूने का टेस्ट
- इसके अलावा बैठकर पैर की उंगलियों की ओर हाथ पहुंचाने की क्षमता भी देखी गई।
6. एक पैर पर कितनी देर खड़े रह सकते हैं?
- संतुलन जांचने के लिए देखा गया कि व्यक्ति एक पैर पर कितनी देर तक बिना गिरे खड़ा रह सकता है।
7. कुर्सी से उठकर 8 फीट चलने में कितना समय लगता है?
- फुर्ती और शरीर पर नियंत्रण देखने के लिए एक और टेस्ट किया गया। इसमें व्यक्ति को कुर्सी से उठना था, करीब 8 फीट चलना, घूमकर वापस आना और फिर कुर्सी पर बैठना था। इसमें लगने वाला समय रिकॉर्ड किया गया।
इसके बाद शोधकर्ताओं ने इन सभी सातों परीक्षणों के नतीजों को मिलाकर हर व्यक्ति का एक ओवरऑल फिटनेस स्कोर तैयार किया।
अध्ययन में क्या पता चला?
इन टेस्ट के नतीजों में सामने आया कि जो लोग कुर्सी से सबसे तेजी से उठकर 8 फीट चल पाए, उनमें सात साल की अध्ययन अवधि के दौरान मृत्यु का जोखिम 59 प्रतिशत कम था। महिलाओं में यह जोखिम तब बढ़ना शुरू हुआ, जब इस टेस्ट को पूरा करने में करीब 7 से 8 सेकंड से ज्यादा समय लगा।
- एक पैर पर सबसे अच्छा संतुलन बनाए रखने वाले लोगों में मृत्यु का जोखिम 50 प्रतिशत कम पाया गया।
- 30 सेकंड में सबसे ज्यादा बार कुर्सी से उठने-बैठने वाले लोगों में यह जोखिम 45 प्रतिशत कम था। हालांकि पुरुषों में करीब 15 बार कुर्सी से उठने-बैठने के बाद इसका फायदा एक स्तर पर आकर लगभग स्थिर होता दिखा।
- दो मिनट वाले स्टेपिंग टेस्ट में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले लोगों में भी मृत्यु का जोखिम 42 प्रतिशत कम था।
जब शोधकर्ताओं ने सभी सात फिटनेस टेस्ट को मिलाकर देखा तो सबसे फिट समूह में सबसे कम फिट समूह की तुलना में सात साल के दौरान मृत्यु का जोखिम करीब 61 प्रतिशत कम पाया गया। शोधकर्ताओं का मानना है कि इन नतीजों के आधार पर भविष्य में डॉक्टर बुजुर्गों की सामान्य स्वास्थ्य जांच के दौरान इस तरह के फिटनेस टेस्ट को भी शामिल कर सकते हैं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
वैज्ञानिकों ने यह भी कहा कि इन सातों परीक्षणों में से हर एक का स्वास्थ्य पर अलग-अलग योगदान हो सकता है। शरीर का अच्छा संतुलन, बेहतर तरीके से चल पाने की क्षमता और पैरों की मजबूती व्यक्ति के गिरने के जोखिम को कम कर सकते हैं।
- बढ़ती उम्र में गिरना बेहद गंभीर समस्या बन सकता है, क्योंकि इससे हड्डियों में गंभीर फ्रैक्चर, अस्पताल में भर्ती होने और कुछ मामलों में मृत्यु तक का खतरा बढ़ सकता है।
- शोधकर्ताओं ने यह भी बताया कि एक पैर पर अच्छा संतुलन बनाने और 8 फीट चलने वाले लोगों में न्यूरोमस्कुलर कंट्रोल यानी दिमाग और मांसपेशियों के बीच बेहतर तालमेल होता है। यही तालमेल शरीर को सही समय पर सही तरीके से हिलाने-डुलाने में मदद करता है।
अध्ययन के दौरान जिन लोगों की मृत्यु हुई, उनमें शारीरिक रूप से कम सक्रिय होने के अलावा अधिक उम्र, कम आर्थिक स्थिति और पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याएं भी ज्यादा देखने को मिलीं।
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स्रोत:
This simple strength test could predict how long you live
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