दिल की बीमारियों का खतरा दुनियाभर में तेजी से बढ़ता जा रहा है। कम उम्र के लोग भी बड़ी संख्या में इसकी चपेट में देखे जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कार्डियोवैस्कुलर डिजीज (दिल की बीमारियों) का खतरा समय रहते समझना बेहद जरूरी है, क्योंकि शुरुआती स्टेज में ही सही कदम उठाकर इसे काफी हद तक रोका भी जा सकता है। हालांकि चिंता की बात ये है कि अक्सर ज्यादातर लोग शुरुआत में इसके लक्षणों को हल्का समझकर अनदेखा करते रहते हैं, जिस वजह से ये बीमारी गंभीर रूप ले लेती है।
Heart Health: कहीं आपको भी तो नहीं है दिल की बीमारी का खतरा? इस कैलकुलेटर से 10 साल का रिस्क जानिए मिनटों में
दिल की बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी ने कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल की गाइडलाइंस में बड़ा बदलाव किया है। इसके मुताबिक, 19 साल की उम्र से हर 5 साल में लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराना चाहिए।
कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल रखना बहुत जरूरी
आपमें हृदय रोगों का कितना खतरा है, इसे समझने के लिए डॉक्टर आपकी उम्र, जेंडर, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल लेवल, स्मोकिंग की आदत, डायबिटीज और फैमिली हिस्ट्री देखते हैं। अगर आपका ब्लड प्रेशर हाई रहता है, कोलेस्ट्रॉल की समस्या है या आप धूम्रपान करते हैं, तो जोखिम ज्यादा हो सकता है।
हृदय की बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए अब अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी (एसीसी) कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल से संबंधित गाइडलाइंस में बड़ा बदलाव किया है। इसके मुताबिक 19 साल की उम्र से हर 5 साल में लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराना चाहिए। अमर उजाला में प्रकाशित इस रिपोर्ट में आप इसे विस्तार से जान सकते हैं।
अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी के विशेषज्ञों ने बताया अपनी उम्र और जोखिमों को देखते हुए कोलेस्ट्रॉल की जांच जरूरी है।
- 9-11 वर्षः एक बार जांच जरूरी (जेनेटिक खतरे का आकलन )
- 19 वर्ष से ऊपरः हर 5 साल में 'लिपिड प्रोफाइल' टेस्ट जरूर कराएं।
- 30 वर्ष से ऊपरः ‘PREVENT कैलकुलेटर से 10 और 30 साल का रिस्क स्कोर की जांच की जा सकती है।
PREVENT कैलकुलेटर की मदद से आप घर पर ही अपने खतरे का अंदाजा लगा सकते हैं।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने 'प्रेडिक्टिंग रिस्क ऑफ कार्डियोवैस्कुलर डिजीज (PREVENT) कैलेकुलेटर तैयार किया है जिसकी मदद से अगले 10 और 30 वर्षों में अपने जोखिम का अनुमान लगा सकते हैं। इस कैलकुलेटर में आपको अपनी उम्र, लिंग, बीपी, टोटल कोलेस्ट्रॉल, बीएमआई, डायबिटीज, स्मोकिंग करते हैं या नहीं इसकी जानकारी देनी होती है। इसके आधार पर मिनटों में ही जान सकते हैं कि आप कितने खतरे में हैं।
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हार्ट डिजीज से बचाव कैसे करें?
डॉक्टर कहते हैं, दिल की बीमारी से बचाव के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव सबसे असरदार तरीका है।
- रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज जैसे वॉकिंग या योग करें।
- संतुलित डाइट लें जिसमें नमक- तेल कम हो और ज्यादा फल-सब्जियां ज्यादा हों।
- स्मोकिंग और अल्कोहल से दूरी बनाना जरूरी है।
- नियमित हेल्थ चेकअप कराते रहें ताकि बीपी, शुगर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर का अंदाजा लग सके।
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स्रोत:
The American Heart Association PREVENT™ Online Calculator
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