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Pros and Cons of Drinking With a Straw: क्या सिपर और टम्बलर से पानी पीना सेहत के लिए सही है?
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Wed, 10 Jun 2026 01:05 PM IST
सार
Pros and Cons of Drinking with a Straw: आजकल सिपर और टम्बलर से पानी पीने का काफी ट्रेंड चल रहा है। ये आपके स्वास्थ्य के लिए कितना सही है, आइए जानते हैं....
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क्या सिपर और टम्बलर से पानी पीना सेहत के लिए सही है?
- फोटो : AI
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Pros and Cons of Drinking with a Straw: आजकल सिपर बोतल, टम्बलर और स्ट्रॉ के जरिए पानी पीने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से लेकर फिटनेस प्रेमियों तक, हर कोई इन स्टाइलिश और सुविधाजनक टम्बलर और सिपर का इस्तेमाल करता नजर आ रहा है।
क्या सिपर और टम्बलर से पानी पीना सेहत के लिए सही है?
- फोटो : AI
स्ट्रॉ या सिपर से पानी पीने के फायदे
1. हाइड्रेशन बढ़ाने में मदद करता है
स्ट्रॉ या सिपर से पानी पीना आसान होता है, जिससे लोग बिना मेहनत के ज्यादा मात्रा में पानी पी लेते हैं। यह शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाने और एनर्जी बनाए रखने में मदद करता है।
2. मल्टीटास्किंग के दौरान उपयोगी
काम करते हुए, ड्राइविंग के दौरान या जिम में एक्सरसाइज करते समय सिपर से पानी पीना बेहद आसान हो जाता है। यही कारण है कि यह आजकल काफी लोकप्रिय हो गया है।
1. हाइड्रेशन बढ़ाने में मदद करता है
स्ट्रॉ या सिपर से पानी पीना आसान होता है, जिससे लोग बिना मेहनत के ज्यादा मात्रा में पानी पी लेते हैं। यह शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाने और एनर्जी बनाए रखने में मदद करता है।
2. मल्टीटास्किंग के दौरान उपयोगी
काम करते हुए, ड्राइविंग के दौरान या जिम में एक्सरसाइज करते समय सिपर से पानी पीना बेहद आसान हो जाता है। यही कारण है कि यह आजकल काफी लोकप्रिय हो गया है।
क्या सिपर और टम्बलर से पानी पीना सेहत के लिए सही है?
- फोटो : AI
3. दांतों की सुरक्षा में सहायक
जब जूस, कोल्ड ड्रिंक या एसिडिक ड्रिंक्स स्ट्रॉ के जरिए पिए जाते हैं, तो उनका संपर्क दांतों से कम होता है। इससे दांतों के इनेमल को कुछ हद तक सुरक्षा मिल सकती है।
4. बच्चों और मरीजों के लिए बेहतर विकल्प
छोटे बच्चों या ऐसे मरीज जिन्हें गिलास से पानी पीने में परेशानी होती है, उनके लिए सिपर एक सुरक्षित और आसान विकल्प साबित होता है।
जब जूस, कोल्ड ड्रिंक या एसिडिक ड्रिंक्स स्ट्रॉ के जरिए पिए जाते हैं, तो उनका संपर्क दांतों से कम होता है। इससे दांतों के इनेमल को कुछ हद तक सुरक्षा मिल सकती है।
4. बच्चों और मरीजों के लिए बेहतर विकल्प
छोटे बच्चों या ऐसे मरीज जिन्हें गिलास से पानी पीने में परेशानी होती है, उनके लिए सिपर एक सुरक्षित और आसान विकल्प साबित होता है।
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क्या सिपर और टम्बलर से पानी पीना सेहत के लिए सही है?
- फोटो : AI
स्ट्रॉ या सिपर से पानी पीने के नुकसान
इसके फायदे तो हैं, लेकिन कुछ स्वास्थ्य और पर्यावरण संबंधी नुकसान भी सामने आते हैं।
1. अतिरिक्त हवा निगलने की समस्या
स्ट्रॉ से पानी पीते समय कई बार हवा भी अंदर चली जाती है, जिससे पेट फूलना, गैस और असहजता जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
2. बैक्टीरिया जमा होने का खतरा
अगर सिपर, स्ट्रॉ या बोतल को रोजाना अच्छे से साफ नहीं किया जाए तो उसमें बैक्टीरिया और फंगस पनप सकते हैं, जो संक्रमण का कारण बन सकते हैं।
इसके फायदे तो हैं, लेकिन कुछ स्वास्थ्य और पर्यावरण संबंधी नुकसान भी सामने आते हैं।
1. अतिरिक्त हवा निगलने की समस्या
स्ट्रॉ से पानी पीते समय कई बार हवा भी अंदर चली जाती है, जिससे पेट फूलना, गैस और असहजता जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
2. बैक्टीरिया जमा होने का खतरा
अगर सिपर, स्ट्रॉ या बोतल को रोजाना अच्छे से साफ नहीं किया जाए तो उसमें बैक्टीरिया और फंगस पनप सकते हैं, जो संक्रमण का कारण बन सकते हैं।
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क्या सिपर और टम्बलर से पानी पीना सेहत के लिए सही है?
- फोटो : AI
3. चेहरे की मांसपेशियों पर असर
लगातार लंबे समय तक स्ट्रॉ का इस्तेमाल करने से होंठों के आसपास की मांसपेशियों पर दबाव पड़ सकता है, जिससे समय के साथ फाइन लाइन्स या झुर्रियों की संभावना बढ़ सकती है।
4. प्लास्टिक स्ट्रॉ का पर्यावरण पर प्रभाव
डिस्पोजेबल प्लास्टिक स्ट्रॉ पर्यावरण के लिए बेहद हानिकारक हैं। ये आसानी से डिकंपोज नहीं होते और प्रदूषण बढ़ाते हैं।
लगातार लंबे समय तक स्ट्रॉ का इस्तेमाल करने से होंठों के आसपास की मांसपेशियों पर दबाव पड़ सकता है, जिससे समय के साथ फाइन लाइन्स या झुर्रियों की संभावना बढ़ सकती है।
4. प्लास्टिक स्ट्रॉ का पर्यावरण पर प्रभाव
डिस्पोजेबल प्लास्टिक स्ट्रॉ पर्यावरण के लिए बेहद हानिकारक हैं। ये आसानी से डिकंपोज नहीं होते और प्रदूषण बढ़ाते हैं।