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Health Tips: सिर्फ एक आदत आपके तनाव और चिंता को करेगी दूर, जानें इसे पालन करने का सही तरीका

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिखर बरनवाल Updated Tue, 06 Jan 2026 08:23 PM IST
सार

Writing Therapy For Depression And Anxiety: जर्नलिंग हमारे दिमाग को शांत और सुलझा हुआ रखने का एक बहुत अच्छा तरीका, साथ ही ये आपके मानसिक तनाव को बहुत आसानी से दूर करता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं कि जर्नलिंग करने का सही तरीका क्या है?

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Journaling Just one habit will relieve your stress and anxiety learn the right way of Journaling
मानसिक तनाव को कम करने के उपाय - फोटो : Adobe Stock

Journaling Prompts For Self-Awareness: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और डिजिटल शोर के बीच मानसिक तनाव और चिंता एक अदृश्य महामारी बन चुके हैं। ऐसे में बहुत से लोग तनाव की वजह से परेशान रहते हैं और कई तरह के उपाय अपनाते हैं, कई बार उन उपायों के बाद भी वो मानसिक रूप से परेशान रहते हैं। मगर आज हम आपको स्ट्रेस को दूर करने के लिए एक ऐसा मनोवैज्ञानिक उपाय बताने जा रहे हैं, जिसे अपनाकर आप काफी अच्छा महसूस करेंगे। वो आदत है 'जर्नलिंग', कई विशेषज्ञ भी इसकी सलाह देते हैं। 



जर्नलिंग का अर्थ है अपने विचारों, भावनाओं और दैनिक अनुभवों को कागज पर उतारना। यह केवल डायरी लिखना नहीं है, बल्कि अपने मस्तिष्क के कचरे को बाहर निकालने की एक थेरेपी है। जब हम तनाव में होते हैं, तो हमारे विचार एक अंतहीन चक्र में घूमते रहते हैं, जिससे घबराहट बढ़ती है। लिखने की प्रक्रिया हमारे मस्तिष्क के 'एमीगडाला' को शांत करती है, जो डर और तनाव के लिए जिम्मेदार होता है। 

जर्नलिंग हमें अपने डर का सामना करने, समस्याओं का समाधान खोजने और खुद को बेहतर तरीके से समझने में मदद करती है। यह एक ऐसा तरीका है जिससे आप बिना किसी निर्णय या डर के पूरी तरह ईमानदार हो सकते हैं। शोध बताते हैं कि मात्र 15-20 मिनट की नियमित जर्नलिंग आपके 'कोर्टिसोल' (तनाव हार्मोन) के लेवल को काफी कम कर सकती है और भावनात्मक मजबूती प्रदान करती है।

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जर्नलिंग - फोटो : Adobe Stock
जर्नलिंग शुरू करने का सही तरीका
जर्नलिंग शुरू करने के लिए आपको किसी साहित्यिक कौशल की आवश्यकता नहीं है। बस एक पेन और डायरी लें और लिखना शुरू करें। सबसे प्रभावी तरीका है 'ब्रेन डंप', जिसमें आप जो कुछ भी सोच रहे हैं उसे बिना सोचे-समझे लिख देते हैं। आप 'ग्रैटिट्यूड जर्नलिंग' भी कर सकते हैं, जिसमें दिन की तीन सकारात्मक चीजें लिखी जाती हैं। शुरुआत में दिन के मात्र 5-10 मिनट इसके लिए निकालें।

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स्ट्रेस - फोटो : adobe stock images
समय और निरंतरता का महत्व
जर्नलिंग का सबसे अधिक लाभ तब मिलता है जब इसे एक दिनचर्या बनाया जाए। कई विशेषज्ञ 'मॉर्निंग पेजेस' (सुबह उठते ही लिखना) की सलाह देते हैं क्योंकि उस समय अवचेतन मन अधिक सक्रिय होता है। वहीं रात को सोने से पहले लिखने से दिनभर का तनाव रिलीज होता है और नींद बेहतर आती है। मुख्य बात 'परफेक्शन' नहीं बल्कि 'निरंतरता' है, भले ही आप दो लाइनें लिखें, पर रोज लिखें।

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जर्नलिंग - फोटो : Adobe Stock
तनाव और चिंता में कैसे मिलती है राहत?
जब आप अपनी चिंताओं को लिखते हैं, तो वे आपके नियंत्रण में आने लगती हैं। यह प्रक्रिया आपके भीतर छिपी दबी हुई भावनाओं को बाहर निकालती है, जिसे 'कैथार्सिस' कहा जाता है। जर्नलिंग आपको अपनी आदतों और ट्रिगर्स (तनाव पैदा करने वाली चीजें) को पहचानने में मदद करती है। समय के साथ, आप पाते हैं कि जिन समस्याओं ने आपको हफ्तों परेशान किया, वे कागज पर उतनी बड़ी नहीं थीं।

 
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जर्नलिंग - फोटो : Adobe Stock
खुद से जुड़ने का एक छोटा सा कदम
जर्नलिंग केवल कागज काले करना नहीं, बल्कि खुद से दोस्ती करने का एक तरीका है। यह एक सस्ता और सुलभ 'सेल्फ-केयर' टूल है जो आपकी मानसिक सेहत को बदल सकता है। यदि आप भी अक्सर विचारों के बोझ से दबा हुआ महसूस करते हैं, तो आज ही एक डायरी उठाएं। ध्यान रखें आपके शब्द आपकी मानसिक आजादी की चाबी बन सकते हैं। एक बार जब आप लिखना शुरू करेंगे, तो आप खुद अपने जीवन के शांत पर्यवेक्षक बन जाएंगे।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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