Nutritional Deficiencies Lead to Procrastination: क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो अक्सर जरूरी कामों को टालते रहते हैं? क्या आपको भी हर काम की शुरुआत करने में मुश्किल होती है और आप आलस महसूस करते हैं? अक्सर हम इस आदत को अनुशासन की कमी या आलस्य से जोड़कर देखते हैं। इसे आम बोलचाल में टालमटोल करना या प्रोकास्टिनेशन कहते हैं।
Procrastination: शरीर में इन पोषक तत्वों की कमी से भी बन जाती है काम टालने की आदत
काम टालना एक आम आदत है, जो अधिकतर लोग करते हैं। किसी काम करने के बारे में सोचते तो हैं, लेकिन टालमटोल करके वो नहीं कर पाते हैं। इसे प्रोकास्टिनेशन भी कहते हैं। यह एक ऐसी समस्या है, जो कुछ मामलों में पोषक तत्वों की कमी से भी हो सकती है। आइए इसी के बारे में जानते हैं।
आयरन की कमी
आयरन हमारे शरीर के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खनिज है, जो हीमोग्लोबिन के उत्पादन में मदद करता है। हीमोग्लोबिन पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। जब शरीर में आयरन की कमी होती है, जिसे एनीमिया भी कहते हैं, तो मस्तिष्क और मांसपेशियों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। इसके कारण व्यक्ति को लगातार थकान और कमजोरी महसूस होती है। ऐसे में, किसी भी काम को शुरू करने या उसे पूरा करने की ऊर्जा ही नहीं बचती, जिसके परिणामस्वरूप काम टालने की आदत बढ़ जाती है।
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विटामिन बी12 की कमी
विटामिन बी12 हमारे नर्वस सिस्टम और मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण होता है। यह न्यूरोट्रांसमीटर के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है, जो मूड और एकाग्रता को नियंत्रित करते हैं। विटामिन बी12 की कमी से 'ब्रेन फॉग' यानी दिमाग में धुंधलापन महसूस हो सकता है, जिससे ध्यान केंद्रित करना और जटिल कार्यों को समझना मुश्किल हो जाता है। जब कोई काम मुश्किल लगता है, तो उसे टालना आसान हो जाता है, और यही स्थिति काम टालने की आदत को बढ़ावा देती है।
मैग्नीशियम और ओमेगा-3 फैटी एसिड
मैग्नीशियम एक ऐसा खनिज है जो शरीर में 300 से अधिक रासायनिक प्रतिक्रियाओं में शामिल होता है। यह तनाव को कम करने और नींद की गुणवत्ता सुधारने में मदद करता है। इसकी कमी से बेचैनी, चिड़चिड़ापन और नींद न आने की समस्या हो सकती है, जो काम करने की इच्छा को कम कर देती है। वहीं, ओमेगा-3 फैटी एसिड मस्तिष्क के कार्य और मूड को बेहतर बनाने के लिए जरूरी है। ओमेगा-3 की कमी को डिप्रेशन और एंग्जाइटी से जोड़ा गया है, जो टालमटोल की आदत का मूल कारण बन सकते हैं।
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विटामिन डी की कमी
हाल के शोधों से पता चला है कि विटामिन डी का संबंध सिर्फ हड्डियों से ही नहीं, बल्कि मस्तिष्क के स्वास्थ्य से भी है। विटामिन डी की कमी को डिप्रेशन और थकान से जोड़ा गया है। यदि आपके शरीर में विटामिन डी का स्तर कम है, तो आप खुद को थका हुआ और प्रेरणाहीन महसूस कर सकते हैं। यह नकारात्मक भावनाएं और कम ऊर्जा, किसी भी काम को समय पर पूरा करने की प्रेरणा को खत्म कर देती हैं, जिससे आप अनजाने में ही काम को टालने लगते हैं।
लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आप लक्षणों के आधार पर कोई सप्लीमेंट ले लें, किसी भी तरह का सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से जरूर सलाह लें। वे आपकी सेहत, उम्र, जीवनशैली और मेडिकल हिस्ट्री को देखकर ही बता सकते हैं कि आपको वास्तव में किसी सप्लीमेंट की जरूरत है या नहीं।
स्रोत और संदर्भ
Procrastination in Daily Working Life
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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