Monkeypox vs Chickenpox Symptoms: मंकीपॉक्स और चिकनपॉक्स, दोनों ही त्वचा पर दाने (रैशेज) और फफोले पैदा करने वाले वायरल संक्रमण हैं, जिसके कारण कई बार लोग इन दोनों के बीच भ्रमित हो जाते हैं। हालांकि दोनों के शुरुआती लक्षण मिलते-जुलते हैं, लेकिन ये दो अलग-अलग वायरस (मंकीपॉक्स वायरस और वैरिसेला-जोस्टर वायरस) के कारण होते हैं, इसलिए इसका इलाज भी अलग होता है।
Health Tips: मंकीपॉक्स और चिकनपॉक्स में क्या है अंतर? इनके लक्षणों से कर सकते हैं पहचान
मंकीपॉक्स और चिकनपॉक्स दोनों ही अपने आप में अलग-अलग बीमारी है, लेकिन इनके लक्षण मिलते जुलते होते हैं। सामन्यतौर पर मंकीपॉक्स चिकनपॉक्स की तुलना ज्यादा जानलेवा बीमारी है। अक्सर लोग इन दोनों बीमारियों को समझने में देरी कर देते हैं। इसलिए आइए जानते हैं कि इनके क्या लक्षण हैं?
शुरुआती लक्षण और फ्लू जैसी स्थिति
मंकीपॉक्स और चिकनपॉक्स में सबसे बड़ा अंतर उनके शुरुआती संकेतों में छिपा है। मंकीपॉक्स में दाने निकलने से कई दिन पहले ही मरीज को तेज बुखार के साथ बहुत ज्यादा ठंड लगती है और सिरदर्द होता है। जबकि चिकनपॉक्स में दाने अक्सर बुखार आने के एक-दो दिन के अंदर ही दिख जाते हैं। मंकीपॉक्स की एक और खास पहचान है गांठों का सूजना (गर्दन या कांख में), जो चिकनपॉक्स में आमतौर पर नहीं होता।
ये भी पढ़ें- World Diabetes Day 2025: भारत में 2.5 करोड़ से अधिक लोगों को है प्रीडायबिटीज, कहीं आप भी तो नहीं हैं इसके शिकार
दानों की प्रकृति और फैलाव का तरीका
चिकनपॉक्स के दाने (रैशेज) अलग-अलग चरणों (दाने, छाले, पपड़ी) में पूरे शरीर पर एक साथ निकलते हैं और उनकी संख्या बहुत ज्यादा होती है। इसके विपरीत, मंकीपॉक्स के दाने गांठदार, गहरे और कठोर होते हैं, जो अक्सर चेहरे, हथेलियों और तलवों पर केंद्रित होते हैं। मंकीपॉक्स में दाने एक ही समय में एक ही चरण में होते हैं, यानी एक साथ छाले बनेंगे।
ये भी पढ़ें- Blood Purifier: खून साफ तो बीमारियां रहेंगी दूर, ब्लड से सारी गंदगी निकाल फेकेंगी ये चीजें
गंभीरता और जटिलताओं का अंतर
चिकनपॉक्स आमतौर पर एक हल्का संक्रमण है, लेकिन मंकीपॉक्स अधिक गंभीर हो सकता हैं। मंकीपॉक्स से निमोनिया, ब्रेन इंफेक्शन और सेकेंडरी बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा हो सकता है। दोनों ही संक्रामक हैं, लेकिन मंकीपॉक्स मुख्य रूप से त्वचा से त्वचा के सीधे संपर्क या संक्रमित तरल पदार्थ के माध्यम से फैलता है, जबकि चिकनपॉक्स हवा से आसानी से फैलता है।
चिकनपॉक्स के लिए वैक्सीन उपलब्ध है और इसका इलाज एंटीवायरल दवाओं से होता है। मंकीपॉक्स के लिए भी स्मॉलपॉक्स वैक्सीन प्रभावी होता है। अगर आपको तेज बुखार, गांठें और दानों के साथ गंभीर दर्द महसूस हो, तो तुरंत खुद को आइसोलेट करें और डॉक्टर से मिलें। किसी भी स्थिति में दानों को खुजलाना या फोड़ना नहीं चाहिए, क्योंकि इससे संक्रमण फैल सकता है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
