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Pregnancy Health Tips: बारिश में गर्भवती महिलाएं रहें सतर्क! डेंगू-मलेरिया से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी उपाय
Fri, 17 Jul 2026 05:14 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Fri, 17 Jul 2026 05:14 PM IST
सार
Monsoon Pregnancy Tips: बरसात में मच्छर जनित संक्रमण, समय से पहले प्रसव, कम वजन और गर्भस्थ शिशु की वृद्धि प्रभावित होने के खतरे बढ़ सकते हैं। जानिए लक्षण, बचाव और चिकित्सक से कब संपर्क करना जरूरी है।
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गर्भावस्था में सतर्कता, स्वच्छता और नियमित जांच बेहद जरूरी
- फोटो : AI
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Monsoon Pregnancy Tips: बरसात का मौसम गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष सावधानी की मांग करता है, क्योंकि डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसे संक्रमण गर्भ में पल रहे शिशु की सेहत को भी प्रभावित कर सकते हैं। यह संक्रमण गर्भावस्था में किसी तरह की जटिलता का कारण न बने, इसके लिए आपको इस मौसम में मच्छरों से बचाव के साथ ही कुछ विशेष सावधानियां अपनानी होंगी।
गर्भावस्था में सतर्कता, स्वच्छता और नियमित जांच बेहद जरूरी
- फोटो : AI
गर्भावस्था में क्यों बढ़ जाती है चिंता
बारिश के मौसम में जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान शरीर में होने वाले हार्मोनल और शारीरिक बदलावों के कारण संक्रमण होने पर जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है।
यदि गर्भवती महिला मच्छर जनित बीमारियों से संक्रमित हो जाए, तो इसका असर गर्भस्थ शिशु पर पड़ सकता है। ऐसे में समय से पहले प्रसव, कम वजन वाले शिशु का जन्म और उसकी सामान्य वृद्धि प्रभावित हो सकती है। गंभीर मामलों में गर्भपात या मृत शिशु के जन्म की आशंका भी हो सकती है, हालांकि ऐसा हर गर्भवती महिला के साथ नहीं होता। समय पर जांच, उचित इलाज और नियमित प्रसवपूर्व देखभाल जोखिम को कम करती है।
बारिश के मौसम में जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान शरीर में होने वाले हार्मोनल और शारीरिक बदलावों के कारण संक्रमण होने पर जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है।
यदि गर्भवती महिला मच्छर जनित बीमारियों से संक्रमित हो जाए, तो इसका असर गर्भस्थ शिशु पर पड़ सकता है। ऐसे में समय से पहले प्रसव, कम वजन वाले शिशु का जन्म और उसकी सामान्य वृद्धि प्रभावित हो सकती है। गंभीर मामलों में गर्भपात या मृत शिशु के जन्म की आशंका भी हो सकती है, हालांकि ऐसा हर गर्भवती महिला के साथ नहीं होता। समय पर जांच, उचित इलाज और नियमित प्रसवपूर्व देखभाल जोखिम को कम करती है।
गर्भावस्था में सतर्कता, स्वच्छता और नियमित जांच बेहद जरूरी
- फोटो : AI
मां और गर्भस्थ शिशु पर क्या असर पड़ सकता है
अगर गर्भवती महिला डेंगू या मलेरिया जैसी बीमारी से संक्रमित हो जाती है, तो इससे तेज बुखार, कमजोरी, डिहाइड्रेशन और प्लेटलेट्स में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए गर्भावस्था के दौरान आपको किसी भी तरह के बुखार या संक्रमण को हल्के में नहीं लेना चाहिए और तुरंत अपने चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।
अगर गर्भवती महिला डेंगू या मलेरिया जैसी बीमारी से संक्रमित हो जाती है, तो इससे तेज बुखार, कमजोरी, डिहाइड्रेशन और प्लेटलेट्स में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए गर्भावस्था के दौरान आपको किसी भी तरह के बुखार या संक्रमण को हल्के में नहीं लेना चाहिए और तुरंत अपने चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।
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गर्भावस्था में सतर्कता, स्वच्छता और नियमित जांच बेहद जरूरी
- फोटो : AI
इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
अगर गर्भवती महिला को तेज बुखार, ठंड लगना, शरीर में दर्द, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी, त्वचा पर लाल चकत्ते या लगातार थकान महसूस हो रही हो, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई भी दवा लेना सुरक्षित नहीं माना जाता है।
अगर गर्भवती महिला को तेज बुखार, ठंड लगना, शरीर में दर्द, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी, त्वचा पर लाल चकत्ते या लगातार थकान महसूस हो रही हो, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई भी दवा लेना सुरक्षित नहीं माना जाता है।
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गर्भावस्था में सतर्कता, स्वच्छता और नियमित जांच बेहद जरूरी
- फोटो : AI
बचाव के आसान उपायों को अपनाएं
गर्भवती महिलाएं बचाव के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और शरीर को अधिक से अधिक ढककर रखें। घर के आस-पास या छत पर पानी जमा न होने दें। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें तथा खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगवाएं, ताकि मच्छर आपको काटे नहीं। मच्छर भगाने वाले किसी भी उत्पाद का इस्तेमाल करने से पहले चिकित्सक की सलाह जरूर लें। सुबह और शाम के समय मच्छर सबसे अधिक सक्रिय होते हैं, इस समय अधिक सतर्क रहें।
गर्भवती महिलाएं बचाव के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और शरीर को अधिक से अधिक ढककर रखें। घर के आस-पास या छत पर पानी जमा न होने दें। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें तथा खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगवाएं, ताकि मच्छर आपको काटे नहीं। मच्छर भगाने वाले किसी भी उत्पाद का इस्तेमाल करने से पहले चिकित्सक की सलाह जरूर लें। सुबह और शाम के समय मच्छर सबसे अधिक सक्रिय होते हैं, इस समय अधिक सतर्क रहें।