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Women Health Tips: पीरियड्स से लेकर PMOS तक, महिलाओं की सेहत से जुड़े मिथकों की पूरी सच्चाई

Tue, 07 Jul 2026 12:01 PM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shruti Gaur Updated Tue, 07 Jul 2026 12:01 PM IST
सार

Myth And Facts About Women Health: अक्सर महिलाओं की हेल्थ से जुड़ी कुछ ऐसी बातें होती हैं, जिनपर लोग आंख बंद करके भरोसा कर लेते हैं। इन्हीं के बारे में हम आपको जानकारी देंगे। 

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Myth And Facts About Women Health in hindi mahilaon ki health se judi bate
महिलाओं की सेहत से जुड़े मिथकों की पूरी सच्चाई - फोटो : AI
Myth And Facts About Women Health: महिलाओं की सेहत को लेकर समाज में कई तरह की धारणाएं और मिथक वर्षों से चले आ रहे हैं। अक्सर लोग बिना किसी वैज्ञानिक आधार के इन बातों पर भरोसा कर लेते हैं, जिससे कई बार महिलाओं की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज कर दिया जाता है। जैसे कि पीरियड्स के दौरान व्यायाम नहीं करना चाहिए, मेनोपॉज के बाद महिलाओं को गर्भधारण नहीं हो सकता, या फिर केवल उम्र बढ़ने पर ही हड्डियां कमजोर होती हैं। 


ऐसे कई मिथक हैं, जो सही जानकारी के अभाव में आज भी लोगों के बीच प्रचलित हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं को अपनी सेहत से जुड़े तथ्यों की सही जानकारी होना बेहद जरूरी है, ताकि वे समय पर सही निर्णय ले सकें और गंभीर बीमारियों से बचाव कर सकें। आइए जानते हैं महिलाओं की हेल्थ से जुड़े कुछ आम मिथक और उनके पीछे की सच्चाई।

 
Myth And Facts About Women Health in hindi mahilaon ki health se judi bate
महिलाओं की सेहत से जुड़े मिथकों की पूरी सच्चाई - फोटो : AI
महिलाओं की हेल्थ से जुड़े मिथक और सच्चाई

मिथक 1: पीरियड्स के दौरान एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए

सच्चाई:  यह पूरी तरह गलत धारणा है। हल्की एक्सरसाइज, योग, वॉक और स्ट्रेचिंग करने से पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द, ऐंठन और थकान में राहत मिल सकती है। हालांकि, यदि दर्द बहुत अधिक हो तो शरीर को आराम देना भी जरूरी है।

 
Myth And Facts About Women Health in hindi mahilaon ki health se judi bate
महिलाओं की सेहत से जुड़े मिथकों की पूरी सच्चाई - फोटो : AI
मिथक 2: सिर्फ बुजुर्ग महिलाओं को ही ऑस्टियोपोरोसिस होता है

सच्चाई: हड्डियां कमजोर होने की शुरुआत कम उम्र से भी हो सकती है। कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी, खराब खानपान, धूम्रपान, शारीरिक गतिविधि की कमी और हार्मोनल बदलाव इसके जोखिम को बढ़ा सकते हैं।

 
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महिलाओं की सेहत से जुड़े मिथकों की पूरी सच्चाई - फोटो : AI
 मिथक 3: स्तन में दर्द मतलब कैंसर

सच्चाई: हर बार स्तन में दर्द होना कैंसर का संकेत नहीं होता। हार्मोनल बदलाव, संक्रमण, सिस्ट या अन्य कारणों से भी दर्द हो सकता है। हालांकि, यदि गांठ, असामान्य बदलाव या लगातार दर्द हो तो डॉक्टर से जांच जरूर करानी चाहिए।

 
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महिलाओं की सेहत से जुड़े मिथकों की पूरी सच्चाई - फोटो : AI
मिथक 4: मेनोपॉज के बाद प्रेग्नेंसी संभव नहीं

सच्चाई: मेनोपॉज के बाद प्राकृतिक रूप से गर्भधारण संभव नहीं होता, लेकिन मेनोपॉज से पहले के संक्रमण काल (Perimenopause) में गर्भधारण की संभावना बनी रह सकती है। इसलिए इस दौरान गर्भनिरोधक संबंधी सलाह लेना जरूरी हो सकता है।

 
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