दुनिया के कई देशों में तेजी से बढ़ता ओमिक्रॉन वैरिएंट, स्वास्थ्य संगठनों के लिए गंभीर चिंता का कारण बना हुआ है। अध्ययनों के मुताबिक कोरोना का यह पहला ऐसा वैरिएंट है जिसमें 30 से अधिक म्यूटेशन देखे गए हैं। यही म्यूटेशन इस वैरिएंट को काफी संक्रामक और वैक्सीन से शरीर में बनीं प्रतिरक्षा को आसानी से चकमा देने के योग्य बनाते हैं। पिछले हफ्ते दक्षिण अफ्रीकी अधिकारियों द्वारा पहली बार रिपोर्ट किया गया ओमिक्रॉन वैरिएंट अब भारत और अमेरिका सहित करीब 23 देशों में फैल चुका है। अब तक हुए अध्ययन में वैज्ञानिक इसे सबसे संक्रामक कोरोना वैरिएंट बता रहे हैं।
संक्रामक रोग विशेषज्ञ से जानिए: क्या ओमिक्रॉन संक्रमण में भी होती है सांस में तकलीफ और स्वाद जाने की समस्या?
क्या कहता है डब्ल्यूएचओ?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, ओमिक्रॉन वैरिएंट में देखे गए म्यूटेशन लोगों की चिंता बढ़ा रहे हैं। म्यूटेशन के अध्ययनों के आधार पर यह पता किया जा सकता है कि कोरोना के इस वैरिएंट का व्यवहार किस तरीके का रहने वाला है? डब्ल्यूएचओ के अधिकारियों का कहना है कि अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि क्या कोरोना के अन्य वैरिएंट्स की तुलना में ओमिक्रॉन अधिक संक्रामक हो सकता है या इससे होने वाला संक्रमण अधिक गंभीर हो सकता है? इस बारे में जानने के लिए वैज्ञानिक अध्ययन कर रहे हैं।
अन्य वैरिएंट्स की ही तरह देखे जा रहे हैं लक्षण
वर्जीनिया के रिवरसाइड हेल्थ सिस्टम में संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ रिबका एन वेरलैंड सेन्सेनिग कहते हैं, साउथ अफ्रीका में ओमिक्रॉन वैरिएंट्स से संक्रमित लोगों पर किए गए अध्ययन में पाया गया है कि फिलहाल ओमिक्रॉन वैरिएंट्स के लक्षण डेल्टा की तुलना में हल्के लग रहे हैं। वहीं डब्ल्यूएचओ की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि वर्तमान ऐसे कोई खास लक्षण नहीं दिखे हैं जिसके आधार पर कहा जा सके कि ओमिक्रॉन संक्रमितों में कोरोना के अन्य वैरिएंट्स से संक्रमितों की तुलना में लक्षण अलग हो सकते हैं।
सांस की तकलीफ और खांसी जैसे लक्षण
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट में अन्य कोरोनावायरस वैरिएंट के समान ही लक्षण दिखाई देते हैं। ओमिक्रॉन संक्रमितों में भी बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ और मांसपेशियों में दर्द की समस्या देखने को मिल रही है। हालांकि, कुछ लोगों को स्वाद और गंध जैसी दिक्कत महसूस नहीं हुई है, संभवत: यह इस संक्रमण में कुछ अलग हो सकता है, फिलहाल आगे के अध्ययनों में इस बारे में ज्यादा स्पष्ट हो सकेगा।
ओमिक्रॉन के लक्षण देखे जा रहे हैं हल्के
विशेषज्ञों का कहना है कि ओमिक्रॉन के लक्षण अब तक अन्य वैरिएंट्स के अपेक्षाकृत हल्के प्रतीत होते हैं, इससे संक्रमण की स्थिति में गंभीर लक्षण देखने को अब तक नहीं मिले हैं। तमाम मेडिकल कंडिशन पर इस वैरिएंट के संक्रमण का क्या असर होता है, यह आगे की अध्ययनों में स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल इस वैरिएंट की संक्रामकता दर को देखते हुए सभी लोगों को विशेष अलर्ट रहने की आवश्यकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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