शरीर को स्वस्थ रखने के लिए शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत पर ध्यान देते रहना जरूरी हो जाता है। अक्सर हम सभी अपनी शारीरिक सेहत पर तो ध्यान दे लेते हैं, पर मेंटल हेल्थ को अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है।
SAD Disorder: अनजान लोगों से बातचीत में लगता है डर, कांपने लगते हैं हाथ-पैर? कहीं आप SAD का शिकार तो नहीं
सोशल एंग्जाइटी डिसऑर्डर एक मानसिक स्वास्थ्य स्थिति है जिसमें व्यक्ति को सामाजिक परिस्थितियों जैसे लोगों के सामने बोलना, नई जगह जाना या किसी से बातचीत करने से डर लगता है। उसे लगता है कि लोग उसे जज करेंगे या उसका मजाक उड़ाएंगे।
सोशल एंग्जाइटी डिसऑर्डर के बारे में जानिए
सोशल एंग्जाइटी डिसऑर्डर या सोशल फोबिया ऐसी समस्या है जिसकी अक्सर लोगों में पहचान ही नहीं हो पाती है। इस समस्या के शिकार लोगों को अनजान लोगों से बात करने, नई जगह जाने या लोगों से मिलने में डर लगने लगता है। अक्सर लोग इसे शर्मीलापन समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, हालांकि कुछ लोगों में ये समस्या इतनी बढ़ सकती है कि इसका असर उनके दैनिक जीवन को भी प्रभावित करने लग जाता है।
- सोशल एंग्जाइटी डिसऑर्डर को विशेषज्ञ मानसिक स्वास्थ्य स्थिति मानते हैं, जिसकी पहचान और इलाज जरूरी है।
- इस डिसऑर्डर के कारण रोगी को लगने लगता है कि लोग उसे जज करेंगे या उसका मजाक उड़ाएंगे।
- अमेरिकन साइकियाट्रिक एसोसिएशन की गाइडलाइन यह डर अगर छह महीने तक बना रहे और दैनिक जीवन को प्रभावित करने लगे तो इसे डिसऑर्डर माना जाता है।
(घर में बेकार सामानों का लगा ढेर, फिर भी फेंकने का नहीं होता मन? ये हो सकती है दिमागी बीमारी)
कैसे की जाती है इस डिसऑर्डर की पहचान?
सोशल एंग्जाइटी डिसऑर्डर के कारण आपको कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं, जिसका असर सामाजिक जीवन पर भी पड़ने लग जाता है।
- ऐसी स्थितियों से डर लगना जहां आपका नकारात्मक रूप से मूल्यांकन हो सकता है
- शर्मिंदा या अपमानित महसूस करने की चिंता।
- अजनबियों से बातचीत करने में डर लगना।
- यह भी डर रहना कि दूसरे लोग भांप लेंगे कि आप घबराए हुए दिख रहे हैं।
- इसमें शारीरिक लक्षण भी हो सकते हैं जैसे कि दूसरों से बातचीत में चेहरा लाल होना, पसीना आना, कांपना या आवाज का लड़खड़ाना।
- ऐसी स्थितियों से बचना जहां आप सबकी नजरों में हो सकते हैं।
ये दिकक्त होती क्यों है?
अध्ययनों से पता चलता है कि सोशल एंग्जाइटी डिसऑर्डर के लिए कई जेनेटिक फैक्टर, बचपन का ट्रॉमा, अत्यधिक आलोचना और दिमाग में सेरोटोनिन हार्मोन का असंतुलन होना एक कारण हो सकता है।
- अगर आपके माता-पिता या भाई-बहनों को यह समस्या है, तो आपको भी सोशल एंग्जायटी डिसऑर्डर होने का खतरा बढ़ जाता है।
- जिन बच्चों को चिढ़ाया जाता है, तंग किया जाता है और सामाजिक रूप से अक्सर नकारा जाता है, उनमें भी खतरा अधिक होता है।
किसी को ये डिसऑर्डर हो तो क्या करें?
सोशल एंग्जायटी डिसऑर्डर किसी को भी हो सकती है। जिन लोगों में डॉक्टर इस समस्या की पहचान करते हैं उन्हें साइकोथेरेपी जैसे मनोवैज्ञानिक परामर्श या टॉक थेरेपी की सलाह दी जाती है। इसके अलावा कुछ दवाओं के इस्तेमाल से दिमाग के कैमिकल इंबैलेंस और लक्षणों को ठीक करने में मदद मिल सकती है।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।