राजधानी दिल्ली-एनसीआर सहित पूरे उत्तर भारत में इन दिनों तेज गर्मी और लू का प्रकोप देखा जा रहा है। कई हिस्सों में पारा 40 से भी पार जा रहा है, जिसे देखते हुए दिल्ली में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को इस तपती गर्मी में सेहत को लेकर खास सावधानी बरतते रहने की सलाह दे रहे है।
Heatwave Crisis: भीषण गर्मी ने बिगाड़े हालात, जानिए डॉक्टर क्यों दे रहे हैं किडनी की बीमारियों को लेकर अलर्ट
Heatwave Health Effects: उत्तर भारत में इन दिनों गर्मी का प्रकोप देखा जा रहा है, तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच रहा है, जिसको लेकर विशेषज्ञों ने अलर्ट जारी की है। डॉक्टर कहते हैं, गर्मियों का ये मौसम सेहत के लिए गंभीर समस्याओं यहां तक कि किडनी की बीमारियों तक का कारण बन सकता है।
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दिल्ली-एनसीआर में ऑरेंज अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को अनुमान लगाया कि अगले 3 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिमी और मध्य भारत में गर्मी-बढ़ने और लू चलने की आशंका है। इसके बाद मौसम में थोड़े सुधार की संभावना जरूर है। शनिवार को जारी एक प्रेस रिलीज के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तरी राजस्थान के कुछ अलग-अलग स्थानों पर भी लू चलने की आशंका है।
आईएमडी ने लोगों से आग्रह किया कि गर्मी से बचाव करें और अपनी सेहत को लेकर सावधानी बरतें। वहीं डॉक्टर कहते हैं, इन दिनों दिन के समय धूप में जाने से बचें, ये आपकी सेहत के लिए बड़ी समस्याओं का कारण बन सकती है।
कुछ लोगों में गर्मी के प्रकोप के कारण किडनी की समस्याओं यहां तक कि किडनी फेलियर तक का खतरा हो सकता है।
गर्मी बिगाड़ सकती है किडनी की सेहत
अमर उजाला से बातचीत में वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ व्रिकम माल्हा कहते हैं, बढ़ते तापमान में लू लगने का सबसे ज्यादा खतरा उन लोगों को होता है जो दिन के समय घर से बाहर काम करते हैं। निर्माण कार्य करने वाले मजदूर, डिलीवरी करने वाले लोग, ट्रैफिक पुलिसकर्मी, किसान और सफाई कर्मचारियों में लू और गर्मी के कारण होने वाली समस्याओं का खतरा अधिक होता है।
- ये सभी लोग लंबे समय तक धूप में बाहर काम करते हैं, जिससे उनके शरीर पर लगातार दबाव पड़ता रहता है।
- गर्मी और डिहाइड्रेशन के कारण ऐसे लोगों में किडनी को नुकसान पहुंचने का खतरा भी काफी अधिक देखा जाता रहा है।
किन्हें ज्यादा जोखिम
डॉक्टर कहते हैं, लगातार गर्मी के संपर्क में रहने से पसीना ज्यादा आता है, जिसके कारण शरीर से काफी मात्रा में तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स बाहर निकल जाते हैं। अगर शरीर में पानी की इस कमी को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेकर पूरा न किया जाए, तो डिहाइड्रेशन की समस्या पैदा हो जाती है। डिहाइड्रेशन के कारण किडनी समेत शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंगों तक रक्त संचार घट सकता है।
- लंबे समय तक गर्मी के संपर्क और डिहाइड्रेशन के कारण, किडनी में पथरी और मूत्र संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है।
- डायबिटीज या हाई बीपी के शिकार हैं या फिर किडनी की बीमारियों की फैमिली हिस्ट्री रही है उन्हें किडनी की समस्याओं का जोखिम ज्यादा होता है।
किडनी को स्वस्थ रखने के लिए क्या उपाय करें?
डॉक्टर कहते हैं, गर्मी के कारण किडनी को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए शरीर में पानी की कमी न होने देना सबसे जरूरी है।
- बाहर काम करते हैं तो प्यास न लगने पर भी पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए।
- एजेंसियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी कर्मचारियों को काम की जगह पर साफ पीने का पानी आसानी से उपलब्ध हो।
- नियमित अंतराल पर छायादार या ठंडी जगहों पर आराम करें ताकि शरीर का तापमान कंट्रोल रहे।
- हल्के, कॉटन वाले और हवादार कपड़े पहनने चाहिए।
- गर्मी के सीधे संपर्क से बचने के लिए छाता, टोपी और सनस्क्रीन जैसी चीजें बहुत जरूरी हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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