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Passive Smoking: पैसिव स्मोकिंग को हल्के में न लें, इन गंभीर बीमारियों का बढ़ा देता है जोखिम

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिखर बरनवाल Updated Tue, 10 Feb 2026 05:54 PM IST
सार

Passive Smoking Health Risks: पैसिव स्मोकिंग को अक्सर लोग बहुत हल्के में लेते हैं, मगर ये आपके सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है, जिसके बारे में बहुत कम लोगों को मालूम है। इसलिए आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।

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Passive Smoking Risks: Why Second-Hand Smoke Is Just As Dangerous As Smoking
पैसिव स्मोकिंग - फोटो : Adobe Stock

Dangers of Second-Hand Smoke: अक्सर लोग सोचते हैं कि जो लोग खुद धूम्रपान नहीं करते, वो फेफड़ों और कैंसर जैसी गंभीर से सुरक्षित हैं। देखा जाए तो ये बात सच भी है, लेकिन कोई जाने-अनजाने में किसी दूसरे व्यक्ति के सिगरेट या बीड़ी का धुआं अगर शरीर में जा रहा है तो ये भी आपके सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। इसे 'पैसिव स्मोकिंग' कहते हैं। इस धुएं में 7,000 से ज्यादा जहरीले रसायन होते हैं, जिनमें से 69 ऐसे हैं जो सीधे तौर पर कैंसर पैदा कर सकते हैं।



यह धुआं हवा में कई घंटों तक छिपा रहता है, जिससे बंद कमरों या कारों में खतरा और बढ़ जाता है। इसका सबसे बुरा असर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों पर पड़ता है। यह न केवल फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि रक्त वाहिकाओं और हृदय की कार्यप्रणाली को भी प्रभावित कर सकता है।

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धूम्रपान - फोटो : Adobe Stock Photos

हृदय और रक्त वाहिकाओं पर तत्काल प्रभाव
एक स्टडी के मुताबिक पैसिव स्मोकिंग के संपर्क में आने के मात्र 30 मिनट के भीतर आपके शरीर की रक्त वाहिकाएं प्रभावित होने लगती हैं। धुएं में मौजूद निकोटीन और कार्बन मोनोऑक्साइड धमनियों की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे वे सख्त हो जाती हैं। यह स्थिति हृदय की धड़कन को अनियमित कर सकती है और लंबे समय में हार्ट अटैक और कोरोनरी हार्ट डिजीज के जोखिम को 25-30% तक बढ़ा देती है।


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फेफड़े का कैंसर - फोटो : Adobe Stock

फेफड़ों का कैंसर और श्वसन संबंधी बीमारियां
जो लोग कभी धूम्रपान नहीं करते, उनमें फेफड़ों के कैंसर का एक बड़ा कारण पैसिव स्मोकिंग ही है। यह धुआं फेफड़ों की कोमल कोशिकाओं को जला देता है, जिससे ऑक्सीजन का अवशोषण कम हो जाता है। इसके कारण अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और 'क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज' जैसी गंभीर समस्याएं पैदा होती हैं। सिगरेट का धुआं फेफड़ों की सफाई करने वाले छोटे बालों को भी निष्क्रिय कर देता है।


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Passive Smoking Risks: Why Second-Hand Smoke Is Just As Dangerous As Smoking
गर्भावस्था - फोटो : Freepik.com

बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए बड़ा खतरा
बच्चों के फेफड़े अभी विकसित हो रहे होते हैं, इसलिए पैसिव स्मोकिंग उनके लिए 'स्लो पॉइजन' की तरह है। इसके संपर्क में रहने वाले बच्चों में कान का संक्रमण, निमोनिया और अचानक शिशु मृत्यु सिंड्रोम का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, गर्भवती महिलाओं में इसके कारण समय से पहले प्रसव या जन्म के समय बच्चे का वजन कम होने जैसी गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं।

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पैसिव स्मोकिंग - फोटो : Adobe Stock

सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता जरूरी
पैसिव स्मोकिंग से बचाव का एकमात्र तरीका धुआं मुक्त वातावरण सुनिश्चित करना है। सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान के खिलाफ कड़े कानूनों का पालन करना और घर के भीतर किसी को भी सिगरेट न पीने देना आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। ध्यान रखें दूसरे के धुएं की कीमत आपको अपनी जान देकर चुकानी पड़ सकती है। स्वास्थ्य के प्रति यह जागरूकता ही आने वाली पीढ़ी को एक स्वच्छ और सुरक्षित जीवन दे सकती है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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