Dangers of Second-Hand Smoke: अक्सर लोग सोचते हैं कि जो लोग खुद धूम्रपान नहीं करते, वो फेफड़ों और कैंसर जैसी गंभीर से सुरक्षित हैं। देखा जाए तो ये बात सच भी है, लेकिन कोई जाने-अनजाने में किसी दूसरे व्यक्ति के सिगरेट या बीड़ी का धुआं अगर शरीर में जा रहा है तो ये भी आपके सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। इसे 'पैसिव स्मोकिंग' कहते हैं। इस धुएं में 7,000 से ज्यादा जहरीले रसायन होते हैं, जिनमें से 69 ऐसे हैं जो सीधे तौर पर कैंसर पैदा कर सकते हैं।
Passive Smoking: पैसिव स्मोकिंग को हल्के में न लें, इन गंभीर बीमारियों का बढ़ा देता है जोखिम
Passive Smoking Health Risks: पैसिव स्मोकिंग को अक्सर लोग बहुत हल्के में लेते हैं, मगर ये आपके सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है, जिसके बारे में बहुत कम लोगों को मालूम है। इसलिए आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
हृदय और रक्त वाहिकाओं पर तत्काल प्रभाव
एक स्टडी के मुताबिक पैसिव स्मोकिंग के संपर्क में आने के मात्र 30 मिनट के भीतर आपके शरीर की रक्त वाहिकाएं प्रभावित होने लगती हैं। धुएं में मौजूद निकोटीन और कार्बन मोनोऑक्साइड धमनियों की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे वे सख्त हो जाती हैं। यह स्थिति हृदय की धड़कन को अनियमित कर सकती है और लंबे समय में हार्ट अटैक और कोरोनरी हार्ट डिजीज के जोखिम को 25-30% तक बढ़ा देती है।
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फेफड़ों का कैंसर और श्वसन संबंधी बीमारियां
जो लोग कभी धूम्रपान नहीं करते, उनमें फेफड़ों के कैंसर का एक बड़ा कारण पैसिव स्मोकिंग ही है। यह धुआं फेफड़ों की कोमल कोशिकाओं को जला देता है, जिससे ऑक्सीजन का अवशोषण कम हो जाता है। इसके कारण अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और 'क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज' जैसी गंभीर समस्याएं पैदा होती हैं। सिगरेट का धुआं फेफड़ों की सफाई करने वाले छोटे बालों को भी निष्क्रिय कर देता है।
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बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए बड़ा खतरा
बच्चों के फेफड़े अभी विकसित हो रहे होते हैं, इसलिए पैसिव स्मोकिंग उनके लिए 'स्लो पॉइजन' की तरह है। इसके संपर्क में रहने वाले बच्चों में कान का संक्रमण, निमोनिया और अचानक शिशु मृत्यु सिंड्रोम का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, गर्भवती महिलाओं में इसके कारण समय से पहले प्रसव या जन्म के समय बच्चे का वजन कम होने जैसी गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं।
सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता जरूरी
पैसिव स्मोकिंग से बचाव का एकमात्र तरीका धुआं मुक्त वातावरण सुनिश्चित करना है। सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान के खिलाफ कड़े कानूनों का पालन करना और घर के भीतर किसी को भी सिगरेट न पीने देना आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। ध्यान रखें दूसरे के धुएं की कीमत आपको अपनी जान देकर चुकानी पड़ सकती है। स्वास्थ्य के प्रति यह जागरूकता ही आने वाली पीढ़ी को एक स्वच्छ और सुरक्षित जीवन दे सकती है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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