कैंसर वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती जानलेवा बीमारी है। हर साल लाखों लोगों की इससे मौत हो जाती है। ग्लोबोकॉन-2022 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में कैंसर के कारण लगभग 9.16 लाख मौतें हुईं और लगभग 14 लाख नए मामले सामने आए। कैंसर से होने वाली मौतें लगातार बढ़ रही हैं, खासकर महिलाओं और बुज़ुर्ग में इसका खतरा अधिक देखा जा रहा है।
Cancer Treatment: कैंसर रोगियों के लिए राहत भरी खबर, इस असरदार दवा की मंजूरी से आसान होगा इलाज
कैंसर के इलाज को आसान बनाने की दिशा में एक और बड़ी खबर सामने आ रही है। फार्मास्युटिकल कंपनी एस्ट्राजेनेका को कैंसर की दवा इम्फिंजी को मार्केट करने के लिए इंडियन रेगुलेटर से मंजूरी मिल गई है।
कैंसर की एक और दवा को मंजूरी
कंपनी द्वारा जारी बयान में कहा गया है उसे भारत के ड्रग रेगुलेटर से कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाले डुरवालुमैब सॉल्यूशन को एडिशनल इंडिकेशन के लिए मार्केट करने की इजाजत मिल गई है। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन, डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज से 120 mg/2.4 ml और 500 mg/10 ml (ब्रांड नाम इम्फिंजी) के इन्फ्यूजन के लिए आयात, बिक्री और डिस्ट्रीब्यूशन की अनुमति मिल गई है।
अब कार्बोप्लाटिन और पैक्लिटैक्सेल के साथ डर्वालुमैब का इस्तेमाल उन मरीजों के इलाज के लिए किया जाता है जिन्हें प्राइमरी एडवांस्ड या बार-बार होने वाला एंडोमेट्रियल कैंसर है।
एंडोमेट्रियल कैंसर, सबसे आम प्रकार का गाइनेकोलॉजिकल कैंसर है, जो अक्सर मेनोपॉज के बाद गर्भाशय (एंडोमेट्रियम) में होता है। इसका मुख्य लक्षण असामान्य वजाइनल ब्लीडिंग है।
कई तरह के कैंसर के इलाज में असरदार है इम्फिंजी दवा
यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक इम्फिंजी का इस्तेमाल एंडोमेट्रियल कैंसर के इलाज के लिए किया जाता है। यह गर्भाशय की परत का कैंसर है, जब कैंसर बढ़ गया हो या बार-बार हो रहा हो तो इस दवा के इस्तेमाल से इसे कम करने में मदद मिलती है।
- नॉन-स्मॉल सेल लंग्स कैंसर के इलाज में भी इस दवा के इस्तेमाल को कारगर पाया गया है।
- हेपैटोसेलुलर कार्सिनोमा के शिकार रोगियों के इलाज में भी इस दवा को विशेषज्ञों ने असरदार बताया है। हेपैटोसेलुलर कार्सिनोमा सबसे आम प्रकार का लिवर कैंसर है।
कैंसर की बायोसिमिलर दवा
इससे पहले हाल ही में देश में कैंसर की एक बेहद किफायती दवा भी लॉन्च हो चुकी है। 22 जनवरी 2026 को दवा निर्माता कंपनी जाइडस लाइफसाइंसेज ने जानकारी दी थी कि उसने भारत में कई तरह के कैंसर के इलाज के लिए एक बायोसिमिलर लॉन्च किया है। कंपनी ने बताया है कि उसने भारत में 'तिष्ठा' नाम से निवोलुमैब का दुनिया का पहला बायोसिमिलर लॉन्च किया है। गौरतलब है कि निवोलुमैब एक इम्युनोथेरेपी ड्रग है जो शरीर के इम्यून सिस्टम को कैंसर सेल्स से लड़ने में मदद करती है।
कंपनी ने बताया था कि तिष्ठा 100mg और 40mg डोज में उपलब्ध होगी, जिनकी कीमत क्रमशः 28,950 रुपये और 13,950 रुपये होगी। ये कीमतें अब तक की दवाओं की कीमतों का लगभग एक चौथाई हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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