Fatty Liver Causes In India: भारत में लिवर से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ती जा रही हैं, कई अध्ययन में ये पता चला है कि देशभर में लगभग 35 % आबादी फैटी लिवर की समस्या से परेशान है। यानी देश का हर तीसरा व्यक्ति इस समस्या से जूझ रहा है। फैटी लिवर का अर्थ है लिवर की कोशिकाओं में सामान्य से अधिक फैट या चर्बी का जमा हो जाना। शुरुआत में इसके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते, इसलिए इसे अक्सर 'साइलेंट किलर' कहा जाता है। इसके पीछे की मूल वजह हमारी बदली हुई जीवनशैली और खान-पान है।
Health tips: हर तीन में से एक भारतीय को है फैटी लिवर की समस्या, आखिर क्या है इसके पीछे की मूल वजह
Fatty Liver Main Reason: फैटी लिवर एक गंभीर समस्या है, जिससे हमारे देश की एक बड़ी आबादी परेशान है। ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर समय रहते इसका इलाज नहीं किया गया, तो जानलेवा भी हो सकता है। इसलिए आइए इस लेख में जानते हैं कि किन गलतियों की वजह से ये परेशानी होती है।
इंसुलिन रेजिस्टेंस और मेटाबॉलिक सिंड्रोम
फैटी लिवर का सबसे बड़ा वैज्ञानिक कारण इंसुलिन रेजिस्टेंस है। जब शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति सही प्रतिक्रिया नहीं देतीं, तो खून में शुगर का लेवल बढ़ जाता है और लिवर इस अतिरिक्त शुगर को फैट में बदलने के लिए मजबूर हो जाता है। यह स्थिति अक्सर टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और पेट के आसपास बढ़ती चर्बी के साथ जुड़ी होती है।
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जंक फूड और फ्रुक्टोज का अत्यधिक सेवन
आज के दौर में प्रोसेस्ड फूड और मीठे पेय पदार्थों का चलन बढ़ गया है। इनमें मौजूद 'हाई फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप' लिवर के लिए सबसे बड़ा दुश्मन है। चीनी की अधिकता लिवर में 'डिनोवो लिपोजेनेसिस' की प्रक्रिया को तेज कर देती है, जिससे लिवर खुद फैट बनाने लगता है। इसके साथ ही, बाहर के खाने में इस्तेमाल होने वाला खराब क्वालिटी का तेल लिवर की कोशिकाओं को डैमेज करता है।
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शारीरिक सक्रियता की कमी और सेडेंटरी लाइफस्टाइल
भारत में बढ़ता शहरीकरण लोगों को शारीरिक रूप से निष्क्रिय बना रहा है। व्यायाम की कमी के कारण शरीर में जमा कैलोरी बर्न नहीं हो पाती, जो सीधे तौर पर लिवर की चर्बी बढ़ाती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर व्यक्ति सप्ताह में 150 मिनट भी वर्कआउट करता है, तो लिवर से फैट कम होने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। निष्क्रियता न केवल वजन बढ़ाती है, बल्कि लिवर के मेटाबॉलिज्म को भी धीमा कर देती है।
फैटी लिवर को रिवर्स करने का सबसे प्रभावी तरीका जीवनशैली में सुधार है। अपने आहार में फाइबर, हरी सब्जियां और साबुत अनाज शामिल करें और चीनी व शराब से पूरी तरह दूरी बना लें। नियमित रूप से योगाभ्यास और मध्यम व्यायाम लिवर की कार्यक्षमता को बढ़ाते हैं। ध्यान रखें लिवर शरीर का एकमात्र ऐसा अंग है जो खुद को ठीक कर सकता है, बस उसे आपके सहयोग की जरूरत है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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