Cancer Risk factors: कैंसर से कैसे बचें? परेशान कर रहा है ये सवाल तो इस रिपोर्ट में मिलेंगे सारे जवाब
Cancer Se Kaise Bache: क्या आप भी कैंसर के बढ़ते मामलों को लेकर परेशान हैं? अक्सर मन में ये सवाल बना रहता है कि इस बीमारी से खुद को कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है? विशेषज्ञों ने इसके बारे में रिपोर्ट में विस्तार से जानकारी साझा की है। बस कुछ आदतों में सुधार करके 40% तक कैंसर से बचाव किया जा सकता है।
विस्तार
कैंसर वैश्विक स्तर पर बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक बन चुका है। हर साल इस रोग के कारण लाखों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। कैंसर को पहले बढ़ती उम्र की बीमारी के रूप में जाना जाता था, हालांकि अब कम उम्र के लोग यहां तक कि बच्चे भी कैंसर का शिकार पाए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि कैंसर के बढ़ते मामलों के पीछे केवल आनुवांशिक कारण ही नहीं, बल्कि बदलती जीवनशैली, खानपान की गड़बड़ आदतें और पर्यावरणीय कारक भी बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। अध्ययनों में शहरीकरण, तनावपूर्ण जीवन, शारीरिक निष्क्रियता और प्रोसेस्ड फूड्स पर बढ़ती निर्भरता को भी कैंसर के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है।
ऐसे में सवाल ये है कि कैंसर से बचाव कैसे किया जाए? जवाब में विशेषज्ञों की टीम कहती है, ये काम इतना भी मुश्किल नहीं है। वैज्ञानिकों ने पाया है कि लगभग 40% कैंसर ऐसी आदतों की वजह से होते हैं जिन्हें बदला जा सकता है। अगर समय रहते इनपर ध्यान दे दिया जाए तो आप कई तरह के कैंसर से खुद को आसानी से सुरक्षित कर सकते हैं।
कैंसर से बचाव कैसे किया जाए, अगर आपके मन में भी ये सवाल बना रहता है तो आइए इसका आसान तरीका जान लेते हैं।
लाइफस्टाइल में बदलाव से रोका जा सकता है कैंसर
विशेषज्ञों की एक टीम ने बताया कि लाइफस्टाइल में अगर कुछ आसान से बदलाव कर लिए जाएं तो हर तीन में से एक कैंसर को रोका जा सकता है। फेफड़े, पेट और सर्वाइकल कैंसर के खतरे को आप आसानी से कम कर सकते हैं।
- अपने तरह के पहले अध्ययन में शोधकर्ताओं ने यूएस और यूके समेत लगभग 200 देशों में 36 अलग-अलग तरह के कैंसर के 19 मिलियन (1.9 करोड़) से अधिक मामलों का एनालिसिस किया।
- टीम ने पाया कि करीब 38 प्रतिशत (करीब 71 लाख) कैंसर के मामले ऐसे थे जिनमें अगर समय रहते लाइफस्टाइल में बदलाव कर लिए जाते तो इन्हें रोका जा सकता था।
पुरुषों और महिलाओं में बढ़ते कैंसर के कारण
अब सवाल ये है कि किन आदतों को कैंसर बढ़ाने के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार पाया जा रहा है?
इस बारे में शोधकर्ताओं ने अलर्ट करते हुए कहा है कि धूम्रपान और शराब दो ऐसी आदतें हैं, जिनमें अगर सुधार कर लिया जाए तो कई गंभीर तरह के कैंसर से बचाव किया जा सकता है।
- विशेषज्ञों ने कहा, दुनियाभर में स्मोकिंग रेट्स में कमी आई है। बावजूद इसके तंबाकू और स्मोकिंग कैंसर का सबसे बड़ा मॉडिफाइड रिस्क फैक्टर पाया गया है।
- ये आदत कैंसर के हर छह मामलों में से एक के लिए जिम्मेदार पाया गया है।
- धूम्रपान और तंबाकू की आदत, पुरुषों में सबसे बड़ा रोके जा सकने वाला रिस्क फैक्टर था।
महिलाओं में कैंसर के कारण
- यौन संचारित संक्रमण ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) सर्वाइकल और एनल कैंसर का एक मुख्य कारण है। इसे वैक्सीनेशन और सेफ यौन संबंध प्रैक्टिस से रोका जा सकता है।
- महिलाओं में इसे कैंसर का सबसे बड़ा कारण पाया गया है। जबकि शराब तीन प्रतिशत के लिए जिम्मेदार है।
- महिलाओं में कैंसर के दूसरे रिस्क फैक्टर में ठीक से ब्रेस्टफीडिंग न करवाना, प्रदूषण, व्यायाम की कमी और रसायनों का संपर्क जिम्मेदार पाया गया है।
कैंसर से बचाव इतना भी कठिन नहीं
अमेरिकन कैंसर सोसाइटी की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि अमेरिका में कैंसर से बचने की दर अब पहले से कहीं ज्यादा है। 10 में से सात मरीज अपने डायग्नोसिस के बाद कम से कम पांच साल तक जिंदा रहते हैं। यह 2000 के 64 प्रतिशत और 1970 के दशक के लगभग 50 प्रतिशत से ज्यादा है।
- शोधकर्ताओं ने कहा, ये नतीजे कैंसर के रिस्क फैक्टर्स पर ध्यान देने की बढ़ती जरूरत का इशारा करते हैं जिन्हें बदला जा सकता है।
- धूम्रपान-शराब से दूरी और डाइट में बदलाव कम उम्र से ही अगर आदत में शामिव कर लिए जाते हैं तो इस बीमारी को आसानी से रोकने में मदद मिल सकती है।
शोधकर्ताओं ने बताया कि साल 2022 में, दुनियाभर में 1.87 करोड़ से अधिक कैंसर डायग्नोस हुए। उनमें से 71 लाख (38 प्रतिशत) कुल मिलाकर मॉडिफाइड रिस्क फैक्टर्स के कारण थे। लिंग के हिसाब से देखें तो, महिलाओं में 27 लाख (30 प्रतिशत) नए कैंसर के मामले जबकि पुरुषों में 43 लाख (45 प्रतिशत) कैंसर के मामले ऐसे थे जिन्हें पहले से सावधानी बरतकर रोका जा सकता था।
कैंसर के 30 जोखिम कारकों को जान लीजिए
अध्ययन के निष्कर्षों के आधार पर विशेषज्ञों की टीम ने कैंसर के 30 जोखिम कारकों के बारे में जानकारी दी है, जिनमें अगर समय रहते सुधार कर लिया जाए और कुछ आदतें छोड़ दी जाएं तो आप खुद को कैंसर के खतरे से सुरक्षित रख सकते हैं।
- धूम्रपान की आदत।
- तंबाकू-गुटखा चबाना
- शराब पीना।
- बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) अधिक होना।
- फिजिकल एक्टिविटी की कमी
- ब्रेस्टफीडिंग न कराना।
- एयर पॉल्यूशन
- अल्ट्रावॉयलेट रेडिएशन
- हेलिकोबैक्टर पाइलोरी (H पाइलोरी)
- ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी)
- हेपेटाइटिस बी संक्रमण
- हेपेटाइटिस सी संक्रमण
- एपस्टीन-बार वायरस
- ह्यूमन हर्पीसवायरस टाइप 8
- शिस्टोसोमा हेमेटोबियम
- ह्यूमन T-सेल लिम्फोट्रोपिक वायरस
- ओपिसथोर्किस विवरिनी और क्लोनोर्किस साइनेंसिस
- एस्बेस्टस
- आर्सेनिक
- बेंजीन
- बेरिलियम
- कैडमियम
- क्रोमियम
- डीजल इंजन एग्जॉस्ट
- फॉर्मेल्डिहाइड
- निकेल
- पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन
- सिलिका
- सल्फ्यूरिक एसिड
- ट्राइक्लोरोइथिलीन
-------------
स्रोत
Global and regional cancer burden attributable to modifiable risk factors to inform prevention
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।