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Ear Care Tips: सरसों का तेल कान में डालना सुरक्षित है या खतरनाक? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Wed, 08 Apr 2026 10:40 AM IST
सार
Putting Mustard Oil in Ear is Good or Bad: अक्सर आपने देखा होगा कि लोग कान साफ करने के लिए उसमें सरसों का तेल गर्म करके डाल लेते हैं, ये कितना सही है आइए जानते हैं।
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कान साफ करने का सही तरीका क्या है?
- फोटो : अमर उजाला
Putting Mustard Oil in Ear is Good or Bad: बहुत से लोग घर पर कान साफ करने के लिए घरेलू उपाय अपनाते हैं। इसमें एक ऐसा नुस्खा है, जो दादी-नानी के समय से अपनाया जा रहा है। इनमें से सबसे बड़ा नुस्खा होता है कान में सरसों का तेल डालना।
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कान साफ करने का सही तरीका क्या है?
- फोटो : AdobeStock
सरसों के तेल का इस्तेमाल
कई लोग मानते हैं कि सरसों का तेल कान के मोम को नरम कर सकता है और कान साफ करने में मदद करता है। लेकिन एक्सपर्ट्स कहते हैं कि सीधे कान में तेल डालना खतरनाक हो सकता है। ऐसा करने से कान की झिल्ली को चोट लग सकती है।
खासतौर पर अगर तेल संक्रमित या गंदा है तो कान में इन्फेक्शन हो सकता है। बच्चे और बुजुर्गों में इससे गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसलिए किसी भी प्रकार का तेल इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
कई लोग मानते हैं कि सरसों का तेल कान के मोम को नरम कर सकता है और कान साफ करने में मदद करता है। लेकिन एक्सपर्ट्स कहते हैं कि सीधे कान में तेल डालना खतरनाक हो सकता है। ऐसा करने से कान की झिल्ली को चोट लग सकती है।
खासतौर पर अगर तेल संक्रमित या गंदा है तो कान में इन्फेक्शन हो सकता है। बच्चे और बुजुर्गों में इससे गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसलिए किसी भी प्रकार का तेल इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
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कान साफ करने का सही तरीका क्या है?
- फोटो : Adobe Stock
सुरक्षित विकल्प
कान की सफाई के लिए कुछ आसान और सुरक्षित उपाय हैं:
कान की सफाई के लिए कुछ आसान और सुरक्षित उपाय हैं:
- डॉक्टर द्वारा सुझाए गए इयर इरिगेशन सेट का इस्तेमाल किया जा सकता है।
- कान में जमा मोम को सुरक्षित रूप से निकालने के लिए डॉक्टर की सलाह से ड्रॉप्स का इस्तेमाल किया जा सकता है।
- केवल कान के बाहरी हिस्से की सफाई करें।
- कभी भी गहराई में इयरबड न डालें, क्योंकि इससे कान की झिल्ली फट सकती है।
कान साफ करने का सही तरीका क्या है?
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कब डॉक्टर से मिलें
यदि आप लगातार कान में दर्द या जलन, कान में रुकावट या बजने की आवाज़, सुनाई कम होना, या सिरदर्द और चक्कर महसूस करें तो तुरंत ENT डॉक्टर से संपर्क करें। ये संकेत किसी गंभीर समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं और घरेलू उपायों से इसका समाधान नहीं होगा।
यदि आप लगातार कान में दर्द या जलन, कान में रुकावट या बजने की आवाज़, सुनाई कम होना, या सिरदर्द और चक्कर महसूस करें तो तुरंत ENT डॉक्टर से संपर्क करें। ये संकेत किसी गंभीर समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं और घरेलू उपायों से इसका समाधान नहीं होगा।
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कान साफ करने का सही तरीका क्या है?
- फोटो : Adobe Stock
घरेलू उपायों से बचें
सरसों का तेल, सरसों के बीज का पेस्ट, या किसी भी घरेलू तेल का सीधे कान में डालना कान की झिल्ली को नुकसान पहुंचा सकता है। घरेलू उपाय कभी-कभी संक्रमण या एलर्जी भी बढ़ा सकते हैं। सुरक्षित और प्रभावी तरीका हमेशा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही अपनाएं।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
सरसों का तेल, सरसों के बीज का पेस्ट, या किसी भी घरेलू तेल का सीधे कान में डालना कान की झिल्ली को नुकसान पहुंचा सकता है। घरेलू उपाय कभी-कभी संक्रमण या एलर्जी भी बढ़ा सकते हैं। सुरक्षित और प्रभावी तरीका हमेशा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही अपनाएं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।