{"_id":"6a38d67607e364be15069e92","slug":"side-effects-of-taking-calcium-tablets-daily-in-hindi-2026-06-22","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Kya Calcium Tablets Har Koi Kha Sakta Hai: बिना सलाह कैल्शियम सप्लीमेंट लेना कितना सही? जानें पूरी सच्चाई","category":{"title":"Health & Fitness","title_hn":"हेल्थ एंड फिटनेस","slug":"fitness"}}
Kya Calcium Tablets Har Koi Kha Sakta Hai: बिना सलाह कैल्शियम सप्लीमेंट लेना कितना सही? जानें पूरी सच्चाई
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Mon, 22 Jun 2026 12:34 PM IST
सार
Kya Calcium Tablets Har Koi Kha Sakta Hai: अक्सर हमने घरों में देखा है कि लोग कैल्शियम सप्लीमेंट बिना किसी डॉक्टर की सलाह के खाना शुरू कर देते हैं। ये कितना सही है, आज हम इसी बारे में आपसे बात करेंगे।
विज्ञापन
बिना सलाह कैल्शियम सप्लीमेंट लेना कितना सही?
- फोटो : AI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Kya Calcium Tablets Har Koi Kha Sakta Hai: आजकल हेल्थ को लेकर जागरूकता बढ़ने के साथ-साथ लोग विटामिन और मिनरल सप्लीमेंट्स का सेवन भी तेजी से करने लगे हैं। इनमें सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले सप्लीमेंट्स में कैल्शियम टैबलेट्स शामिल हैं। अक्सर लोग हड्डियों को मजबूत बनाने या कमजोरी दूर करने के लिए बिना डॉक्टर की सलाह के ही कैल्शियम की गोलियां लेना शुरू कर देते हैं। लेकिन क्या यह आदत सही है?
बिना सलाह कैल्शियम सप्लीमेंट लेना कितना सही?
- फोटो : Adobe Stock
कितना अहम है कैल्शियम?
कैल्शियम हमारे शरीर के लिए एक बेहद जरूरी मिनरल है, जो हड्डियों और दांतों की मजबूती के साथ-साथ मांसपेशियों के सही कामकाज और नर्व सिस्टम को सुचारू रखने में भी अहम भूमिका निभाता है। शरीर में इसकी कमी होने पर हड्डियां कमजोर हो सकती हैं, जो आगे चलकर ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का कारण बन सकती हैं। यही वजह है कि लोग अक्सर इसे सप्लीमेंट के रूप में लेना शुरू कर देते हैं, लेकिन यह हर किसी के लिए जरूरी नहीं होता।
कैल्शियम हमारे शरीर के लिए एक बेहद जरूरी मिनरल है, जो हड्डियों और दांतों की मजबूती के साथ-साथ मांसपेशियों के सही कामकाज और नर्व सिस्टम को सुचारू रखने में भी अहम भूमिका निभाता है। शरीर में इसकी कमी होने पर हड्डियां कमजोर हो सकती हैं, जो आगे चलकर ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का कारण बन सकती हैं। यही वजह है कि लोग अक्सर इसे सप्लीमेंट के रूप में लेना शुरू कर देते हैं, लेकिन यह हर किसी के लिए जरूरी नहीं होता।
बिना सलाह कैल्शियम सप्लीमेंट लेना कितना सही?
- फोटो : freepik.com
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर किसी व्यक्ति का खानपान संतुलित है और उसमें दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां, बादाम और अन्य कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ शामिल हैं, तो शरीर को प्राकृतिक रूप से पर्याप्त कैल्शियम मिल सकता है। ऐसे में सप्लीमेंट लेने की जरूरत नहीं पड़ती।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर किसी व्यक्ति का खानपान संतुलित है और उसमें दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां, बादाम और अन्य कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ शामिल हैं, तो शरीर को प्राकृतिक रूप से पर्याप्त कैल्शियम मिल सकता है। ऐसे में सप्लीमेंट लेने की जरूरत नहीं पड़ती।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिना सलाह कैल्शियम सप्लीमेंट लेना कितना सही?
- फोटो : adobestock
क्या बिना डॉक्टर की सलाह के इसे खा सकते हैं?
बिना डॉक्टर की सलाह के कैल्शियम टैबलेट्स का सेवन करना कई बार नुकसानदायक साबित हो सकता है। शरीर में कैल्शियम की अधिकता होने पर किडनी स्टोन बनने का खतरा बढ़ सकता है, साथ ही कब्ज, उल्टी, थकान और दिल की धड़कन में अनियमितता जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसके अलावा, अधिक कैल्शियम अन्य जरूरी मिनरल्स जैसे आयरन और जिंक के अवशोषण को भी प्रभावित कर सकता है।
बिना डॉक्टर की सलाह के कैल्शियम टैबलेट्स का सेवन करना कई बार नुकसानदायक साबित हो सकता है। शरीर में कैल्शियम की अधिकता होने पर किडनी स्टोन बनने का खतरा बढ़ सकता है, साथ ही कब्ज, उल्टी, थकान और दिल की धड़कन में अनियमितता जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसके अलावा, अधिक कैल्शियम अन्य जरूरी मिनरल्स जैसे आयरन और जिंक के अवशोषण को भी प्रभावित कर सकता है।
विज्ञापन
बिना सलाह कैल्शियम सप्लीमेंट लेना कितना सही?
- फोटो : Adobe Stock
कुछ विशेष परिस्थितियों में जैसे बुजुर्ग उम्र, गर्भावस्था, मेनोपॉज या डॉक्टर द्वारा जांच में कैल्शियम की कमी पाए जाने पर ही सप्लीमेंट लेने की सलाह दी जाती है। इन स्थितियों में भी खुराक और अवधि डॉक्टर द्वारा तय की जाती है।इसलिए सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि कैल्शियम सप्लीमेंट को कभी भी खुद से शुरू न करें, बल्कि पहले अपनी डाइट और शरीर की जरूरत का आकलन करें और उसके बाद ही विशेषज्ञ की सलाह लें।
-------------------------------------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
-------------------------------------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।