दुनियाभर में बढ़ती तमाम प्रकार की क्रॉनिक बीमारियों के खतरे को कम करने और स्वस्थ रहने के लिए खान-पान में सुधार सबसे जरूरी है। खान-पान में सुधार का मतलब है पौष्टिक आहार का सेवन और प्रोसेस्ड-जंक फूड्स से दूरी। पौष्टिक आहार से हमें शरीर के लिए आवश्यक विटामिन्स-मिनरल्स और जरूरी पोषक तत्व प्राप्त होते हैं। क्या आपका आहार ऐसा है जिससे शरीर को अच्छा पोषण और सभी जरूरी तत्व मिल पाएं?
सेहत की बात: क्या रोज सप्लीमेंट्स लेना ठीक है? आप भी कर रहे हैं ये गलती तो हो जाइए सावधान
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सप्लीमेंट्स यानी विटामिन्स, मिनरल्स, ओमेगा-3 कैप्सूल्स, प्रोटीन पाउडर आदि का चलन तेजी से बढ़ा है। पर क्या आप जानते हैं कि बिना डॉक्टर की सलाह के अगर आप सप्लीमेंट्स लेते रहते हैं तो इससे शरीर को कई प्रकार के नुकसान हो सकते हैं।
सप्लीमेंट के साइड-इफेक्ट्स
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सप्लीमेंट्स यानी विटामिन्स, मिनरल्स, ओमेगा-3 कैप्सूल्स, प्रोटीन पाउडर आदि का चलन तेजी से बढ़ा है। लोग इनका इस्तेमाल ऐसे करने लगे हैं मानो ये बीमारियों से बचने का रामबाण हो। पर क्या आप जानते हैं कि बिना डॉक्टर की सलाह के अगर आप सप्लीमेंट्स लेते रहते हैं तो इससे शरीर को कई प्रकार के नुकसान हो सकते हैं।
- इसी से संबंधित न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक प्रति वर्ष लगभग 23,000 लोग सप्लीमेंट्स के कारण होने वाले दुष्प्रभावों के चलते अस्पताल के आपातकालीन विभाग में आते हैं।
- इससे केवल युवा-वयस्क ही प्रभावित नहीं थे, 4 वर्ष से कम आयु के कई बच्चों में भी इसके दुष्प्रभाव जैसे एलर्जी संबंधी प्रतिक्रिया या पाचन संबंधी लक्षण (मतली, उल्टी, पेट दर्द) देखे गए हैं।
ज्यादा सप्लीमेंट लेना हो सकता है हानिकारक
हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की रिपोर्ट के अनुसार, फैट-सॉल्यूबल विटामिन्स जैसे (A, D, E, K) का अत्यधिक सेवन शरीर में जमा होकर टॉक्सिसिटी (विषाक्तता) पैदा कर सकता है।
- जरूरत से ज्यादा विटामिन-ए से लिवर डैमेज, ज्यादा मात्रा में आयरन की गोलियों के कारण कब्ज-उल्टी, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस का खतरा रहता है।
- अन्य कई प्रकार के सप्लीमेंट्स के कारण किडनी और लिवर पर भार बढ़ जाता है।
- कुछ सप्लीमेंट्स, जैसे विटामिन के, ब्लड थिनर्स के साथ रिएक्ट कर सकते हैं, जिसके कारण गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों का खतरा हो सकता है।
- इसी तरह विटामिन B6 की अधिक मात्रा तंत्रिकाओं को प्रभावित कर सकती है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
डॉक्टर कहते हैं खुद से सप्लीमेंट्स लेना कई बार फायदे की जगह नुकसानदायक हो सकता है। बिना जांच के आपको नहीं पता होता है कि शरीर में किस विटामिन-मिनरल की कमी या अधिकता है। ऐसे में बिना डॉक्टरी सलाह के इस तरह की गोलियां लेना शुरू कर देते हैं तो संभव है कि शरीर में उस खास पोषक तत्व की मात्रा बहुत अधिक हो जाए।
हर विटामिन-मिनरल जितना जरूरी है, उसकी अधिकता के उतने ही गंभीर दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं।
-----------
स्रोत
Emergency Department Visits for Adverse Events Related to Dietary Supplements
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

कमेंट
कमेंट X