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Monsoon Health Tips: बारिश में वायरल फीवर क्यों बढ़ जाता है? शरीर पर मौसम का असर समझें
Thu, 13 Aug 2026 01:49 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Thu, 13 Aug 2026 01:49 PM IST
सार
Symptoms of Viral Fever: अक्सर आपने देखा होगा कि बारिश के मौसम में वायरल फीवर के मामले काफी बढ़ जाते हैं। इनके पीछे क्या वजह है, आइए जानते हैं डिटेल में।
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मानसून में संक्रमण से बचने के उपाय
- फोटो : AI
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Symptoms of Viral Fever: मानसून शुरू होते ही अस्पतालों और क्लीनिकों में बुखार, सर्दी-जुकाम और कमजोरी की शिकायत लेकर पहुंचने वाले लोगों की संख्या बढ़ती दिखाई देती है। खासतौर पर वायरल फीवर को लेकर लोगों के मन में कई सवाल रहते हैं कि आखिर बारिश के मौसम में ही इसके मामले ज्यादा क्यों सामने आते हैं।
मानसून में संक्रमण से बचने के उपाय
- फोटो : Freepik.com
बारिश में वायरल फीवर के मामले क्यों बढ़ते हैं?
मानसून के दौरान वातावरण में नमी बढ़ जाती है। बारिश के कारण तापमान में भी बदलाव होता रहता है। इसके साथ ही लोगों की दिनचर्या प्रभावित होती है और कई बार घरों, स्कूलों, ऑफिस या अन्य बंद जगहों पर लोगों की मौजूदगी बढ़ जाती है। इससे श्वसन संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि बारिश के मौसम में होने वाला हर बुखार वायरल फीवर ही हो। बुखार कई अलग-अलग संक्रमणों का लक्षण हो सकता है।
मानसून के दौरान वातावरण में नमी बढ़ जाती है। बारिश के कारण तापमान में भी बदलाव होता रहता है। इसके साथ ही लोगों की दिनचर्या प्रभावित होती है और कई बार घरों, स्कूलों, ऑफिस या अन्य बंद जगहों पर लोगों की मौजूदगी बढ़ जाती है। इससे श्वसन संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि बारिश के मौसम में होने वाला हर बुखार वायरल फीवर ही हो। बुखार कई अलग-अलग संक्रमणों का लक्षण हो सकता है।
मानसून में संक्रमण से बचने के उपाय
- फोटो : Freepik.com
जमा पानी से बढ़ता है मच्छरों का खतरा
बारिश के बाद जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों को पनपने के लिए अनुकूल जगह मिलती है। इससे डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर छोटे कंटेनरों और जमा पानी में भी पनप सकते हैं। WHO के अनुसार बारिश और उसके बाद की गर्म-नम परिस्थितियां डेंगू के प्रसार को प्रभावित कर सकती हैं।
बारिश के बाद जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों को पनपने के लिए अनुकूल जगह मिलती है। इससे डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर छोटे कंटेनरों और जमा पानी में भी पनप सकते हैं। WHO के अनुसार बारिश और उसके बाद की गर्म-नम परिस्थितियां डेंगू के प्रसार को प्रभावित कर सकती हैं।
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मानसून में संक्रमण से बचने के उपाय
- फोटो : Freepik.com
वायरल फीवर के सामान्य लक्षण
वायरल संक्रमण के दौरान हर व्यक्ति में एक जैसे लक्षण नहीं दिखाई देते। आमतौर पर बुखार, थकान, सिरदर्द, शरीर में दर्द, गले में खराश, खांसी और नाक बहने जैसी परेशानी हो सकती है। कुछ मामलों में भूख कम लगना, कमजोरी, उल्टी या दस्त जैसी समस्या भी हो सकती है।
वायरल संक्रमण के दौरान हर व्यक्ति में एक जैसे लक्षण नहीं दिखाई देते। आमतौर पर बुखार, थकान, सिरदर्द, शरीर में दर्द, गले में खराश, खांसी और नाक बहने जैसी परेशानी हो सकती है। कुछ मामलों में भूख कम लगना, कमजोरी, उल्टी या दस्त जैसी समस्या भी हो सकती है।
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मानसून में संक्रमण से बचने के उपाय
- फोटो : Freepik.com
कब सावधान होना चाहिए?
अगर बुखार लगातार बना हुआ है या उसकी तीव्रता बढ़ रही है तो इसे सिर्फ मौसम का असर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। तेज बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी, लगातार उल्टी, तेज पेट दर्द, अत्यधिक कमजोरी या खून आने जैसे लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
अगर बुखार लगातार बना हुआ है या उसकी तीव्रता बढ़ रही है तो इसे सिर्फ मौसम का असर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। तेज बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी, लगातार उल्टी, तेज पेट दर्द, अत्यधिक कमजोरी या खून आने जैसे लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।