{"_id":"5ad999754f1c1b62098b58c5","slug":"these-7-ayurveda-remedies-will-cure-you-from-all-summer-diseases","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"आयुर्वेद के ये 7 नुस्खे रखेंगे आपको गर्मियों की हर बीमारी से दूर","category":{"title":"Fitness","title_hn":"फिटनेस","slug":"fitness"}}
आयुर्वेद के ये 7 नुस्खे रखेंगे आपको गर्मियों की हर बीमारी से दूर
वैद्य हरिकृष्ण पाण्डेय ‘हरीश’
Updated Mon, 23 Apr 2018 09:26 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आयुर्वेद की मान्यता है कि गर्मी से निजात पाने के लिए प्राकृतिक उपायों से बढ़कर कुछ भी नहीं। डॉक्टर्स भी इस बात को मानते हैं कि आयुर्वेद पद्धति के जरिए चिलचिलाती धूप और गर्मी से निजात पाई जा सकती है। गर्मी के अनुकूल अपनी दिनचर्या में बदलाव लाकर इस मौसम में भी सेहतमंद रहा जा सकता है, बशर्ते कि आप हर नियम को सख्ती से पालन करें। किसी को भरी दोपहर में पसीने से तर होने के बावजूद छींक तक नहीं आती, तो किसी को घर बैठे ही कई बीमारी घेर लेती हैं, क्योंकि हर व्यक्ति की प्रकृति अलग होती है।
रहन-सहन में बदलाव
पहनावे में सूती कपड़ों पर जोर दें। जब भी धूप में बाहर जाएं, तो छाता लेकर जाएं या खुद को सूती कपड़े से ढंककर ही जाएं। सिर ढकने के साथ-साथ आंखों को भी धूप से बचाना जरूरी है। प्रातः भ्रमण, व्यायाम प्राणायाम करना उपयोगी है। त्वचा की समस्या है, तो नारियल के तेल में कपूर मिलाकर लगाने से फायदा मिलता है। हरिद्रा खंड एक एक चम्मच सुबह-शाम खाली पेट लेना भी अच्छा रहता है।
पहनावे में सूती कपड़ों पर जोर दें। जब भी धूप में बाहर जाएं, तो छाता लेकर जाएं या खुद को सूती कपड़े से ढंककर ही जाएं। सिर ढकने के साथ-साथ आंखों को भी धूप से बचाना जरूरी है। प्रातः भ्रमण, व्यायाम प्राणायाम करना उपयोगी है। त्वचा की समस्या है, तो नारियल के तेल में कपूर मिलाकर लगाने से फायदा मिलता है। हरिद्रा खंड एक एक चम्मच सुबह-शाम खाली पेट लेना भी अच्छा रहता है।
भोजन के नियम
बाहर से आने के बाद तुरंत पानी न पिएं। अत्यंत शीतल पेय लेने से भी बचें। सबसे उत्तम है घड़े का पानी। इस मौसम में अधिक पानी पीना बीमारी से बचाव करता है। खाने में पथ्य, तला-भुना, चटपटा-मसालेदार खाना, तेज मिर्च, आचार, बेसन और मैदा की चीजें, राजमा, छोले, भैंस का दूध, सिघाड़ा, धूप में भ्रमण, कठोर परिश्रम आदि का त्याग करें। चिकने पदार्थ कफ बढ़ाते हैं। अतः इनसे परहेज करें।
बाहर से आने के बाद तुरंत पानी न पिएं। अत्यंत शीतल पेय लेने से भी बचें। सबसे उत्तम है घड़े का पानी। इस मौसम में अधिक पानी पीना बीमारी से बचाव करता है। खाने में पथ्य, तला-भुना, चटपटा-मसालेदार खाना, तेज मिर्च, आचार, बेसन और मैदा की चीजें, राजमा, छोले, भैंस का दूध, सिघाड़ा, धूप में भ्रमण, कठोर परिश्रम आदि का त्याग करें। चिकने पदार्थ कफ बढ़ाते हैं। अतः इनसे परहेज करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
फास्ट फूड से बचें
जौ, मूंग, मसूर, दही, छाछ, शर्बत, सत्तू, मौसमी फलों का रस, तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, गन्ने का रस, नारियल पानी, शिकंजी, पुदीना, आम, खीरा, कच्चा प्याज यथासंभव उपयोगी हैं। इन चीजों से पेट की सफाई होती है और अंदरूनी गर्मी शांत होती है। लेकिन फास्ट फूड से बचें तथा शीतल पेयों के स्थान पर दही, छाछ, नींबू की शिकंजी का प्रयोग करें।
जौ, मूंग, मसूर, दही, छाछ, शर्बत, सत्तू, मौसमी फलों का रस, तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, गन्ने का रस, नारियल पानी, शिकंजी, पुदीना, आम, खीरा, कच्चा प्याज यथासंभव उपयोगी हैं। इन चीजों से पेट की सफाई होती है और अंदरूनी गर्मी शांत होती है। लेकिन फास्ट फूड से बचें तथा शीतल पेयों के स्थान पर दही, छाछ, नींबू की शिकंजी का प्रयोग करें।
विज्ञापन
खीरा
भोजन ताजा तथा स्थिर होकर चबा-चबाकर करें। खाने में खीरा, ककड़ी और प्याज का सलाद फायदेमंद रहेगा। खाने के बीच में पानी न पिएं। बर्फ का पानी तो बिल्कुल नहीं। खाने के आधा घंटा बाद पानी पिएं, वह भी घूंट घूंट करके। यदि गुनगुना पानी लें, तो अति उत्तम। भोजन करने के बाद तुरंत सोए या लेटे नहीं। आवश्यक हो, तो एक घंटे बाद आराम करें।
भोजन ताजा तथा स्थिर होकर चबा-चबाकर करें। खाने में खीरा, ककड़ी और प्याज का सलाद फायदेमंद रहेगा। खाने के बीच में पानी न पिएं। बर्फ का पानी तो बिल्कुल नहीं। खाने के आधा घंटा बाद पानी पिएं, वह भी घूंट घूंट करके। यदि गुनगुना पानी लें, तो अति उत्तम। भोजन करने के बाद तुरंत सोए या लेटे नहीं। आवश्यक हो, तो एक घंटे बाद आराम करें।