दुनियाभर में क्रॉनिक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी ने जिन अंगों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है, किडनी उनमें से एक हैं। किडनी से संबंधित बीमारियां पहले उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्याएं मानी जाती थीं, हालांकि अब कम उम्र वाले, यहां तक कि बच्चों में भी किडनी की बीमारी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। किडनी स्टोन यानी किडनी में पथरी की समस्या सबसे ज्यादा देखी जा रही है।
Kidney Disease: आपकी 'हेल्दी आदत' ही तो नहीं बढ़ा रही है किडनी स्टोन का खतरा? डॉक्टरों ने किया सावधान
कैल्शियम और विटामिन-डी का ज्यादा मात्रा में और लंबे समय तक सेवन करने से किडनी में पथरी होने का खतरा बढ़ सकता है। कैल्शियम की मात्रा ज्यादा होने से है पेशाब में कैल्शियम का स्तर बढ़ जाता है, इससे किडनी स्टोन हो सकता है।
किडनी में स्टोन बनने का खतरा
किडनी में किसी समस्या के कारण जब कैल्शियम ऑक्सलेट, यूरिक एसिड जैसे पदार्थ ठीक तरीक से फिल्टर होकर शरीर से बाहर नहीं निकल पाते हैं तो इनके छोटे-छोटे क्रिस्टल मिलकर पथरी बनाने लगते हैं। पथरी के कारण अत्यधिक दर्द और असहजता हो सकती है। इसके अलावा कुछ और स्थितियां हैं जिनके कारण भी किडनी में पथरी होने का जोखिम बढ़ जाता है।
- कम पानी से पेशाब गाढ़ा हो जाता है जिससे पथरी होने की आशंका बढ़ जाती है।
- मोटापा और खानपान की गड़बड़ी जैसे जंक फ़ूड, नमक-चीनी ज्यादा खाना, फाइबर की कमी से भी पथरी होने का खतरा बढ़ता है।
आइए उस हेल्दी आदत के बारे में जान लेते हैं जिसके चलते भी लोगों में जाने-अनजाने किडनी स्टोन का जोखिम बढ़ता जा रहा है।
विटामिन-डी और कैल्शियम के सप्लीमेंट्स बढ़ा रहे हैं खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कई रिपोर्ट्स में अलर्ट किया जाता रहा है कि भारतीयों में विटामिन-डी और कैल्शियम की कमी का खतरा बढ़ता जा रहा है। इसका हड्डियों पर सीधा असर होता है।
इन पोषक तत्वों की कमी के लिए लोग लंबे समय तक या बिना डॉक्टरी सलाह के लिए सप्लीमेंट्स लेते रहते हैं। खुद को स्वस्थ बनाने के चक्कर में की जाने वाली ये गलती आप पर भारी पड़ सकती है।
- स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कैल्शियम और विटामिन डी का ज्यादा मात्रा में और लंबे समय तक एक साथ सेवन करने से किडनी में पथरी होने का खतरा बढ़ सकता है।
- ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि विटामिन डी का स्तर ज्यादा होने पर शरीर में कैल्शियम का अवशोषण भी ज्यादा होने लगता है, जिससे पेशाब में कैल्शियम का स्तर बढ़ जाता है।
- इसे हाइपरकैल्सीयूरिया कहते हैं और इसी वजह से ऐसे लोगों में पथरी बनने का खतरा भी बढ़ जाता है।
विटामिन-डी की अधिकता हो सकती है नुकसानदायक
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वैसे तो संतुलित मात्रा में और डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट्स लेना सुरक्षित है, पर इसकी ज्यादा डोज या लंबे समय तक सप्लीमेट्स लेने से जोखिम बढ़ सकता है।
- रोजाना 4,000 IU से ज्यादा विटामिन डी किडनी में पथरी होने का जोखिम बढ़ा सकती है।
- विटामिन-डी की अधिकता मात्रा आंतों में कैल्शियम का अवशोषण बढ़ा देती है, जिससे पेशाब के जरिए कैल्शियम का उत्सर्जन बढ़ जाता है।
- जिन मरीजो को पहले कभी किडनी में पथरी हुई हो, उनमें इसका जोखिम अधिक होता है।
- कैल्शियम सप्लीमेंट को हमेशा भोजन के साथ लेने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इन्हें अकेले लेने से भी पथरी बनने का खतरा ज्यादा देखा जाता रहा है।
कैसे जानें कहीं आपको तो नहीं हो गई है किडनी में पथरी?
किडनी में पथरी होने पर सबसे पहले पीठ या पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द होता रहता है। इसके साथ पेशाब करते समय जलन, खून आने, बार-बार पेशाब आने की दिक्कत देखी जाती है।
किडनी स्टोन के कारण आपको बार-बार बुखार और उल्टी की दिक्कत भी हो सकती है। अगर इस तरह की दिक्कतें हो रही हैं तो समय रहते डॉक्टर की सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।
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स्रोत:
Vitamin D and Calcium Supplementation and Urolithiasis: A Controversial and Multifaceted Relationship
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