लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी ने शरीर के जिन अंगों को सबसे ज्यादा क्षति पहुंचाई है, लिवर उनमें से एक है। लिवर हमारे शरीर के लिए बहुत ही जरूरी अंगों में से एक है जो 500 से ज्यादा काम करता है। लिवर शरीर का मुख्य डिटॉक्सिफायर होने के साथ मेटाबॉलिज्म को ठीक रखने और पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाने में मदद करता है, ऐसे में अगर इस अंग में कोई समस्या हो जाए तो पूरे शरीर पर इसका बुरा असर हो सकता है।
Fatty Liver: फैटी लिवर के शिकार लोगों के लिए अच्छी खबर, रिसर्च में पता चला इसे ठीक करने का आसान तरीका
फैटी लिवर की बीमारी दुनियाभर में तेजी से बढ़ती जा रही है, ये उन लोगों को भी अपना शिकार बना रही है जो शराब नहीं पीते हैं। एक नई स्टडी से विशेषज्ञों की टीम ने एक आम न्यूट्रिशन को फैटी लिवर बीमारी में काफी असरदार पाया है। आइए इस बारे में विस्तार से जान लेते हैं।
फैटी लिवर रोग में 'माइक्रोआरएनए-93' का रोल
दुनियभार में तेजी से बढ़ती फैटी लिवर की समस्या से कैसे निजात पाया जा सकता है, इसे समझने के लिए दक्षिण कोरिया के उल्सान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने अध्ययन किया।
- शोधकर्ताओं ने पाया कि 'माइक्रोआरएनए-93' नाम का एक छोटा सा मॉलिक्यूल इस बीमारी में एक अहम भूमिका निभाता है।
- माइक्रोआरएनए बहुत छोटे मॉलिक्यूल होते हैं जो यह नियंत्रित करते हैं कि जीन कैसे काम करते हैं?
- फैटी लिवर की बीमारी से पीड़ित लोगों में Mir-93 का स्तर काफी ज्यादा पाया जाता है।
विशेषज्ञों ने बताया कि इस समस्या के शिकार लोगों के लिए एक आम न्यूट्रिशन- विटामिन बी3 काफी फायदेमंद हो सकता है।
(जिस बीमारी के कारण पूर्व क्रिकेटर को हुआ था कोमा, अब कई देशों में तेजी से बढ़ रहे हैं इसके मामले)
अध्ययन में क्या पता चला?
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि दुनिया की करीब 30% आबादी लिवर की इस समस्या का शिकार है। मेटाबॉलिज्म जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन की रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने बताया कि आहार में अगर विटामिन-बी3 वाली चीजों का मात्रा बढ़ा ली जाए तो इस समस्या से काफी आराम पाया जा सकता है।
- अध्ययन में पाया गया है कि miR-93 मुख्यरूप से SIRT1 नाम के एक फायदेमंद जीन को रोककर लिवर की सेहत के लिए दिक्कतें बढ़ाता है।
- लिवर फैट को कैसे प्रोसेस करता है, इसमें SIRT1 जीन की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
- जब SIRT1 सही से काम नहीं कर पाता है, तो लिवर में फैट जमा होने लगता है। इससे सूजन, घाव और लिवर के काम करने की क्षमता में कमी आ जाती है।
विटामिन बी-3 से फैटी लिवर में मिल सकता है आराम
फैटी लिवर की समस्या को कम करने के लिए वैज्ञानिकों ने जीन-एडिटिंग तकनीकों का इस्तेमाल करके चूहों में miR-93 का लेवल कम किया। नतीजे काफी अच्छे रहे, समय के साथचूहों के लिवर में फैट कम होता गया, इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर हुई और लिवर की सेहत में सुधार आया। दूसरी ओर, miR-93 का लेवल ज्यादा होने पर स्थिति और भी खराब हो गई।
सबसे रोमांचक खोज तब सामने आई जब शोधकर्ताओं ने पहले से मौजूद 150 दवाओं का परीक्षण किया।
- उन्होंने पाया कि miR-93 का लेवल कम करने में विटामिन B3 (नियासिन) सबसे ज्यादा असरदार था।
- जिन चूहों को विटामिन बी-3 वाली चीजें या सप्लीमेंट्स दिए गए उनमें नियासिन ने SIRT1 की गतिविधि को फिर से बेहतर किया और लिवर में फैट के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाया।
- चूंकि विटामिन B3 का इस्तेमाल पहले से ही बड़े पैमाने पर होता है और इसे सुरक्षित माना जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि फैटी लिवर वालों में विटामिन बी-3 वाली डाइट या जरूरत होने पर सप्लीमेंट्स देना इलाज का एक नया और किफायती विकल्प हो सकता है। हालांकि, फैटी लिवर की बीमारी के इलाज में इसकी प्रभाविकता को साबित करने के लिए अभी और अधिक अध्ययन की जरूरत है।
खुद से विटामिन बी-3 सप्लीमेंट्स नहीं लेने चाहिए। प्राकृतिक स्रोतों से ही इस विटामिन की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है।
--------------
स्रोत:
Fatty liver breakthrough: A safe, cheap vitamin shows promise
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।