{"_id":"69cb77708ad45fb76a073bb4","slug":"symptoms-of-malaria-in-hindi-malaria-ke-lakshan-aur-upay-kya-hain-2026-03-31","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Symptoms Of Malaria: हो रहा है बुखार और लग रही है ठंड! कहीं ये मलेरिया तो नहीं? जानें इसके लक्षण और उपाय","category":{"title":"Health & Fitness","title_hn":"हेल्थ एंड फिटनेस","slug":"fitness"}}
Symptoms Of Malaria: हो रहा है बुखार और लग रही है ठंड! कहीं ये मलेरिया तो नहीं? जानें इसके लक्षण और उपाय
Sat, 25 Apr 2026 08:20 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Sat, 25 Apr 2026 08:20 PM IST
सार
Symptoms Of Malaria: गर्मी का मौसम आते ही मलेरिया के मामले बढ़ने लगते हैं। इसकी क्या वजह है और लक्षण क्या हैं, आज हम इसी बारे में आपसे बात करेंगे।
विज्ञापन
मलेरिया क्यों होता है?
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Symptoms Of Malaria: गर्मी का मौसम आते ही मलेरिया के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिलती है। ये एक मच्छरजनित रोग है जो व्यक्ति के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है। अक्सर लोग इसके बारे में पूरी तरह से जागरूक नहीं होते और शुरूआती लक्षणों को हल्के में ले लेते हैं। गर्मियों में पानी जमा होने और मच्छरों के प्रजनन के कारण यह बीमारी तेजी से फैलती है।
मलेरिया क्यों होता है?
- फोटो : Adobe Stock
मलेरिया क्यों होता है?
मलेरिया एक मच्छरजनित रोग है, जो प्लास्मोडियम नामक परजीवी के कारण होता है। यह परजीवी संक्रमित मच्छर के काटने के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है। गर्मी और बरसात के मौसम में पानी जमा होने से मच्छरों का प्रजनन तेज हो जाता है, जिससे मलेरिया फैलने का खतरा बढ़ जाता है। गंदगी और जल जमाव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोग अधिक जोखिम में होते हैं।
मलेरिया एक मच्छरजनित रोग है, जो प्लास्मोडियम नामक परजीवी के कारण होता है। यह परजीवी संक्रमित मच्छर के काटने के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है। गर्मी और बरसात के मौसम में पानी जमा होने से मच्छरों का प्रजनन तेज हो जाता है, जिससे मलेरिया फैलने का खतरा बढ़ जाता है। गंदगी और जल जमाव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोग अधिक जोखिम में होते हैं।
मलेरिया के लक्षण क्या हैं?
- फोटो : Adobe Stock
मलेरिया के लक्षण क्या हैं?
मलेरिया के प्रमुख लक्षणों में बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और कमजोरी शामिल हैं। कुछ मामलों में उल्टी, पेट दर्द और भूख में कमी भी दिखाई देती है। शुरुआती चरण में लक्षण हल्के हो सकते हैं, इसलिए अक्सर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। समय पर इलाज न मिलने पर यह रोग गंभीर रूप ले सकता है और अंगों पर भी असर डाल सकता है।
मलेरिया के प्रमुख लक्षणों में बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और कमजोरी शामिल हैं। कुछ मामलों में उल्टी, पेट दर्द और भूख में कमी भी दिखाई देती है। शुरुआती चरण में लक्षण हल्के हो सकते हैं, इसलिए अक्सर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। समय पर इलाज न मिलने पर यह रोग गंभीर रूप ले सकता है और अंगों पर भी असर डाल सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इससे बचाव के लिए क्या करें?
- फोटो : Adobe Stock
इससे बचाव के लिए क्या करें?
मलेरिया से बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग, शरीर को ढककर कपड़े पहनना, पानी के जमा स्थानों को साफ रखना और मच्छरदानी वाली स्प्रे का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा डॉक्टर की सलाह से समय पर दवा लेना भी जरूरी है। बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं इस रोग के प्रति अधिक संवेदनशील होती हैं।
मलेरिया से बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग, शरीर को ढककर कपड़े पहनना, पानी के जमा स्थानों को साफ रखना और मच्छरदानी वाली स्प्रे का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा डॉक्टर की सलाह से समय पर दवा लेना भी जरूरी है। बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं इस रोग के प्रति अधिक संवेदनशील होती हैं।
विज्ञापन
मलेरिया हो जाए तो क्या करें?
- फोटो : amar ujala
मलेरिया हो जाए तो क्या करें?
- यदि किसी को मलेरिया के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- समय पर सही दवा लेना बहुत जरूरी है।
- मरीज को पर्याप्त आराम और हाइड्रेशन की आवश्यकता होती है।
- घर में मच्छरदानी का उपयोग, पानी जमा न होने देना और मच्छरदानी या स्प्रे का प्रयोग करना चाहिए।
- बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं में मलेरिया गंभीर रूप ले सकता है, इसलिए इनकी विशेष देखभाल करनी चाहिए।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।