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Monsoon Health Tips: बारिश में इन्फेक्शन होने पर भूलकर भी न करें ये 6 गलतियां, वरना बिगड़ सकती है सेहत
Tue, 18 Aug 2026 01:52 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Tue, 18 Aug 2026 01:52 PM IST
सार
Health Care Tips: बारिश के मौसम में अगर आपकी तबीयत भी खराब हो रही है, तो कुछ गलतियों को करने से बचें। अगर आप ये गलतियां दोहराएंगे तो आपकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने की संभावना है।
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बारिश में इन्फेक्शन होने पर भूलकर भी न करें ये 6 गलतियां
- फोटो : AI
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Health Care Tips: बारिश का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन इस दौरान संक्रमण और पेट से जुड़ी समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है। दूषित पानी, अस्वच्छ भोजन, गंदे हाथ और आसपास जमा पानी कई तरह के संक्रमण फैलने की वजह बन सकते हैं। WHO के मुताबिक दूषित भोजन और पानी से होने वाली बीमारियों में दस्त, उल्टी, पेट दर्द और बुखार जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
बारिश में इन्फेक्शन होने पर भूलकर भी न करें ये 6 गलतियां
- फोटो : AI
बारिश में इन्फेक्शन होने पर न करें ये गलतियां
1. बिना सलाह के एंटीबायोटिक न लें
हर संक्रमण में एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती। खासकर वायरल बीमारी में खुद से एंटीबायोटिक लेना सही नहीं है। डॉक्टर की सलाह के बिना दवा शुरू करने से बचें।
2. पानी पीना कम न करें
बुखार, उल्टी या दस्त जैसी समस्या होने पर शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। WHO के अनुसार डायरिया में सबसे बड़ी चिंता डिहाइड्रेशन होती है। ऐसे में पर्याप्त सुरक्षित पानी और जरूरत के अनुसार ORS लेना महत्वपूर्ण हो सकता है।
1. बिना सलाह के एंटीबायोटिक न लें
हर संक्रमण में एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती। खासकर वायरल बीमारी में खुद से एंटीबायोटिक लेना सही नहीं है। डॉक्टर की सलाह के बिना दवा शुरू करने से बचें।
2. पानी पीना कम न करें
बुखार, उल्टी या दस्त जैसी समस्या होने पर शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। WHO के अनुसार डायरिया में सबसे बड़ी चिंता डिहाइड्रेशन होती है। ऐसे में पर्याप्त सुरक्षित पानी और जरूरत के अनुसार ORS लेना महत्वपूर्ण हो सकता है।
बारिश में इन्फेक्शन होने पर भूलकर भी न करें ये 6 गलतियां
- फोटो : AI
3. बाहर का अस्वच्छ खाना न खाएं
बारिश में खुले में रखा या संदिग्ध साफ-सफाई वाली जगह का खाना संक्रमण का जोखिम बढ़ा सकता है। WHO सुरक्षित भोजन के लिए साफ-सफाई, कच्चे और पके भोजन को अलग रखना, भोजन को अच्छी तरह पकाना और सुरक्षित पानी इस्तेमाल करने की सलाह देता है।
4. हाथों की सफाई को नजरअंदाज न करें
खाने से पहले और टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद साबुन से हाथ धोना संक्रमण के फैलाव को कम करने में मदद करता है।
बारिश में खुले में रखा या संदिग्ध साफ-सफाई वाली जगह का खाना संक्रमण का जोखिम बढ़ा सकता है। WHO सुरक्षित भोजन के लिए साफ-सफाई, कच्चे और पके भोजन को अलग रखना, भोजन को अच्छी तरह पकाना और सुरक्षित पानी इस्तेमाल करने की सलाह देता है।
4. हाथों की सफाई को नजरअंदाज न करें
खाने से पहले और टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद साबुन से हाथ धोना संक्रमण के फैलाव को कम करने में मदद करता है।
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बारिश में इन्फेक्शन होने पर भूलकर भी न करें ये 6 गलतियां
- फोटो : AI
5. बीमारी के लक्षणों को लंबे समय तक नजरअंदाज न करें
लगातार तेज बुखार, बार-बार उल्टी, खून वाले दस्त, बहुत कमजोरी, पेशाब कम होना या डिहाइड्रेशन के संकेत दिखें तो डॉक्टर से संपर्क करें। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
6. बिना धोए फल-सब्जियां न खाएं
कच्चे फल और सब्जियों को साफ पानी से अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें। कच्चे और पके भोजन के लिए अलग-अलग बर्तन या सतह रखने से भी क्रॉस-कंटैमिनेशन का जोखिम कम किया जा सकता है।
लगातार तेज बुखार, बार-बार उल्टी, खून वाले दस्त, बहुत कमजोरी, पेशाब कम होना या डिहाइड्रेशन के संकेत दिखें तो डॉक्टर से संपर्क करें। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
6. बिना धोए फल-सब्जियां न खाएं
कच्चे फल और सब्जियों को साफ पानी से अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें। कच्चे और पके भोजन के लिए अलग-अलग बर्तन या सतह रखने से भी क्रॉस-कंटैमिनेशन का जोखिम कम किया जा सकता है।
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बारिश में इन्फेक्शन होने पर भूलकर भी न करें ये 6 गलतियां
- फोटो : AI
इन बातों का भी रखें ध्यान
अगर तेज या लगातार बुखार, सांस लेने में परेशानी, बार-बार उल्टी-दस्त, बहुत ज्यादा कमजोरी, चक्कर, पेशाब कम आना या डिहाइड्रेशन जैसे लक्षण दिखाई दें, तो स्थिति को नजरअंदाज न करें और समय पर डॉक्टर से संपर्क करें। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में लक्षण गंभीर होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
अगर तेज या लगातार बुखार, सांस लेने में परेशानी, बार-बार उल्टी-दस्त, बहुत ज्यादा कमजोरी, चक्कर, पेशाब कम आना या डिहाइड्रेशन जैसे लक्षण दिखाई दें, तो स्थिति को नजरअंदाज न करें और समय पर डॉक्टर से संपर्क करें। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में लक्षण गंभीर होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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