दिमाग को तेज रखने, याददाश्त सुधारने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए सामान्यतौर पर बादाम खाने को सबसे फायदेमंद माना जाता रहा है, पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि बादाम के अलावा भी हमारे घरों में कई ऐसे खाद्य पदार्थ मौजूद होते हैं, जिन्हें अध्ययनों में काफी असरदार पाया गया है। अखरोट भी बादाम की ही तरह दिमाग को स्वस्थ और तेज बनाने वाला नट्स है जिसके सेवन की आदत आपकी सेहत को कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ दे सकती है।
Health Tips: अध्ययन में दावा- दिमाग के लिए सबसे फायदेमंद है इस चीज का सेवन, संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए भी माना जाता है वरदान
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मस्तिष्क को बनाए रखता है स्वस्थ और फिट
यह सिर्फ एक संयोग ही है कि अखरोट की बनावट मस्तिष्क की तरह होती है, शोध से पता चलता है कि यह वास्तव में दिमाग के लिए बहुत अच्छा होता है। अध्ययनों में पाया गया कि अखरोट में पॉलीअनसेचुरेटेड फैट, पॉलीफेनोल्स और विटामिन-ई सहित कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो मस्तिष्क को स्वस्थ बनाए रखने के साथ ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन को कम करने में मदद करते हैं। अल्जाइमर रोग से पीड़ितों में भी अखरोट के सेवन से लाभ देखे गए हैं।
टाइप-2 डायबिटीज में फायदेमंद
अखरोट, टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को कम करने में भी काफी फायदेमंद नट्स के तौर पर माना जाता रहा है। यह वजन को नियंत्रित करने में भी मदद करता है। अधिक वजन, ब्लड शुगर के लेवल को बढ़ाने का खतरा पैदा कर सकता है। टाइप-2 डायबिटीज वाले 100 लोगों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि 3 महीने तक रोजाना अखरोट या अखरोट के तेल का सेवन फास्टिंग ब्लड शुगर में 8 फीसदी तक की कमी ला सकता है।
वजन कंट्रोल रखने में सहायक
अध्ययनों से पता चलता है कि अखरोट खाने से आपको भूख नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है, जिससे वजन को कंट्रोल किया जा सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि वजन कंट्रोल करने की कोशिश में लगे लोगों के लिए अखरोट को आहार में शामिल करना बेहतर विकल्प हो सकता है। वजन बढ़ने से रोकने के कारण अखरोट का सेवन सेहत के लिए कई अन्य प्रकार से भी लाभप्रद हो सकता है।
ओमेगा-3 का बेहतर स्रोत
अखरोट, ओमेगा -3 फैट के सबसे अच्छे स्रोतों में से एक है। अन्य नट्स की तुलना में अखरोट (28-ग्राम) से 2.5 ग्राम की मात्रा में यह आवश्यक पोषक तत्व प्राप्त किया जा सकता है। अखरोट से प्राप्त ओमेगा-3 फैट को अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (एएलए) कहा जाता है। अध्ययनों से पता चला है कि प्रतिदिन आहार में एएलए वाली चीजों को शामिल करके हृदय रोगों से मृत्यु के जोखिम को 10% तक कम किया जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।