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Alert: गले पर परफ्यूम लगाते हैं तो हो जाएं सावधान, कहीं जानलेवा न बन जाए ये छोटी सी आदत?

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Mon, 16 Feb 2026 05:38 PM IST
सार

ज्यादातर परफ्यूम में खुशबू बनाए रखने के लिए सिंथेटिक केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है। इनमें से कई रसायन ऐसे होते हैं, जिनका सीधा संपर्क त्वचा और सांस के जरिए हमारे शरीर में हो सकता है। यही वजह है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ और संस्थाएं समय-समय पर इसके अत्यधिक उपयोग को लेकर अलर्ट जारी करती रही हैं।

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Why Spraying Perfume on the Neck is Risky thyroid problem and cancer risk
परफ्यूम लगाने की आदत है तो सावधान - फोटो : Adobe Stock Photos

शरीर को तरोताजा रखने, पसीने की बदबू कम करने के लिए हम सभी डियोड्रेंट्स-परफ्यूम का इस्तेमाल करते हैं। अच्छी खुशबू न केवल आपकी पर्सनालिटी को निखारती है, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ाती है। पर क्या ये आदत हमारी सेहत के लिए ठीक है? ये सवाल इसलिए खड़ा हो रहा है क्योंकि कई अध्ययन इस बात को लेकर अलर्ट करते हैं कि डियोड्रेंट्स-परफ्यूम में कुछ हानिकारक रसायन हो सकते हैं, जिनसे हमारी सेहत को गंभीर रूप से खतरा होता है।



कई अध्ययनों में इस बात को लेकर अलर्ट किया जाता रहा है कि डियोड्रेंट्स की खुशबू को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए इसमें ऐसे रसायन मिलाए जाते हैं जिनसे त्वचा संबंधी समस्याओं का जोखिम रहता है। इतनी ही नहीं कुछ अध्ययनों में इससे कैंसर के खतरे को लेकर भी सावधान किया गया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, विशेषतौर पर गले पर डियोड्रेंट या परफ्यूम्स को स्प्रे करना आपकी सेहत के लिए सबसे खतरनाक हो सकता है।

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Why Spraying Perfume on the Neck is Risky thyroid problem and cancer risk
परफ्यूम लगाने के क्या नुकसान हैं - फोटो : freepik.com

परफ्यूम में हो सकते हैं हानिकारक तत्व

ब्रेस्ट कैंसर प्रीवेंशन पार्टनर्स (बीसीपीपी) में छपे एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने परफ्यूम में मौजूद हानिकारक रसायनों और इसके कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर अलर्ट किया था। परफ्यूम और डियोड्रेंट में कई तरह के ऐसे सिंथेटिकों को भी मिलाया जाता है जो त्वचा को बहुत नुकसान पहुंचा सकती हैं। 
 

  • बीसीपीपी के पॉलीसी डायरेक्टर जेनेट न्यूडेलमैन ने एक रिपोर्ट में दावा किया कि इस तरह के उत्पादों में कम से कम 4000 तरह के रसायनों का प्रयोग किया जाता है लेकिन आप इन्हें परफ्यूम के बॉटल पर अंकित नहीं पाएंगे। कंपनियां लोगों से इन्हें छिपाकर रखती हैं। 
  • परफ्यूम में फ्थेलेट्स, मस्क कीटोन और फॉर्मलडिहाइड जैसे रसायनों को प्रयोग में लाया जाता है। फ्थेलेट्स के उपयोग को कई देशों ने बैन कर रखा है। 
  • इससे एकाग्रता में परेशानी, मस्तिष्क के विकास संबंधी दिक्कतों के साथ तंत्रिका तंत्र से संबंधित बीमारियां होने का डर रहता है।
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गले पर परफ्यूम लगाने से क्या होता है - फोटो : Adobe Stock Photos

गले पर परफ्यूम लगाना ज्यादा नुकसानदायक?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, चूंकि परफ्यूम और डियोड्रेंट में कई तरह रसायनों के लेकर पहले ही अलर्ट किया जा चुका है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, गर्दन पर सीधे परफ्यूम स्प्रे करना सबसे ज्यादा नुकसानदायक माना जाता है।

  • गले की त्वचा पतली और बहुत ज्यादा सोखने वाली होती है, जिससे थैलेट्स जैसे रसायन आसानी से खून के संपर्क में आ सकते हैं। 
  • बार-बार इनके इस्तेमाल से त्वचा में जलन, सूखापन, पिगमेंटेशन या एलर्जिक रिएक्शन हो सकते हैं।
  • परफ्यूम और डियोड्रेंट में मौजूद कई रसायनों को एंडोक्राइन डिसरप्टर्स भी माना जाता है जो शरीर के हार्मोन सिस्टम को प्रभावित करने वाले हो सकते हैं।

(इस दुर्लभ कैंसर को लेकर विशेषज्ञों ने किया सावधान, जानिए क्या हैं इसके लक्षण और कैसे पहचानें)
Why Spraying Perfume on the Neck is Risky thyroid problem and cancer risk
थायरॉइ़ड की समस्या का खतरा - फोटो : Adobe Stock

थायरॉइड की समस्या

जब हम  परफ्यूम और डियोड्रेंट को गले की त्वचा पर लगाते हैं तो इसका सीधा असर आपके थायरॉइड फंक्शन पर भी पड़ सकता है। 

  • गर्दन की स्किन पतली और बहुत ज़्यादा वैस्कुलराइज्ड होती है, जिससे परफ्यूम के रसायन ब्लड में तेजी से जा सकते हैं।
  • लंबे समय तक इन रसायनों के संपर्क में रहने को थायरॉइड ग्रंथि का कार्य प्रभावित हो सकता है। 
  • थायरॉइड हार्मोन शरीर में मेटाबॉलिज्म से लेकर कई महत्वूर्ण कार्यों में मदद करते हैं, यही कारण है कि इससे संपूर्ण सेहत को नुकसान हो सकता है।
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कैंसर के खतरे को लेकर सावधान - फोटो : Adobe Stock Images

कैंसर का बढ़ सकता है जोखिम

पेन मेडिसिन जर्नल में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक कुछ डियोड्रेंट्स में एल्यूमीनियम और पैराबीन्स जैसे यौगिक पाए गए हैं। त्वचा में ये यौगिक अवशोषित होकर गंभीर खतरे का कारण बन सकते हैं।

शोधकर्ताओं का कहना है कि वैसे तो डियोड्रेंट में प्रयोग में लाए जाने वाले एल्यूमीनियम या फिर पैराबीन्स यौगिकों को कैंसर कारक नहीं पाया गया है, हालांकि संवेदनशील त्वचा और जोखिम कारक वाले लोगों में इनका लंबे समय तक उपयोग करना गंभीर जटिलताओं को उत्पन्न कर सकता है। इससे कैंसर को खतरे को लेकर भी लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।


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स्रोत और संदर्भ


Evaluation of pollutants in perfumes, colognes and health effects on the consumer: a systematic review

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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